'श्रवण कुमार' की कांवड़ यात्रा: एक तरफ गंगाजल और दूसरी तरफ जननी, बेटों की बात सुन भर आएगा दिल
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। इसमें चार बेटे अपनी मां को पालकी में बैठाकर गंगाजल के साथ चल रहे हैं।
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यूपी के बुलंदशहर के सिकंदराबाद निवासी चार बेटे श्रवण बनकर एक तरफ पालकी में अपनी मां और दूसरी तरफ गंगाजल लेकर हरिद्वार से यात्रा कर रहे हैं। यह लोग परिवार के अन्य शिवभक्तों के साथ चल रहे हैं।
सिकंदराबाद निवासी ओमकार, सनी, नीरज और हेमंत अपनी मां रुमाली को अपने परिवार के अन्य शिवभक्तों विशाल, सरोज, शीला के साथ हरिद्वार से मां को पालकी में बैठाकर अपने कंधो पर लेकर चल रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। इसमें चार बेटे अपनी मां को पालकी में बैठाकर गंगाजल के साथ चल रहे हैं। इन शिवभक्तों ने बताया कि वह अपनी मां से बहुत प्रेम करते हैं। यही मां हमें इस संसार में लेकर आई तथा इन्होंने ही हमारा पालन पोषण किया है।
हर जन्म यही बने हमारी मां
रुमाली के शिवभक्त चारों बेटों का कहना था कि हम अपनी मां से बेहद प्रेम करते हैं। मां भी हमें प्रेम करती है। जीवन में कभी भी हमें किसी बात का अहसास नहीं होने दिया है। भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि हर जन्म में यही हमारी मां बने।