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Muzaffarnagar News: हाईकोर्ट के आदेश के बाद छिनी सहकारी बैंक के सभापति की कुर्सी

Wed, 16 Sep 2026 01:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:24 AM IST
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Following the High Court order, the chairman of the cooperative bank was stripped of his position.
मुजफ्फरनगर। सहकार से समृद्धि अभियान में समितियों का विस्तार करने के बाद पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के करीबी जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह के अलावा संचालक पंकज पाल और बिजेंद्र मलिक एडवोकेट की कुर्सी चली गई। हाईकोर्ट ने 27 पेज के फैसले में प्रतिनिधि समितियों के विभाजन के बाद संचालक पद को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाया। तीनों के चुनाव क्षेत्र वाली समितियों का विभाजन होने के कारण बोर्ड प्रतिनिधियों को समितियों का प्रतिनिधि नहीं माना गया।
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सहकारी बैंक के अध्यक्ष रामनाथ सिंह किसान सेवा समिति खेड़ा मस्तान, सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह मलिक पीना समिति और पूर्व अध्यक्ष सत्यपाल पाल के बेटे पंकज पाल मुजफ्फरनगर पश्चिमी समिति से बैंक प्रतिनिधि के तौर पर चुने गए थे। संचालक चुने जाने के बाद जून 2023 में ठाकुर रामनाथ सिंह को जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया था।
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याचिकाकर्ता बुढ़ाना के सचिन जैन की ओर से दाखिल की गई रिट में कहा गया था कि रामनाथ सिंह की समिति कुरालसी, पंकज पाल की समिति वहलना और बिजेंद्र मलिक की लकड़संधा हो गई है। ऐसे में समितियों के विभाजन के कारण इनकी पुरानी समिति का बोर्ड भंग हो गया है।
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अब वह प्रतिनिधि नहीं रहे। 19 अगस्त को हाईकोर्ट में इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया गया था। अब आदेश जारी कर दिए गए हैं। शामली और मुजफ्फरनगर की विभिन्न शाखाओं से चार लाख खाताधारक हैं।
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यह है बैंक का संचालक मंडल
जिला सहकारी बैंक में सभापति रामनाथ सिंह, उपसभापति मुकेश कुमार जैन, संचालक दिनेश कुमार, राहुल राणा, संजीव कुमार, राजू अहलावत, अनार सिंह, आशीष चौधरी, मुन्ना देवी, निर्भय त्यागी, पंकज पाल, बिजेंद्र सिंह मलिक और अमित चौधरी शामिल हैं।
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इस नियम के हिसाब से छिन गई सभापति की कुर्सी
मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट ने लिखा कि नियम 453 (1) (h) के अनुसार प्रबंधन समिति का कोई सदस्य अपने पद पर तब तक नहीं रह सकता जब तक वह समिति की आमसभा का सदस्य नहीं रह जाता। नियम 87 (ix) के अनुसार प्रतिवादी के पूर्व स्थापित समिति की आम सभा के प्रतिनिधि न रह जाने पर, वह बैंक की आम सभा के सदस्य के रूप में प्रतिनिधि के पद पर बने रहने का दावा नहीं कर सकते। फलस्वरूप, नियम 453 (1)(h) के अंतर्गत निर्धारित शर्त लागू होती है और प्रतिवादी को बैंक की प्रबंधन समिति के सदस्य के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रतिनिधि पद से हटने के बाद वह अध्यक्ष का पद धारण या प्रयोग नहीं कर सकते, जो उनके प्रतिनिधि के रूप में पद पर आधारित और निर्भर है। परिणामस्वरूप, प्रतिनिधि के रूप में अपना पद समाप्त होने पर प्रतिवादी को अध्यक्ष के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ब्यूरो
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दोनों जिलों में यह बनाई गई समितियां
नवगठित समितियों में लकड़संधा, शकरपुर, सिलाजुड्डी, वहलना, पचैंडा कलां, बलवा खेड़ी, बरला, दहचंद, कुरालसी, पावटी कलां, रामड़ा, झिंझाना, दभेड़ी खुर्द, गुज्जरपुर, हींड, मंदौरा, भनेड़ा, चौसाना, शामली उत्तरी, सिलावर, दुल्लाखेड़ी समितियां बनाई गई हैं।

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किसानों को किया लाभ, विधिक राय लेंगे : रामनाथ सिंह
फोटो
सहकारी बैंक के चेयरमैन ठाकुर रामनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने नई समितियां बनाकर किसानों का लाभ किया है। सरकार की योजना में यह अभियान चलाया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद वह विधिक राय लेंगे।
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