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सोलानी फिर उफनी, कई गांव जलमग्न, खेतों तक जाने के लिए नाव का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:54 AM IST
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पानी से होकर खेत पर जाता किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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खादर क्षेत्र में सोलानी नदी का पानी बढ़ जाने से कई गांव पानी की चपेट में आ गए, जिसके चलते जंगलों में कई फुट पानी जमा हो जाने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया और ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए। प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गुरुवार सवेरे अचानक आए सोलानी नदी के पानी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो जाने से दोपहर के बाद ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, पांचली आदि में जहां करीब दो फुट तक पानी जमा हो गया। वहीं जंगलों में करीब चार फुट तक पानी जमा हो जाने से शेरपुर आने वाले रास्ते पर पूरी तरह आवागमन बंद हो गया। रपटे पर भी करीब दो फुट पानी आ जाने से लक्सर मार्ग पर जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बाईक सवार यात्रियों को ट्रैक्टर आदि में रखकर बाइक को ले जाना पड़ा। इसके अलावा पैदल जाने वाले ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण राजू प्रजापति, अंकुश कुमार, सोमपाल, सतपाल, रिषीपाल, मांगेराम, साधुराम आदि का कहना है कि रात्री में पानी बढ़ने की उम्मीद को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से गांव में एक नांव लगाने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता का कहना है कि पानी आने की जानकारी नहीं मिली है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर जानकारी कराई जाएगी, उसके उपरांत ग्रामीणों को हरसंभव मदद कराई जाएगी।
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पहाड़ों पर हुई बारिश से शुक्रताल के ग्रामीण भयभीत
मोरना। शिवालिक क्षेत्र पहाड़ों में हो रही भारी वर्षा से गंगा का जल स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते शुक्रताल गंगा खादर क्षेत्र के गांवों में आबाद ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। बाढ़ की चिंता से भयभीत ग्रामीणों ने सजगता बढ़ा दी है। ब्लाक मोरना के गंगा किनारे आबाद गंाव मजलिसपुर तौफीर, खैरनगर, महाराजनगर, सिताबपुरी, इच्छावाला, हाजीपुर बरामदा, बिहारगढ़ आदि ग्रामीण गंगा का जल स्तर बढ़ जाने से चिंतित हो उठे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने के समाचार पाकर ग्रामीणों ने बाढ़ आ जाने के भय के चलते जाग कर रात गुजारी। चालीस से पचास फुट की गहराई पर गंगा नदी के डेल्टा क्षेत्र में आबाद गांवों में वर्षा के दिनों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। 16 जून 2014 को आई बाढ़ में इन क्षेत्रों में भारी तबाही मची थी, जिसका खौफ आज भी ग्रामीणों के दिमाग में घर किए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर नई पुलिया के निर्माण से बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है।
नई पुलिया के निर्माण से ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी को बह जाने का रास्ता मिलेगा तथा पानी के शीघ्र उतर जाने की संभावना रहेगी। ग्राम प्रधान शुक्रताल सुशील शर्मा, विनोद पंडित, बुद्धराम प्रधान, योगेश प्रधान, महेंद्र चौहान, योगेश मास्टर, डा. शिवकुमार, सुरेंद्र चौधरी, सरदार परविंदर, धर्मेंद्र शर्मा, सुबोध चौहान, शरद वत्स, डा. बुधराम, गोविंद शुक्ला आदि ने जिलाधिकारी से क्षेत्र का दौरा कर जान माल की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।
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गुरुवार सवेरे अचानक आए सोलानी नदी के पानी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो जाने से दोपहर के बाद ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, पांचली आदि में जहां करीब दो फुट तक पानी जमा हो गया। वहीं जंगलों में करीब चार फुट तक पानी जमा हो जाने से शेरपुर आने वाले रास्ते पर पूरी तरह आवागमन बंद हो गया। रपटे पर भी करीब दो फुट पानी आ जाने से लक्सर मार्ग पर जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बाईक सवार यात्रियों को ट्रैक्टर आदि में रखकर बाइक को ले जाना पड़ा। इसके अलावा पैदल जाने वाले ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण राजू प्रजापति, अंकुश कुमार, सोमपाल, सतपाल, रिषीपाल, मांगेराम, साधुराम आदि का कहना है कि रात्री में पानी बढ़ने की उम्मीद को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से गांव में एक नांव लगाने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता का कहना है कि पानी आने की जानकारी नहीं मिली है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर जानकारी कराई जाएगी, उसके उपरांत ग्रामीणों को हरसंभव मदद कराई जाएगी।
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पहाड़ों पर हुई बारिश से शुक्रताल के ग्रामीण भयभीत
मोरना। शिवालिक क्षेत्र पहाड़ों में हो रही भारी वर्षा से गंगा का जल स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते शुक्रताल गंगा खादर क्षेत्र के गांवों में आबाद ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। बाढ़ की चिंता से भयभीत ग्रामीणों ने सजगता बढ़ा दी है। ब्लाक मोरना के गंगा किनारे आबाद गंाव मजलिसपुर तौफीर, खैरनगर, महाराजनगर, सिताबपुरी, इच्छावाला, हाजीपुर बरामदा, बिहारगढ़ आदि ग्रामीण गंगा का जल स्तर बढ़ जाने से चिंतित हो उठे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने के समाचार पाकर ग्रामीणों ने बाढ़ आ जाने के भय के चलते जाग कर रात गुजारी। चालीस से पचास फुट की गहराई पर गंगा नदी के डेल्टा क्षेत्र में आबाद गांवों में वर्षा के दिनों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। 16 जून 2014 को आई बाढ़ में इन क्षेत्रों में भारी तबाही मची थी, जिसका खौफ आज भी ग्रामीणों के दिमाग में घर किए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर नई पुलिया के निर्माण से बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है।
नई पुलिया के निर्माण से ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी को बह जाने का रास्ता मिलेगा तथा पानी के शीघ्र उतर जाने की संभावना रहेगी। ग्राम प्रधान शुक्रताल सुशील शर्मा, विनोद पंडित, बुद्धराम प्रधान, योगेश प्रधान, महेंद्र चौहान, योगेश मास्टर, डा. शिवकुमार, सुरेंद्र चौधरी, सरदार परविंदर, धर्मेंद्र शर्मा, सुबोध चौहान, शरद वत्स, डा. बुधराम, गोविंद शुक्ला आदि ने जिलाधिकारी से क्षेत्र का दौरा कर जान माल की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।