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सात साल की कानूनी लड़ाई के बार हुआ पिता-पुत्री का मिलन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:00 AM IST
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कोर्ट के बाहर बैठे पिता और पुत्री।
- फोटो : अमर उजाला
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अपने 80 वर्षीय पिता को एक बार देखने की इच्छा रखने के लिए 55 साल की बेटी सात साल से न्यायालय के चक्कर लगा रही थी। डीएम ने बाप-बेटी को एक साथ अपने न्यायालय में बुलाकर उनका मिलन कराया। पिता को देखा तो बेटी गले मिलकर फूट-फूटकर रोने लगी।
शामली के टिटौली गांव के बलबीर की उम्र इस समय 80 वर्ष के लगभग है, उन्हें कम सुनाई देता है। दिमाग भी ज्यादा काम नहीं कर रहा। बलबीर को कोई बेटा नहीं है, केवल एक बेटी है। बेटी की शादी बुढ़ाना क्षेत्र के कुरावा गांव में हुई है। बेटी रमेशदेवी विधवा है। 55 साल की रमेश देवी बीते सात सालों से अपने पिता बलबीर की एक झलक देखने के लिए तड़प रही थी।
रमेश देवी का आरोप है कि उसके दूर के परिवार के लोगों ने पिता को कब्जे में ले रखा है। उससे वह मुलाकात नहीं कराने देते। डीएम के न्यायालय में उसने याचिका कर पिता को एक बार देखने की इच्छा जताई थी।
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बुधवार को डीएम डीके सिंह ने पुलिस को आदेश देकर बलबीर को सुरक्षा में अपने न्यायालय में बुलाया। न्यायालय में ही बेटी रमेश देवी से बलबीर की मुलाकात कराई। बलबीर ने बेटी से मुलाकात की। बेटी गले लगकर रोई भी, लेकिन बलबीर उसके साथ जाने को राजी नहीं हुए। डीएम के आदेश के बाद उसे फिर से वहीं भिजवा दिया, जहां से पुलिस लाई थी। रमेश देवी के वकील एसके मेहरा ने बताया कि बाप-बेटी का मिलन कानून के अनुसार कराया गया।
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शामली के टिटौली गांव के बलबीर की उम्र इस समय 80 वर्ष के लगभग है, उन्हें कम सुनाई देता है। दिमाग भी ज्यादा काम नहीं कर रहा। बलबीर को कोई बेटा नहीं है, केवल एक बेटी है। बेटी की शादी बुढ़ाना क्षेत्र के कुरावा गांव में हुई है। बेटी रमेशदेवी विधवा है। 55 साल की रमेश देवी बीते सात सालों से अपने पिता बलबीर की एक झलक देखने के लिए तड़प रही थी।
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रमेश देवी का आरोप है कि उसके दूर के परिवार के लोगों ने पिता को कब्जे में ले रखा है। उससे वह मुलाकात नहीं कराने देते। डीएम के न्यायालय में उसने याचिका कर पिता को एक बार देखने की इच्छा जताई थी।
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बुधवार को डीएम डीके सिंह ने पुलिस को आदेश देकर बलबीर को सुरक्षा में अपने न्यायालय में बुलाया। न्यायालय में ही बेटी रमेश देवी से बलबीर की मुलाकात कराई। बलबीर ने बेटी से मुलाकात की। बेटी गले लगकर रोई भी, लेकिन बलबीर उसके साथ जाने को राजी नहीं हुए। डीएम के आदेश के बाद उसे फिर से वहीं भिजवा दिया, जहां से पुलिस लाई थी। रमेश देवी के वकील एसके मेहरा ने बताया कि बाप-बेटी का मिलन कानून के अनुसार कराया गया।