{"_id":"58fbac784f1c1bb3748b4b2b","slug":"fake-cia-officer-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी सीआईए अफसर गिरफ्तार, आरोपी के कब्जे से फर्जी दो आई कार्ड बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी सीआईए अफसर गिरफ्तार, आरोपी के कब्जे से फर्जी दो आई कार्ड बरामद
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
पुलिस द्वारा पकड़ा गया फर्जी अफसर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतौली में अमेरिका का फर्जी सीआईए ऑफिसर बनकर लोगों को नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपयों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो फर्जी आईडी भी बरामद की हैं। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार की सुबह नगर के रहने वाले डॉ. पठान इस्तकार ने पुलिस को फोन करके बताया कि एक युवक जो अपने को सीआईए का ऑफिसर बताता है। उसने उसको सीआईए में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वह सीआईए में नौकरी लग जाने पर आईडी कार्ड लेकर बुढ़ाना रोड पर खड़ा है और फोन करके उससे एक लाख रुपये लाकर देनेे को कह रहा है।
इंस्पेक्टर ने एसआई अजय कुमार को पुलिस फोर्स के साथ बुढ़ाना रोड पर भेजा। एसआई ने उस युवक को पकड़ लिया और कोतवाली लाकर उससे सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ करने पर युवक फर्जी सीआईए ऑफिसर निकला। उसने अपना नाम हरियाणा के रोहतक में किला रोड निवासी श्यामलाल भागवत पुत्र बिजेंद्र भागवत बताया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दो आईडी कार्ड भी बरामद किए। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
साथी बदमाश सचिन एनकाउंटर में मारा गया
आरोपी फर्जी सीआईए आफिसर श्यामलाल भागवत का तीन युवकों का गिरोह था। जिनमें एक साथ साथी रोहतक का कुख्यात बदमाश सचिन था। जिस पर 30 संगीन मुकदमे दर्ज दर्ज थे। सचिन को रोहतक में पुलिस ने पिछले वर्ष एनकाउंटर में मार गिराया था। दूसरा साथी अखिलेश मिश्रा भी शातिर किस्म का बदमाश है। श्यामलाल भागवत सिर्फ ठगी करने का काम करता है। वह 20 दिन पूर्व ही यूपी में आया था और अलग अलग शहरों में दोस्त बनाकर उनके घर पर अब तक रहा।
आईबी के कार्ड भी बनाए
आरोपी श्यामलाल भागवत ने आईबी के कार्ड भी बनाए हैं। कार्ड बनाकर उसने दिल्ली, हरसियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करीब दर्जनों लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपयों की ठगी की है। आरोपी ने बताया कि वह इंटरनेट के जरिए कार्ड बनवाता था। जिनको बनवाने में करीब 300-400 रुपये का खर्च आता है।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार की सुबह नगर के रहने वाले डॉ. पठान इस्तकार ने पुलिस को फोन करके बताया कि एक युवक जो अपने को सीआईए का ऑफिसर बताता है। उसने उसको सीआईए में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वह सीआईए में नौकरी लग जाने पर आईडी कार्ड लेकर बुढ़ाना रोड पर खड़ा है और फोन करके उससे एक लाख रुपये लाकर देनेे को कह रहा है।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर ने एसआई अजय कुमार को पुलिस फोर्स के साथ बुढ़ाना रोड पर भेजा। एसआई ने उस युवक को पकड़ लिया और कोतवाली लाकर उससे सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ करने पर युवक फर्जी सीआईए ऑफिसर निकला। उसने अपना नाम हरियाणा के रोहतक में किला रोड निवासी श्यामलाल भागवत पुत्र बिजेंद्र भागवत बताया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दो आईडी कार्ड भी बरामद किए। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
साथी बदमाश सचिन एनकाउंटर में मारा गया
आरोपी फर्जी सीआईए आफिसर श्यामलाल भागवत का तीन युवकों का गिरोह था। जिनमें एक साथ साथी रोहतक का कुख्यात बदमाश सचिन था। जिस पर 30 संगीन मुकदमे दर्ज दर्ज थे। सचिन को रोहतक में पुलिस ने पिछले वर्ष एनकाउंटर में मार गिराया था। दूसरा साथी अखिलेश मिश्रा भी शातिर किस्म का बदमाश है। श्यामलाल भागवत सिर्फ ठगी करने का काम करता है। वह 20 दिन पूर्व ही यूपी में आया था और अलग अलग शहरों में दोस्त बनाकर उनके घर पर अब तक रहा।
आईबी के कार्ड भी बनाए
आरोपी श्यामलाल भागवत ने आईबी के कार्ड भी बनाए हैं। कार्ड बनाकर उसने दिल्ली, हरसियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करीब दर्जनों लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपयों की ठगी की है। आरोपी ने बताया कि वह इंटरनेट के जरिए कार्ड बनवाता था। जिनको बनवाने में करीब 300-400 रुपये का खर्च आता है।