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कुत्ते की तेरहवीं में जुटे शहर के लोग
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:46 PM IST
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कुत्ते को श्रद्धांजलि देते शहर के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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कांशीराम आवासीय कालोनी के लोगों ने एक कुत्ते की मौत पर उसकी रस्म तेरहवीं की। सुबह यज्ञ और हवन किया। इसके बाद दुपहर को ब्रह्मभोज का आयोजन किया, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कुत्ते की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
करीब सात साल पहले सर्कुलर रोड स्थित आवास विकास की शाकुंतलम योजना में कांशीराम आवासीय कालोनी का निर्माण हुआ था। जब कालोनी में आवंटी परिवार रहने गए तो वहां पर दो कुत्ते रहते थे, जिसमें एक की कुछ दिनों बाद ही मौत हो गई थी, तब कालोनी के लोगों ने उसकी रस्म तेरहवीं की थी। बीते सात साल से दूसरा कुत्ता कालोनी में रह रहा था, जिसका कालोनी के लोगों ने कालू नाम रखा।
यह कुत्ता पूरी कालोनी में घूमता था, मगर एक नर्सिंगहोम में कार्य करने वाले राकेश कुमार के यहां वह ज्यादा आता था। जिस कारण राकेश का परिवार उसकी अधिक देख रेख करता था। कुत्ता कालू सिर में लगी चोट के कारण बीते एक माह से बीमार था, जिसका कालोनी के लोग लगातार उपचार कर रहे थे, बावजूद उसके उसे बचाया नहीं जा सका और शनिवार की उसकी मौत हो गई। कालोनी वासियों ने विधि विधान से कालोनी में ही उसे दफनाया।
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राकेश कुमार ने कालोनी के लोगों से बातचीत कर उसकी तेरहवीं करने का निर्णय लिया। बुधवार को कालू की रस्म तेरहवीं मनाई गई। सुबह यज्ञ, हवन किया, जिसमें काफी लोगों आहुति दी। इसके बाद ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इसमें भी भारी संख्या में लोग शामिल हुए। कुत्ते की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संजय, पप्पू, सुरेश, संदीप, अमित, गोलू, मोनू, अनुज, सुरेश, संजीव, सुशील, सन्नी, धर्मेंद्र, सागर आदि शामिल रहे।
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करीब सात साल पहले सर्कुलर रोड स्थित आवास विकास की शाकुंतलम योजना में कांशीराम आवासीय कालोनी का निर्माण हुआ था। जब कालोनी में आवंटी परिवार रहने गए तो वहां पर दो कुत्ते रहते थे, जिसमें एक की कुछ दिनों बाद ही मौत हो गई थी, तब कालोनी के लोगों ने उसकी रस्म तेरहवीं की थी। बीते सात साल से दूसरा कुत्ता कालोनी में रह रहा था, जिसका कालोनी के लोगों ने कालू नाम रखा।
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यह कुत्ता पूरी कालोनी में घूमता था, मगर एक नर्सिंगहोम में कार्य करने वाले राकेश कुमार के यहां वह ज्यादा आता था। जिस कारण राकेश का परिवार उसकी अधिक देख रेख करता था। कुत्ता कालू सिर में लगी चोट के कारण बीते एक माह से बीमार था, जिसका कालोनी के लोग लगातार उपचार कर रहे थे, बावजूद उसके उसे बचाया नहीं जा सका और शनिवार की उसकी मौत हो गई। कालोनी वासियों ने विधि विधान से कालोनी में ही उसे दफनाया।
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राकेश कुमार ने कालोनी के लोगों से बातचीत कर उसकी तेरहवीं करने का निर्णय लिया। बुधवार को कालू की रस्म तेरहवीं मनाई गई। सुबह यज्ञ, हवन किया, जिसमें काफी लोगों आहुति दी। इसके बाद ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इसमें भी भारी संख्या में लोग शामिल हुए। कुत्ते की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संजय, पप्पू, सुरेश, संदीप, अमित, गोलू, मोनू, अनुज, सुरेश, संजीव, सुशील, सन्नी, धर्मेंद्र, सागर आदि शामिल रहे।