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बोले डीएम, चकबंदी वाले गांवों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई होगी
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मुजफ्फरनगर के जिला पंचायत सभागार में बैठक लेते डीएम।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बोले डीएम, चकबंदी वाले गांवों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई होगी
मुजफ्फरनगर। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि जिस ग्राम में चकबंदी है तथा वहां के किसान एवं ग्राम प्रधान गांव में चकबंदी नहीं चाहते, चकबंदी कमेटी के माध्यम से प्रस्ताव पास कराते हुए उस ग्राम को चकबंदी से मुक्त करा दिया जाए और जिस ग्राम में चकबंदी चल रही है, उनकी शिकायतें सहायक चकबंदी अधिकारी ग्राम में चौपाल लगाकर सुनेंगे।
मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि चकबंदी में 80 प्रतिशत मूल जोत से छेड़छाड़ की तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामों को चिह्नित करते हुए संबंधित अधिकारी उसी ग्राम में बैठक कर विवादों का निस्तारण कराएं। उप संचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में लंबित मुकदमों को यथाशीघ्र निस्तारण कराएं, साथ ही उक्त के स्तर से जिन ग्रामों में चकबंदी का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है या कार्य जारी है, उन्हें भी ग्राम में चौपाल लगाकर निस्तारण कराएं। शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चकबंदी को लेकर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के संबंध में भ्रष्टाचार या अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई होगी। बैठक में एडीएम वित्त आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी, उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी एवं ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि जिस ग्राम में चकबंदी है तथा वहां के किसान एवं ग्राम प्रधान गांव में चकबंदी नहीं चाहते, चकबंदी कमेटी के माध्यम से प्रस्ताव पास कराते हुए उस ग्राम को चकबंदी से मुक्त करा दिया जाए और जिस ग्राम में चकबंदी चल रही है, उनकी शिकायतें सहायक चकबंदी अधिकारी ग्राम में चौपाल लगाकर सुनेंगे।
मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि चकबंदी में 80 प्रतिशत मूल जोत से छेड़छाड़ की तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामों को चिह्नित करते हुए संबंधित अधिकारी उसी ग्राम में बैठक कर विवादों का निस्तारण कराएं। उप संचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में लंबित मुकदमों को यथाशीघ्र निस्तारण कराएं, साथ ही उक्त के स्तर से जिन ग्रामों में चकबंदी का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है या कार्य जारी है, उन्हें भी ग्राम में चौपाल लगाकर निस्तारण कराएं। शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चकबंदी को लेकर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के संबंध में भ्रष्टाचार या अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई होगी। बैठक में एडीएम वित्त आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी, उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी एवं ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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