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डीएम ने विजय सिंह को धरने से उठवाया, बोली, पांच मिनट में खाली कर दें कलक्ट्रेट, नहीं तो भेज दूंगी जेल

Thu, 19 Sep 2019 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 12:42 AM IST
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DM Muzaffarnagar raised Vijay Singh from dharna
मुजफ्फरनगर: डीएम के निर्देश के बाद तेईस साल पुराना धरना से सामान समेटते मास्टर विजय सिहं। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
डीएम ने विजय सिंह को धरने से उठवाया, बोलीं, पांच मिनट में खाली कर दें कलक्ट्रेट, नहीं तो भेज दूंगी जेल
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मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने पिछले 23 साल से कलक्ट्रेट में धरना दे रहे विजय सिंह को सुबह 9.15 बजे अपने ऑफिस में बुलाकर कहा कि पांच मिनट में कलक्ट्रेट खाली कर दें। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस और पीएसी भी बुला ली गई और कुछ मिनटों में धरना स्थल खाली करा दिया गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे लंबा धरना देने पर विजय सिंह का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्डस, एशिया बुक, इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, लिम्का बुक में दर्ज हो चुका है। वह 26 फरवरी 1996 से धरने पर बैठे हैं।

शामली के गांव चौसाना की तीन हजार बीघा सरकारी जमीन भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मांग को लेकर विजय सिंह 23 साल छह माह 22 दिन से यहां कलक्ट्रेट में धरनारत थे। बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया का सबसे लंबा धरना पांच मिनट में उठवा दिया गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने विजय सिंह को अपने ऑफिस में बुलाकर कहा कि वह पांच मिनट में कलक्ट्रेट खाली करें, नहीं तो जेल भेज दूंगी। डीएम ने कुछ ही देर में सिविल लाइन पुलिस और पीएसी बुला ली। कलक्ट्रेट परिसर में रखा विजय सिंह का सारा सामान आनन-फानन में ई-रिक्शा में भरकर कचहरी से बाहर कर दिया गया। सामान भरने के बाद विजय सिंह जब डीएम के ऑफिस में पहुंचे तो पुलिस कर्मियों को कहकर उनकी एंट्री बंद करा दी। विजय सिंह गेट से ही हाथ जोड़कर निकल लिए। कचहरी से उठाए गए विजय सिंह ने अपना धरना शिवचौक पर डाकखाने के कोने पर शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के जिले में आने तक वह यहां रहेंगे। साथ ही कहा कि किसी भी अफसर ने आज तक सरकारी जमीन खाली करने में तो कोई तेजी नहीं दिखाई, उन्हें धरना हटाने के लिए 24 घंटे का समय भी नहीं दिया गया। जब से वे धरने पर बैठे है जिले में 30 डीएम आ चुके हैं, यह पहली डीएम हैं, जिन्होंने इस तरह का व्यवहार किया है। मैं सरकार से साफ कहना चाहता हूं यदि मेरी मांग गलत है तो मुझे जेल भेज दें, मांग सही है तो जमीन खाली करा दें।
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