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‘कहीं भी चले जाओ, बिना पैसे ऋण नहीं मिलेगा’  

Thu, 27 Oct 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Thu, 27 Oct 2016 12:31 AM IST
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Demanding a bribe in the name of loan
रिश्वत। - फोटो : demo pic
मिनी कामधेनु डेयरी के ऋण के लिए आवेदन करने के बाद जटमुझेड़ा गांव निवासी राजेंद्र बैंक ऑफ बड़ौदा के चक्कर काट रहा है। 52 लाख के ऋण के लिए चार लाख की रिश्वत मांगी गई, नहीं दी तो फाइल वापस कर दी। दो लाख एडवांस देने के बाद फाइल वापस मंगाई गई। इसके बाद भी ऋण नहीं मिला तो बाकी के दो लाख भी दे दिए गए। पीड़ित ने बैंक अधिकारियों से पैसे मांगे तो उन्होंने डीएम से लेकर पीएम तक को बेईमान बता दिया। डीएम ने बैंककर्मियों की रिकार्डिंग सुनी तो सीधे मुकदमा दर्ज करने का आदेश कर दिया।  
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बैंकों में ऋण देने के नाम पर किस तरह की उगाही होती है, इसका एक ताजा उदाहरण सामने आया है। नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव जटमुझेड़ा के राजेंद्र पाल ने 12 अक्तूबर 2015 को मिनी कामधेनु डेयरी के लिए आवेदन किया था, जिसे जिला प्रशासन की कमेटी ने स्वीकृति दे दी। पशुपालन विभाग ने फाइल बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी। राजेंद्र ने प्रबंधक एससी शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने सीधे कहा कि ऋण लेना है तो कर्मचारी संजय से संपर्क करो। संजय ने बताया कि ऋण पर आठ प्रतिशत तक खर्च आता है, ऊपर तक देना पड़ता है।
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52 लाख पर चार लाख रुपये मांगे। पैसे देने से मना किया तो फाइल वापस भेज दी गई। दोबारा संपर्क किया तो साफ कहा किसी के पास चले जाओ, बिना पैसे दिए ऋण नहीं मिलेगा। मजबूरी में दो लाख एडवांस दे दिए गए। इसके बाद फिल्ड ऑफिसर पीके अग्रवाल ने कहा कि गांव से मिला 400 गज का प्लाट खरीदो। लगभग 16 लाख रुपये का प्लाट खरीदा गया। एक साल से लगातार कभी मैनेजर, कभी संजय और कभी फिल्ड ऑफिसर के चक्कर काटते रहे। 
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बाद में मैनेजर ने कहा कि 25 लाख का ऋण मिल पाएगा, बाकी बात संजय से करो। संजय ने कहा कि दो लाख और दीजिए, तब ऋण मिलेगा। दो लाख और दे दिए गए। इसके बाद भी पैसा नहीं मिला। मैनेजर ने कहा कि कुछ इंतजार करो। जब यह कहा कि आप चार लाख वापस कर दो, हमें ऋण नहीं लेना तो पैसे वापस देने से साफ मना कर दिया। कहा, सब चले गये जहां जाने थे।

मोबाइल पर हुए बात में बैंक कर्मी संजय ने कहा कि विकास भवन में सब पैसे लेते हैं। डीएम, सीएम और पीएम तक सब रिश्वत लेते हैं। कहीं शिकायत कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। परेशान राजेंद्र पाल ने बैंककर्मियों से हुई बातचीत की रिकार्डिंग डीएम डीके सिंह को सुनाई। रिकार्डिंग सुनते ही डीएम को गुस्सा आ गया, उन्होंने नई मंडी पुलिस को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए।       

टारगेट पूरा नहीं होने से डीएम परेशान      
मुजफ्फरनगर। मिनी कामधेनु डेयरी योजना में प्रदेश सरकार का टारगेट पूरा नहीं हो पाया है। जिला प्रशासन जिन लोगों को ऋण देने की संस्तुति करता है, बैंक उन्हें ऋण नहीं देते। बड़ी संख्या में लोग ऋण के लिए भटकते ही रह जाते हैं। डीएम डीके सिंह ने कहा कि राजेंद्र का मामला गंभीर है। रिश्वत लेने और परेशान करने वाले सभी बैंककर्मी जेल जाएंगे। कानून के दायरे में इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

शहर कोतवाली में होगा मुकदमा      
मुजफ्फरनगर। सीओ डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा अंसारी रोड पर है, इसलिए मुकदमा शहर कोतवाली में होगा। प्रार्थना पत्र नईमंडी से शहर कोतवाली भिजवाया गया है।       


विभागीय जांच में होगी कार्रवाई : जैन
मुजफ्फरनगर। बैंक ऑफ बड़ौदा के नवनियुक्त मैनेजर आरके जैन ने बताया की कामधेनु डेयरी के ऋण में रिश्वत मांगना गंभीर प्रकरण है। इस मामले में बैंक के उच्चाधिकारियों ने पहले ही जांच बैठा दी है। जल्द ही आरोपियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
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