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तलाकशुदा बीवी का अपहरण कर किया सामूहिक दुष्कर्म
ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 21 Nov 2018 11:55 PM IST
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मुजफ्फरनगर शहर निवासी महिला ने दिल्ली के जामियानगर बाटला हाउस निवासी पूर्व शौहर पर तलाक के बाद बेटी समेत अपहरण कर बंधक बनाकर रखते हुए ढाई माह तक सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी महिला ने बताया कि उसके शौहर दिल्ली के जामियानगर बाटला हाउस निवासी शाहआलम ने उसे विगत 19 जुलाई 2017 को तलाक दे दिया था। इसके बाद से ही वह दस साल की बेटी के साथ मायके में रह रही थी। 15 मई 2018 को बेटी के साथ मार्केट गई थी। आरोप है कि शाहबुद्दीनपुर रोड पर आरोपी गाड़ी में मिले और मां-बेटी को बेहोश कर अपहरण कर ले गए। होश आने पर महिला ने खुद को बाटला हाउस में एक क्लीनिक में पाया। अगले दिन शाहआलम महिला को घर ले गया, जहां हाथ-पैर बांधकर उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया। आरोप है कि इसके बाद अगले ढाई माह तक आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पीड़िता को नशे के इंजेक्शन दिए जाते थे। इस दौरान उसकी अपहृत बेटी को सहारनपुर के मोहन अंबेहटा में रखा गया।
पीड़िता का कहना है कि शाकिब नामक व्यक्ति की मदद से वह 30 जुलाई को बाटला हाउस से भाग निकली और मायके वालों की मदद से बेटी को भी सहारनपुर से छुड़ा लिया। आरोप है कि घटना की तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी शाहआलम के साथ ही रुखसार, साहिल निवासीगण बाटला हाउस, महफूज व शब्बो निवासीगण निरधना और अखलाक व रईसा निवासीगण मोहन अंबेहटा सहारनपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी महिला ने बताया कि उसके शौहर दिल्ली के जामियानगर बाटला हाउस निवासी शाहआलम ने उसे विगत 19 जुलाई 2017 को तलाक दे दिया था। इसके बाद से ही वह दस साल की बेटी के साथ मायके में रह रही थी। 15 मई 2018 को बेटी के साथ मार्केट गई थी। आरोप है कि शाहबुद्दीनपुर रोड पर आरोपी गाड़ी में मिले और मां-बेटी को बेहोश कर अपहरण कर ले गए। होश आने पर महिला ने खुद को बाटला हाउस में एक क्लीनिक में पाया। अगले दिन शाहआलम महिला को घर ले गया, जहां हाथ-पैर बांधकर उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया। आरोप है कि इसके बाद अगले ढाई माह तक आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पीड़िता को नशे के इंजेक्शन दिए जाते थे। इस दौरान उसकी अपहृत बेटी को सहारनपुर के मोहन अंबेहटा में रखा गया।
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पीड़िता का कहना है कि शाकिब नामक व्यक्ति की मदद से वह 30 जुलाई को बाटला हाउस से भाग निकली और मायके वालों की मदद से बेटी को भी सहारनपुर से छुड़ा लिया। आरोप है कि घटना की तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी शाहआलम के साथ ही रुखसार, साहिल निवासीगण बाटला हाउस, महफूज व शब्बो निवासीगण निरधना और अखलाक व रईसा निवासीगण मोहन अंबेहटा सहारनपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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