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ग्राहक बनकर आए, ठग लिए आठ लाख
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 11 Oct 2015 12:54 AM IST
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मुजफ्फरनगर। शहर के एक सेटरिंग दुकानदार को ग्राहक बनकर आए ठगों ने आठ लाख का चूना लगा दिया। ठग दुकानदार से पुरकाजी में फैक्ट्री लगाने के बहाने आठ लाख का सामान ले गए। बाद में बहाने से पीड़ित की बाइक भी ले उड़े।
आरोपियों द्वारा दिया गया चेक भी बैंक ने फर्जी बताया। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। ठगों में एक महिला भी शामिल बताई गई है।
शहर के रुड़की चुंगी के पास सरवट रोड निवासी रजनेश ने सेटरिंग के सामान की दुकान कर रखी है। रजनेश ने बताया कि गत 30 सितंबर को एक महिला पांच लोगों के साथ उसकी दुकान पर आई।
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साथ आए लोगों ने बताया कि वे लोग पुरकाजी में नेहा माड्यूलिंग के नाम से फैक्ट्री लगा रहे हैं। इस समय फैक्ट्री का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें लेंटर डालने के लिए ढूले का सामान चाहिए।
रजनेश ने सामान का बिल जोड़ा तो उसकी कीमत लगभग आठ लाख रुपये बैठ रही थी। पीड़ित ने सामान उधार देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे सात लाख रुपयों का एक्सिस बैंक का चेक थमा दिया।
गुरुवार को आरोपी दो ट्रकों में सामान लादकर ले गए। सामान भेजने के बाद आरोपी एटीएम से पैसे निकालकर देने की बात कहकर रजनेश की बाइक भी ले गए। उस दिन के बाद से आज तक आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
पीड़ित ने दिया गया चेक बैंक में लगाया तो वह भी फर्जी निकला। पीड़ित रजनेश ने एसओ सिविल लाइन को मामले से अवगत कराया। एसओ चंद्रकिरण यादव ने जांच कर मामले में कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित को दिया है।
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आरोपियों द्वारा दिया गया चेक भी बैंक ने फर्जी बताया। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। ठगों में एक महिला भी शामिल बताई गई है।
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शहर के रुड़की चुंगी के पास सरवट रोड निवासी रजनेश ने सेटरिंग के सामान की दुकान कर रखी है। रजनेश ने बताया कि गत 30 सितंबर को एक महिला पांच लोगों के साथ उसकी दुकान पर आई।
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साथ आए लोगों ने बताया कि वे लोग पुरकाजी में नेहा माड्यूलिंग के नाम से फैक्ट्री लगा रहे हैं। इस समय फैक्ट्री का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें लेंटर डालने के लिए ढूले का सामान चाहिए।
रजनेश ने सामान का बिल जोड़ा तो उसकी कीमत लगभग आठ लाख रुपये बैठ रही थी। पीड़ित ने सामान उधार देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे सात लाख रुपयों का एक्सिस बैंक का चेक थमा दिया।
गुरुवार को आरोपी दो ट्रकों में सामान लादकर ले गए। सामान भेजने के बाद आरोपी एटीएम से पैसे निकालकर देने की बात कहकर रजनेश की बाइक भी ले गए। उस दिन के बाद से आज तक आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
पीड़ित ने दिया गया चेक बैंक में लगाया तो वह भी फर्जी निकला। पीड़ित रजनेश ने एसओ सिविल लाइन को मामले से अवगत कराया। एसओ चंद्रकिरण यादव ने जांच कर मामले में कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित को दिया है।