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मिड-डे मील की ताहरी खाकर 36 बच्चे बीमार
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:34 AM IST
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शाहपुर। कसेरवा के एक ही कैंपस में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने से बच्चों की हालत बिगड़ गई। 36 बच्चों को पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते एक छात्रा को जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।
सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीडीओ, बीएसए और एसडीएम गांव पहुंचे और बच्चों का अपनी देखरेख में उपचार कराया।
कसेरवा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का मिड-डे मील एक ही जगह बनता है। सोमवार को बच्चों को मिड-डे मील में ताहरी दी गई। आरोप है कि ताहरी खाने के कुछ देर बाद ही चार-पांच बच्चों को उल्टी की शिकायत हुई। छुट्टी के बाद सभी बच्चे घर चले गए। शाम के समय अचानक कुछ बच्चों को पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई।
इन बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। प्रारंभ में 15 बच्चों के बीमार होने की सूचना आई। इसके बाद बीमार बच्चों की संख्या लगातार बढ़ने लगी और रात्रि तक यह संख्या 30 के लगभग पहुंच गई। सूचना पर जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
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सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा, बीएसए सतेंद्र कुमार, एसडीएम जेपी गुप्ता एवं बीएसए सुदर्शनलाल गांव में और अस्पताल पहुंचे। गंभीर हालत में एक छात्रा वर्षा को जिला मुख्यालय पर रैफर किया गया। शाहपुर के अस्पताल में छात्र सुबोध कुमार, सीनो, वर्षा और मानसी, मनीषा कक्षा छह, पूनम, शिवानी कक्षा सात, कक्षा दो की रीता, गुलिस्ता, कक्षा एक का अमित, आसिफ, सावेज और वंशिका, कक्षा तीन की सालिया, शाहिना, खुशनुुमा, रीना, कक्षा चार का शनि, कक्षा पांच की उमा शामिल हैं।
387 ने खाया था मिड-डे मील
बीएसए सतेंद्र कुमार का कहना है कि सोमवार को दोनों स्कूलों में 387 बच्चों की उपस्थिति है। इस सभी ने मिड-डे मील खाया है। यदि भोजन में कुछ गड़बड़ थी तो तुरंत असर होना चाहिए था। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अंधेरे में ही चला बच्चों का उपचार
शाम के समय जब बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, यहां न तो डॉक्टर था और अंधेरा छाया हुआ था। एक घंटे तक अंधेरे में ही उपचार शुरू हुआ। अधिकारियों के आने की सूचना पर डॉक्टर संजीव कुमार आए। अस्पताल में गंदगी का आलम यह है कि वार्ड के स्थान पर बच्चों का खुले में उपचार हुआ।
चार बच्चों की स्थिति ज्यादा खराब : सीडीओ
सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि चाइल्ड स्पेशलिस्ट से जांच कराने और दवा देने के बाद अधिकतम बच्चों को उनके घर वापस भेज दिया गया है। चार बच्चों को उल्टी और दस्त लगातार आने से उनका नियमित उपचार चल रहा है।
कोई भी बच्चा आउट ऑफ कंट्रोल नहीं है। बीमार सभी बच्चे एक ही गली के हैं। पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीडीओ, बीएसए और एसडीएम गांव पहुंचे और बच्चों का अपनी देखरेख में उपचार कराया।
कसेरवा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का मिड-डे मील एक ही जगह बनता है। सोमवार को बच्चों को मिड-डे मील में ताहरी दी गई। आरोप है कि ताहरी खाने के कुछ देर बाद ही चार-पांच बच्चों को उल्टी की शिकायत हुई। छुट्टी के बाद सभी बच्चे घर चले गए। शाम के समय अचानक कुछ बच्चों को पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई।
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इन बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। प्रारंभ में 15 बच्चों के बीमार होने की सूचना आई। इसके बाद बीमार बच्चों की संख्या लगातार बढ़ने लगी और रात्रि तक यह संख्या 30 के लगभग पहुंच गई। सूचना पर जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
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सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा, बीएसए सतेंद्र कुमार, एसडीएम जेपी गुप्ता एवं बीएसए सुदर्शनलाल गांव में और अस्पताल पहुंचे। गंभीर हालत में एक छात्रा वर्षा को जिला मुख्यालय पर रैफर किया गया। शाहपुर के अस्पताल में छात्र सुबोध कुमार, सीनो, वर्षा और मानसी, मनीषा कक्षा छह, पूनम, शिवानी कक्षा सात, कक्षा दो की रीता, गुलिस्ता, कक्षा एक का अमित, आसिफ, सावेज और वंशिका, कक्षा तीन की सालिया, शाहिना, खुशनुुमा, रीना, कक्षा चार का शनि, कक्षा पांच की उमा शामिल हैं।
387 ने खाया था मिड-डे मील
बीएसए सतेंद्र कुमार का कहना है कि सोमवार को दोनों स्कूलों में 387 बच्चों की उपस्थिति है। इस सभी ने मिड-डे मील खाया है। यदि भोजन में कुछ गड़बड़ थी तो तुरंत असर होना चाहिए था। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अंधेरे में ही चला बच्चों का उपचार
शाम के समय जब बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, यहां न तो डॉक्टर था और अंधेरा छाया हुआ था। एक घंटे तक अंधेरे में ही उपचार शुरू हुआ। अधिकारियों के आने की सूचना पर डॉक्टर संजीव कुमार आए। अस्पताल में गंदगी का आलम यह है कि वार्ड के स्थान पर बच्चों का खुले में उपचार हुआ।
चार बच्चों की स्थिति ज्यादा खराब : सीडीओ
सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि चाइल्ड स्पेशलिस्ट से जांच कराने और दवा देने के बाद अधिकतम बच्चों को उनके घर वापस भेज दिया गया है। चार बच्चों को उल्टी और दस्त लगातार आने से उनका नियमित उपचार चल रहा है।
कोई भी बच्चा आउट ऑफ कंट्रोल नहीं है। बीमार सभी बच्चे एक ही गली के हैं। पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।