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जिला योजना में 34 विभागों को एक पैसा भी नहीं मिला
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शाहपुर के कस्सावान में अख्तरी को पीएम आवास की किस्त नहीं मिलने पर मकान नहीं बन सका।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
कोरोना काल ने विकास योजनाओं को किया प्रभावित
मुजफ्फरनगर। इस साल कोविड-19 ने जिले में विकास योजनाओं को भी प्रभावित किया है। जिला योजना में यहां 50 विभागों की अलग-अलग विकास योजनाओं के लिए 328 करोड़ 36 लाख की डिमांड की गई थी। सरकार इसके मुकाबले अब तक केवल 32 करोड़ 56 लाख ही जारी कर पाई है। 34 विभाग ऐसे हैं, जिनको एक भी पैसा जारी नहीं हो पाया है। इस कारण विभागों में विकास का पहिया थम गया है।
जिला योजना में सभी विभागों के विकास की योजनाएं बनाई जाती है। जिले में 50 विभागों में विभिन्न योजनाओं की पूर्ति के लिए 328 करोड़ 36 लाख की डिमांड की गई थी। 2020-21 की योजना के नौ माह बीत गए हैं और केवल तीन माह ही बाकी है। इस योजना में जिले को केवल 32 करोड़ 54 लाख 56 हजार ही मिला है। 34 विभाग तो ऐसे हैं, जिन्हें एक भी पाई नहीं मिला। 16 विभाग ही ऐसे हैं, जिन्हें पैसा जारी किया गया, इनमें भी सबसे ज्यादा पैसा मनरेगा में ही जारी हुआ है। मनरेगा में 23 करोड़ 75 लाख 37 हजार की डिमांड थी। इसमें 22 करोड़ 90 लाख 76 हजार जारी हुआ है। कोरोना में बेरोजगारी के चलते सरकार ने मनरेगा पर सीधा फोकस किया। प्राथमिक शिक्षा में दो करोड़ 94 लाख और समाज कल्याण को तीन करोड़ तीस लाख जारी हुए हैं।
इनमें एक भी पैसा नहीं
मुजफ्फरनगर। सहकारिता विभाग, डीआरडीए, पंचायत राज विभाग, सड़क एवं पुल, परिवार कल्याण, आयुर्वेदिक चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा, ग्रामीण आवास, नगरीय विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, आईटीआई आदि विभाग को धनराशि मिली नही नहीं।
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सड़क और पुलों की योजनाएं अधूरी
जिला योजना में देहात में पुल और सड़कों के लिए 109 करोड़ नौ लाख 46 हजार की मांग की गई थी। योजना में जिले में दस सड़कों के बनाने का प्रस्ताव था और कई स्थानों पर पुलिस बननी थी। पैसा नहीं आने के कारण एक भी काम नहीं हो पाया। कई पात्रों को एक के बाद दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पीएम आवास के हजारों मकान अधर में लटके
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में हजारों मकान अधर में लटके हैं। नौ माह से इन परिवारों को मकान बनाने के लिए दूसरी और तीसरी किस्त जारी नहीं हो पाई है। इस योजना में जनपद की सभी दस निकायों में अब तक 14178 लोगों का चयन हुआ है। जिले की समस्त निकायों में केवल 6126 परिवार ही ऐसे है, जिन्हें तीनों किस्त का समस्त पैसा मिल चुका है। बाकी सभी की किस्त अधर में लटकी है।
पर्यटन के क्षेत्र में हुआ काम
कोरोना काल में भी सरकार का कुछ स्थानों पर फोकस हुआ। पर्यटन के लिए विकसित की जा रही हैदरपुर वैटलेंड में सुंदरीकरण के साथ ही कई कार्य हुए है। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में घाटों का निर्माण हुआ है। मुख्य द्वार बनाया गया है, इसके अलावा अन्य कई योजनाओं पर काम चल रहा है।
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मुजफ्फरनगर। इस साल कोविड-19 ने जिले में विकास योजनाओं को भी प्रभावित किया है। जिला योजना में यहां 50 विभागों की अलग-अलग विकास योजनाओं के लिए 328 करोड़ 36 लाख की डिमांड की गई थी। सरकार इसके मुकाबले अब तक केवल 32 करोड़ 56 लाख ही जारी कर पाई है। 34 विभाग ऐसे हैं, जिनको एक भी पैसा जारी नहीं हो पाया है। इस कारण विभागों में विकास का पहिया थम गया है।
जिला योजना में सभी विभागों के विकास की योजनाएं बनाई जाती है। जिले में 50 विभागों में विभिन्न योजनाओं की पूर्ति के लिए 328 करोड़ 36 लाख की डिमांड की गई थी। 2020-21 की योजना के नौ माह बीत गए हैं और केवल तीन माह ही बाकी है। इस योजना में जिले को केवल 32 करोड़ 54 लाख 56 हजार ही मिला है। 34 विभाग तो ऐसे हैं, जिन्हें एक भी पाई नहीं मिला। 16 विभाग ही ऐसे हैं, जिन्हें पैसा जारी किया गया, इनमें भी सबसे ज्यादा पैसा मनरेगा में ही जारी हुआ है। मनरेगा में 23 करोड़ 75 लाख 37 हजार की डिमांड थी। इसमें 22 करोड़ 90 लाख 76 हजार जारी हुआ है। कोरोना में बेरोजगारी के चलते सरकार ने मनरेगा पर सीधा फोकस किया। प्राथमिक शिक्षा में दो करोड़ 94 लाख और समाज कल्याण को तीन करोड़ तीस लाख जारी हुए हैं।
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इनमें एक भी पैसा नहीं
मुजफ्फरनगर। सहकारिता विभाग, डीआरडीए, पंचायत राज विभाग, सड़क एवं पुल, परिवार कल्याण, आयुर्वेदिक चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा, ग्रामीण आवास, नगरीय विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, आईटीआई आदि विभाग को धनराशि मिली नही नहीं।
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सड़क और पुलों की योजनाएं अधूरी
जिला योजना में देहात में पुल और सड़कों के लिए 109 करोड़ नौ लाख 46 हजार की मांग की गई थी। योजना में जिले में दस सड़कों के बनाने का प्रस्ताव था और कई स्थानों पर पुलिस बननी थी। पैसा नहीं आने के कारण एक भी काम नहीं हो पाया। कई पात्रों को एक के बाद दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पीएम आवास के हजारों मकान अधर में लटके
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में हजारों मकान अधर में लटके हैं। नौ माह से इन परिवारों को मकान बनाने के लिए दूसरी और तीसरी किस्त जारी नहीं हो पाई है। इस योजना में जनपद की सभी दस निकायों में अब तक 14178 लोगों का चयन हुआ है। जिले की समस्त निकायों में केवल 6126 परिवार ही ऐसे है, जिन्हें तीनों किस्त का समस्त पैसा मिल चुका है। बाकी सभी की किस्त अधर में लटकी है।
पर्यटन के क्षेत्र में हुआ काम
कोरोना काल में भी सरकार का कुछ स्थानों पर फोकस हुआ। पर्यटन के लिए विकसित की जा रही हैदरपुर वैटलेंड में सुंदरीकरण के साथ ही कई कार्य हुए है। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में घाटों का निर्माण हुआ है। मुख्य द्वार बनाया गया है, इसके अलावा अन्य कई योजनाओं पर काम चल रहा है।