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मुआवजा तय नहीं होने से गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर।
Updated Thu, 26 May 2016 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली। रेलवे विभाग द्वारा डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने के बाद मुआवजा तय नहीं करने से गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने रेलवे लाइन का दोहरीकरण कार्य ठप कर दिया। कार्यकर्ताओं ने ठेकेदार और कर्मचारियों को बंधक भी बना लिया। चेतावनी दी कि जब तक जमीन का मुआवजा तय नहीं होता, तब तक कार्य ठप रखा जाएगा।
मेरठ से लेकर टपरी तक डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर के लिए डबल लाईन निकाली जा रही है। इसके लिए रेलवे ने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया है। रेलवे विभाग की ओर से अभी तक भूमि का मुआवजा तय नहीं किया गया है। जिसको लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनप रहा था।
बुधवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव भैंसी के सामने चल रहे रेलवे दोहरीकरण कार्य को रुकवा दिया तथा जेसीबी को कब्जे में कर ली। वहां मौजूद एक रेलवे कर्मचारी तथा ठेकेदार को बंधक बना लिया। जिलाध्यक्ष का कहना था कि जनपद के 26 ग्रामों की 11 लाख मीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसके लिए एसएलओ शीतल प्रसाद ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए मात्र 100 करोड़ की डिमांड भेजी गई है, जो बेहद कम है।
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जब तक किसानों को 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी, तब तक जिले में कार्य ठप रखा जाएगा।
उन्होंने सक्षम प्राधिकारी जिले में ही रखने तथा आरबीटेटर भी जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को बनाए जाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जबरन कार्य करने का प्रयास किया गया तो रेलवे ट्रैक उखाड़ कर रेल यातायात को ठप कर दिया जाएगा।
भाकियू ने हाईवे बाईपास का भी 32 ग्रामों के किसानों के बकाया मुआवजा को तुरंत दिए जाने की मांग की। इस मौके पर जितेंद्र, सुनील प्रधान, कपिल सोम, राजेंद्र सठेडी, बिटटू तिगाई, संदीप, विशाल, आशू, मेहरबान, राजबीर सिंह, कंवर सिंह, रफीक, बालेंद्र, नेपाल, बालेराम, तेजपाल, शीशपाल, प्रवेंद्र ढाका, सतेंद्र ठाकुर आदि शामिल थे।
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मेरठ से लेकर टपरी तक डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर के लिए डबल लाईन निकाली जा रही है। इसके लिए रेलवे ने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया है। रेलवे विभाग की ओर से अभी तक भूमि का मुआवजा तय नहीं किया गया है। जिसको लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनप रहा था।
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बुधवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव भैंसी के सामने चल रहे रेलवे दोहरीकरण कार्य को रुकवा दिया तथा जेसीबी को कब्जे में कर ली। वहां मौजूद एक रेलवे कर्मचारी तथा ठेकेदार को बंधक बना लिया। जिलाध्यक्ष का कहना था कि जनपद के 26 ग्रामों की 11 लाख मीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसके लिए एसएलओ शीतल प्रसाद ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए मात्र 100 करोड़ की डिमांड भेजी गई है, जो बेहद कम है।
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जब तक किसानों को 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी, तब तक जिले में कार्य ठप रखा जाएगा।
उन्होंने सक्षम प्राधिकारी जिले में ही रखने तथा आरबीटेटर भी जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को बनाए जाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जबरन कार्य करने का प्रयास किया गया तो रेलवे ट्रैक उखाड़ कर रेल यातायात को ठप कर दिया जाएगा।
भाकियू ने हाईवे बाईपास का भी 32 ग्रामों के किसानों के बकाया मुआवजा को तुरंत दिए जाने की मांग की। इस मौके पर जितेंद्र, सुनील प्रधान, कपिल सोम, राजेंद्र सठेडी, बिटटू तिगाई, संदीप, विशाल, आशू, मेहरबान, राजबीर सिंह, कंवर सिंह, रफीक, बालेंद्र, नेपाल, बालेराम, तेजपाल, शीशपाल, प्रवेंद्र ढाका, सतेंद्र ठाकुर आदि शामिल थे।