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‘किलेबंदी’ में पैदल निकलना भी मुश्किल, राहगीर, कारोबारी और स्कूली बच्चे हुए हलकान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:38 AM IST
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बैरिकेडिंग के नीचे निकलते स्कूली बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की यातायात व्यवस्था से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। रुड़की रोड पर संपर्क मार्गों और गलियों में की गई बैरीकेडिंग से राहगीरों को काफी दूर का चक्कर काटना पड़ रहा है। कांवड़ियों के लिए जीटी रोड और शिव चौक पर की गई प्रशासन की ‘किलेबंदी’ से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। उधर, रुड़की रोड, जीटी रोड, शिव चौक और भगत सिंह रोड के दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो गया है।
नगर से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। किसी भी प्रकार के वाहनों पर जीटी रोड और शिव चौक पर आने की पाबंदी लगा दी है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर पहुंचने के लिए राहगीरों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। नागरिकों को रोजमर्रा के घरेलू सामान खरीद कर लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में जीटी रोड को केवल अस्पताल तिराहे और मीनाक्षी चौक पर ही आवागमन के लिए खोला गया है, जिस कारण यहां पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है।
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ई-रिक्शा, ऑटो का संचालन बंद रहने से गांव देहात से आने वाले राहगीरों को पैदल ही शहर में बाजारों, बस अड्डे, स्टेशन पर आना जाना पड़ रहा है। शिव चौक और जीटी रोड पर पैदल निकलना भी कठिन हो रहा है। वाहनों का संचालन बंद होने से स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। छोटे-छोटे बच्चे काफी दूर तक पैदल चल कर बैरीकेडिंग से निकल कर अपने घर और स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिव चौक क्षेत्र को केवल कांवड़ियों के लिए ही सुरक्षित करने पर यहां के दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। एसडी मार्केट के दुकानदारों का कारोबार भी कांवड़ यात्रा से प्रभावित है। जबकि होना यह चाहिए कि रुड़की रोड को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों और चौराहों शिव चौक, नावल्टी चौक, रामपुरम, नुमाइश कैंप पर आवागमन सुचारु रखने के लिए बैरीकेडिंग नहीं होनी चाहिए।
जोनल, सब जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट को आवश्यक दिशा-निर्देश
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी अफसरों को सजगता और सेवा भाव के साथ ड्यूटी करनी है। हमारा मकसद शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से यात्रा को संपन्न कराना है। हम ड्यूटी को बोझ समझकर नहीं, बल्कि यह समझकर करें कि हमें यह सौभाग्य मिला है।
जिला पंचायत के सभागार में कांवड़ यात्रा में लगाए गए सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सब जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक में डीएम ने कहा कि अनुमान के अनुसार जनपद से साढे़ तीन करोड़ कांवड़िये गुजरेंगे। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले इन कांवड़ियों की सेवा हमारा ध्येय रहना चाहिए। हमें कानून-व्यवस्था को बनाए रखते हुए यात्रा को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
हमें ड्यूटी को बोझ की तरह नहीं लेना है, बल्कि हम अपने को सौभाग्यशाली समझे कि हमें यह अवसर प्राप्त हुआ है। शिविर आदि को लेकर हम कोई नई परंपरा प्रारंभ नहीं करेंगे। प्रथम पाली के अधिकारी दूसरी पाली के अधिकारी के आने के बाद ही ड्यूटी छोड़ेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट एंबुलेंस 102/108 की स्थिति और डायल 100 के बारे में जानकारी रखेंगे कि उसके क्षेत्र में ये गाड़ी कहां खड़ी है।
साफ-सफाई के लिए ईओ और एएमए का नंबर हमारे पास होना चाहिए। सेक्टर क्षेत्र में जो भी कमियां हो उसे चिह्नित करें। अपने जोनल मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाएं। किसी भी प्रकार की कोई भी घटना हो तुरंत उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाएं। युवा कल्याण, नेहरु युवा केंद्र के कार्यकर्ता एनएसएस के विद्यार्थी व्यवस्था में सहयोग करेंगे।
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नगर से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। किसी भी प्रकार के वाहनों पर जीटी रोड और शिव चौक पर आने की पाबंदी लगा दी है।
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रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर पहुंचने के लिए राहगीरों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। नागरिकों को रोजमर्रा के घरेलू सामान खरीद कर लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में जीटी रोड को केवल अस्पताल तिराहे और मीनाक्षी चौक पर ही आवागमन के लिए खोला गया है, जिस कारण यहां पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है।
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ई-रिक्शा, ऑटो का संचालन बंद रहने से गांव देहात से आने वाले राहगीरों को पैदल ही शहर में बाजारों, बस अड्डे, स्टेशन पर आना जाना पड़ रहा है। शिव चौक और जीटी रोड पर पैदल निकलना भी कठिन हो रहा है। वाहनों का संचालन बंद होने से स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। छोटे-छोटे बच्चे काफी दूर तक पैदल चल कर बैरीकेडिंग से निकल कर अपने घर और स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिव चौक क्षेत्र को केवल कांवड़ियों के लिए ही सुरक्षित करने पर यहां के दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। एसडी मार्केट के दुकानदारों का कारोबार भी कांवड़ यात्रा से प्रभावित है। जबकि होना यह चाहिए कि रुड़की रोड को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों और चौराहों शिव चौक, नावल्टी चौक, रामपुरम, नुमाइश कैंप पर आवागमन सुचारु रखने के लिए बैरीकेडिंग नहीं होनी चाहिए।
जोनल, सब जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट को आवश्यक दिशा-निर्देश
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी अफसरों को सजगता और सेवा भाव के साथ ड्यूटी करनी है। हमारा मकसद शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से यात्रा को संपन्न कराना है। हम ड्यूटी को बोझ समझकर नहीं, बल्कि यह समझकर करें कि हमें यह सौभाग्य मिला है।
जिला पंचायत के सभागार में कांवड़ यात्रा में लगाए गए सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सब जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक में डीएम ने कहा कि अनुमान के अनुसार जनपद से साढे़ तीन करोड़ कांवड़िये गुजरेंगे। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले इन कांवड़ियों की सेवा हमारा ध्येय रहना चाहिए। हमें कानून-व्यवस्था को बनाए रखते हुए यात्रा को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
हमें ड्यूटी को बोझ की तरह नहीं लेना है, बल्कि हम अपने को सौभाग्यशाली समझे कि हमें यह अवसर प्राप्त हुआ है। शिविर आदि को लेकर हम कोई नई परंपरा प्रारंभ नहीं करेंगे। प्रथम पाली के अधिकारी दूसरी पाली के अधिकारी के आने के बाद ही ड्यूटी छोड़ेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट एंबुलेंस 102/108 की स्थिति और डायल 100 के बारे में जानकारी रखेंगे कि उसके क्षेत्र में ये गाड़ी कहां खड़ी है।
साफ-सफाई के लिए ईओ और एएमए का नंबर हमारे पास होना चाहिए। सेक्टर क्षेत्र में जो भी कमियां हो उसे चिह्नित करें। अपने जोनल मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाएं। किसी भी प्रकार की कोई भी घटना हो तुरंत उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाएं। युवा कल्याण, नेहरु युवा केंद्र के कार्यकर्ता एनएसएस के विद्यार्थी व्यवस्था में सहयोग करेंगे।