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सीडीओ का छापा, नौ कर्मचारी गैरहाजिर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर।
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। एक साथ कई जिलों का चार्ज लेने वाले अफसर अपने घर मौज मार रहे हैं। सीडीओ अंकित अग्रवाल के छापे में जहां दो जिलों के चार्ज वाले सभी अफसर गायब मिले, वहीं नौ कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। गायब अफसरों को नोटिस देकर उनका शेड्यूल पूछा गया है। सीडीओ ने सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। दफ्तरों में गंदगी फैली देखकर सीडीओ ने नाराजगी जताई। सीडीओ के छापे के दौरान विकास भवन में हड़कंप मचा रहा।
दो जिलों के चार्ज का लाभ उठाकर कुछ अफसर किसी भी जिले में नहीं बैठ रहे हैं। उच्चाधिकारियों को दूसरे जिले में होने का बहाना बनाते रहते हैं। गुरुवार को सीडीओ अंकित अग्रवाल ने विकास भवन का निरीक्षण किया तो डबल चार्ज वाला एक भी अधिकारी दफ्तर में नहीं मिला।
कर्मचारियों से अधिकारी के आने का दिन पूछा गया तो कोई कर्मचारी अफसर के आने का दिन और तारीख नहीं बता सके। हद तो यह है कि कई अधिकारी तो महज अपना वेतन लेने के लिए आते हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी पर मंडल के मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जिलों का चार्ज है।
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जिले में आने का उनका कोई दिन निर्धारित नहीं है। जिन ठेकेदारों के काम उनसे जुड़े हैं, वे उनके घर पर ही करा लेते हैं। नेडा के परियोजना अधिकारी भी ऑफिस में नहीं मिले और उन पर मुजफ्फरनगर के साथ ही मेरठ का चार्ज होना भी बताया गया है। यही हालत रामगंगा कमांड के अधिकारी की मिली, यानि दो जिलों के चार्ज वाला एक भी अफसर विकास भवन में नहीं मिला।
सीडीओ ने इन अधिकारियों को पत्र जारी कर पूछा है कि उन्होंने अपने ऑफिस के बाहर अपने बैठने का दिन और समय अंकित क्यों नहीं कर रखा है। वह बताएं कि वह कितने दिन ऑफिस बैठते हैं। छापे में सीडीओ अंकित अग्रवाल को पशुपालन विभाग में दो कर्मचारी सुनीता देवी, कपिल मोहन अरोरा, संजय कुमार, संजीव कुमार, पंकज अग्रवाल अनुपस्थित मिले। जिला पंचायत राज अधिकारी ऑफिस में धूमसिंह और प्रवीण कुमार मौके पर मौजूद नहीं पाए गए। नेडा में जेई अरुण शर्मा और लिपिक बीडी भारती अनुपस्थित पाए गए। एआर कोआपरेटिव कार्यालय में लिपिक राजीव लोचन त्रिपाठी लंबे समय से गायब पाया गया।
एआर प्रदीप सिंह ने बताया कि उसका वेतन भी जारी नहीं हो पा रहा है। सीडीओ ने बताया कि इन सभी का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। विकास भवन के कार्यालयों में गंदगी से सीडीओ नाराज दिखाई दिए।
बीड़ी के टुकड़े देख आया गुस्सा
मुजफ्फरनगर। सीडीओ को लघु सिंचाई विभाग में बड़े बाबू सुधीर की कुर्सी के चारों ओर जली हुई बीड़ी के टुकड़े और माचिस की तीली देखकर गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में धूम्रपान वर्जित है। यदि तुरंत सुधार नहीं हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टॉयलेट की बदबू से भागे
मुजफ्फरनगर। विकास भवन की तीसरी मंजिल पर बनी टॉयलेट की सफाई देखने सीडीओ अंदर घुसे तो बदबू के मारे बाहर भागना पड़ा। पूछा, लोग कैसे जाते हैं यहां टायलेट। टॉयलेट का हाल और दफ्तरों की गंदगी से सीडीओ सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों केे अपने ऑफिसों में सफाई के विशेष निर्देश दिए।
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दो जिलों के चार्ज का लाभ उठाकर कुछ अफसर किसी भी जिले में नहीं बैठ रहे हैं। उच्चाधिकारियों को दूसरे जिले में होने का बहाना बनाते रहते हैं। गुरुवार को सीडीओ अंकित अग्रवाल ने विकास भवन का निरीक्षण किया तो डबल चार्ज वाला एक भी अधिकारी दफ्तर में नहीं मिला।
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कर्मचारियों से अधिकारी के आने का दिन पूछा गया तो कोई कर्मचारी अफसर के आने का दिन और तारीख नहीं बता सके। हद तो यह है कि कई अधिकारी तो महज अपना वेतन लेने के लिए आते हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी पर मंडल के मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जिलों का चार्ज है।
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जिले में आने का उनका कोई दिन निर्धारित नहीं है। जिन ठेकेदारों के काम उनसे जुड़े हैं, वे उनके घर पर ही करा लेते हैं। नेडा के परियोजना अधिकारी भी ऑफिस में नहीं मिले और उन पर मुजफ्फरनगर के साथ ही मेरठ का चार्ज होना भी बताया गया है। यही हालत रामगंगा कमांड के अधिकारी की मिली, यानि दो जिलों के चार्ज वाला एक भी अफसर विकास भवन में नहीं मिला।
सीडीओ ने इन अधिकारियों को पत्र जारी कर पूछा है कि उन्होंने अपने ऑफिस के बाहर अपने बैठने का दिन और समय अंकित क्यों नहीं कर रखा है। वह बताएं कि वह कितने दिन ऑफिस बैठते हैं। छापे में सीडीओ अंकित अग्रवाल को पशुपालन विभाग में दो कर्मचारी सुनीता देवी, कपिल मोहन अरोरा, संजय कुमार, संजीव कुमार, पंकज अग्रवाल अनुपस्थित मिले। जिला पंचायत राज अधिकारी ऑफिस में धूमसिंह और प्रवीण कुमार मौके पर मौजूद नहीं पाए गए। नेडा में जेई अरुण शर्मा और लिपिक बीडी भारती अनुपस्थित पाए गए। एआर कोआपरेटिव कार्यालय में लिपिक राजीव लोचन त्रिपाठी लंबे समय से गायब पाया गया।
एआर प्रदीप सिंह ने बताया कि उसका वेतन भी जारी नहीं हो पा रहा है। सीडीओ ने बताया कि इन सभी का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। विकास भवन के कार्यालयों में गंदगी से सीडीओ नाराज दिखाई दिए।
बीड़ी के टुकड़े देख आया गुस्सा
मुजफ्फरनगर। सीडीओ को लघु सिंचाई विभाग में बड़े बाबू सुधीर की कुर्सी के चारों ओर जली हुई बीड़ी के टुकड़े और माचिस की तीली देखकर गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में धूम्रपान वर्जित है। यदि तुरंत सुधार नहीं हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टॉयलेट की बदबू से भागे
मुजफ्फरनगर। विकास भवन की तीसरी मंजिल पर बनी टॉयलेट की सफाई देखने सीडीओ अंदर घुसे तो बदबू के मारे बाहर भागना पड़ा। पूछा, लोग कैसे जाते हैं यहां टायलेट। टॉयलेट का हाल और दफ्तरों की गंदगी से सीडीओ सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों केे अपने ऑफिसों में सफाई के विशेष निर्देश दिए।