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Muzaffarnagar News: सीबीआई ने दाखिल नहीं किया जवाब, पेश किया गया गवाह
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रामपुर तिराहा कांड
प्रकरण की अगली सुनवाई 26 जून को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में गवाह अदालत में पेश हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने मामले की सुनवाई की है। उधर, मूल दस्तावेज गायब होने के मामले में सीबीआई ने जवाब दाखिल नहीं किया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि बृहस्पतिवार को गवाही की प्रक्रिया कराई गई। उधर, अदालत में सीबीआई ने अभी मुकदमे के मूल दस्तावेज गायब होने के विषय में कोई जवाब नहीं दाखिल किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 26 जून को होगी।
ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी। इसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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प्रकरण की अगली सुनवाई 26 जून को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में गवाह अदालत में पेश हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने मामले की सुनवाई की है। उधर, मूल दस्तावेज गायब होने के मामले में सीबीआई ने जवाब दाखिल नहीं किया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि बृहस्पतिवार को गवाही की प्रक्रिया कराई गई। उधर, अदालत में सीबीआई ने अभी मुकदमे के मूल दस्तावेज गायब होने के विषय में कोई जवाब नहीं दाखिल किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 26 जून को होगी।
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ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी। इसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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