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कस्बे के अंदर नहीं आतीं बसें, यात्री परेशान
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मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। कस्बे के अंदर लंबे रूट की बसें नहीं आने से कस्बे और क्षेत्र के लोग परेशान हैं। कई बार अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब सात वर्ष पूर्व पुरकाजी बाईपास बनने के बाद से ही उत्तराखंड की समस्त बसें व उत्तर प्रदेश रोडवेज की लंबे रूट की बसें कस्बे में ना आकर बाईपास से गुजरनी शुरू हो गयी थी। तभी से मेरठ व दिल्ली और अन्य शहरों में जाने वाले यात्रियों को करीब दो किमी दूर बाईपास पर जाकर घंटों तक इंतजार कर बसें पकड़नी पड़ती हैं। हाल यह है कि रात में बाहर से आने वाले यात्रियों को बसों के चालक बाईपास पर उतार देते हैं। जिन्हें दो किमी पैदल चलकर अपने घरों पर आना पड़ता है। क्षेत्रीय विधायक प्रमोद उटवाल व नगर चेयरमैन जहीर फारूकी द्वारा भी कई बार एआरएम रोडवेज से समस्या का समाधान करने के लिए कहा जा चुका है, मगर आज तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। चेयरमैन जहीर फारूकी का कहना है कि इस संबंध में कई बार एआरएम रोडवेज को कस्बे में बुलाकर बात की जा चुकी है। मगर आज तक समाधान नहीं हुआ है।
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करीब सात वर्ष पूर्व पुरकाजी बाईपास बनने के बाद से ही उत्तराखंड की समस्त बसें व उत्तर प्रदेश रोडवेज की लंबे रूट की बसें कस्बे में ना आकर बाईपास से गुजरनी शुरू हो गयी थी। तभी से मेरठ व दिल्ली और अन्य शहरों में जाने वाले यात्रियों को करीब दो किमी दूर बाईपास पर जाकर घंटों तक इंतजार कर बसें पकड़नी पड़ती हैं। हाल यह है कि रात में बाहर से आने वाले यात्रियों को बसों के चालक बाईपास पर उतार देते हैं। जिन्हें दो किमी पैदल चलकर अपने घरों पर आना पड़ता है। क्षेत्रीय विधायक प्रमोद उटवाल व नगर चेयरमैन जहीर फारूकी द्वारा भी कई बार एआरएम रोडवेज से समस्या का समाधान करने के लिए कहा जा चुका है, मगर आज तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। चेयरमैन जहीर फारूकी का कहना है कि इस संबंध में कई बार एआरएम रोडवेज को कस्बे में बुलाकर बात की जा चुकी है। मगर आज तक समाधान नहीं हुआ है।
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