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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Bungling in the recruitment of staff nurses, the disclosure

स्टाफ नर्सों की भर्ती में गोलमाल से हड़कंप

Thu, 14 Apr 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 14 Apr 2016 12:27 AM IST
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मुजफ्फरनगर में सीएमओ ऑफिस के खेल भी निराले हैं। ताजा मामला एनआरएचएम के अंतर्गत नर्सों की भर्ती में सामने आया है। जनपदीय चयन समिति ने 17 स्टाफ नर्सों की भर्ती कर जो सूची चस्पा की थी, उसमें से तीन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र ही नहीं दिए गए। यानी रिक्त 14 पदों पर विभाग ने 17 की नियुक्ति कैसे कर दी। 
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और खतौली ुे नवजात शिशु यूनिट के लिए कुल 17 स्टाफ नर्सों की भर्ती की गई। पूरी प्रक्रिया के बाद जनपदीय चयन समिति ने छह जनवरी, 2016 के साक्षात्कार के आधार पर तीन एमबीबीएस चिकित्सक, 17 स्टाफ नर्स, 14 एएनएम, एक-एक न्यूट्रीशियन, लैब टेक्निशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ब्लाक लेखा प्रबंधक का चयन किया गया। चयन में बरती गई अनियमितता उस समय सामने आई, जब सीएमओ ऑफिस में चयनित स्टाफ नर्सों की सूची चस्पा की गई। चयनित स्टाफ नर्स में सामान्य वर्ग से आठ, ओबीसी से पांच और एससी वर्ग से चार अभ्यर्थी शामिल हैं। 
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विभागीय गड़बड़झाला यह है कि एक अप्रैल को चयनित स्टाफ नर्स में से तीन को सीएमओ ने ज्वाइन कराने से इंकार कर दिया। केवल 14 नर्सों को नियुक्ति पत्र दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जारी सूची में स्टाफ नर्सों की चयन वरीयता को भी दरकिनार कर दिया गया। अनविता शर्मा, ममता चौधरी, अलका नेहरा के बाद सूची में जिन नर्सों को चयनित किया गया था, उन्हें नियुक्ति पत्र दे दिए गए। सवाल यह है कि जब 14 स्टाफ नर्सों के लिए ही शासन से अनुमति थी तो फिर 17 नर्सों          की नियुक्ति सूची कैसे जारी हो गई। ज्वाइनिंग का मामला आया तो अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए। 
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अलग-अलग वजह बताकर सीएमओ ऑफिस ने पल्ला झाड़ लिया है। तत्कालीन डीएम निखिलचंद्र शुक्ला की नौ मार्च को अनुमति के बाद एनआरएचएम में नियुक्तियों का रिजल्ट जारी किया गया था। अपने साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए छल से परेशान वंचित स्टाफ नर्सें कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
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