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नहर की पटरी टूटी, फसलें जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:12 AM IST
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चौगामा नहर की टूटी पटरी को देखते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बुढ़ाना के गांव परासौली और जौला के जंगल से गुजर रही चौगामा नहर की पटरी टूटने से करीब 100 बीघा फसल जल मग्न हो गई। किसानों ने मामले की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन मौके पर कोई भी नहीं पहुंचा। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।
चौगामा नहर में इस समय बारिश का पानी आया हुआ है। मंगलवार को दोपहर के समय अचानक नहर की पटरी टूट गई। जिससे जौला और परासौली निवासी अफसर, चुन्नी, इंतू, इस्लामू, अलीजान, बल्लम, मूहरू, पूरण, अनिल, अमरीश, होशयारा, फूल सिंह, अतर सिंह और राजेंद्र आदि किसानों की करीब 100 फसल जल मग्न हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि नहर टूटने की सूचना उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने अधिकारियों से तुरंत नहर को बंद कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी से बर्बाद हुई उनकी फसलों का मुआवजा नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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चौगामा नहर में इस समय बारिश का पानी आया हुआ है। मंगलवार को दोपहर के समय अचानक नहर की पटरी टूट गई। जिससे जौला और परासौली निवासी अफसर, चुन्नी, इंतू, इस्लामू, अलीजान, बल्लम, मूहरू, पूरण, अनिल, अमरीश, होशयारा, फूल सिंह, अतर सिंह और राजेंद्र आदि किसानों की करीब 100 फसल जल मग्न हो गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि नहर टूटने की सूचना उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने अधिकारियों से तुरंत नहर को बंद कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी से बर्बाद हुई उनकी फसलों का मुआवजा नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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