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नहर की पटरी टूटी, दो गांवों सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:56 AM IST
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फसलों को देखते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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कुरथल और बड़कता गांव के जंगल में चौगामा नहर टूटने के कारण दोनों गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल जल भराव के कारण बर्बाद हो गई है। चौगामा नहर परियोजना में अचानक पानी आने के कारण स्थिति गंभीर है। नहर की सफाई न होने के कारण पानी के बहाव में रूकावट आने से बृहस्पतिवार को सुबह बड़कता व कुरथल के जंगल में नहर टूटने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई।
इस जलभराव में गांव बड़कता निवासी नाहर सिंह, सुशील, राज सिंह, सौराज, तिलकराम, बलराम, अंकित आदि की गेहूं की फसल नष्ट हो गई। गांव कुरथल निवासी मोटा, खड़क सिंह, बालेश, कृष्णा, अंकित, राजन, सत्यपाल तथा गुड्डू की फसल में पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि नहर टूटने के संबंध में उन्होंने विभाग के अधिकारियों तथा उपजिलाधिकारी को भी सूचना देकर स्थिति से अवगत कराया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने उच्चाधिकारियों से नहर का पानी बंद कर टूटी पटरी के निर्माण और फसलों के नुकसान का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।
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इस जलभराव में गांव बड़कता निवासी नाहर सिंह, सुशील, राज सिंह, सौराज, तिलकराम, बलराम, अंकित आदि की गेहूं की फसल नष्ट हो गई। गांव कुरथल निवासी मोटा, खड़क सिंह, बालेश, कृष्णा, अंकित, राजन, सत्यपाल तथा गुड्डू की फसल में पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि नहर टूटने के संबंध में उन्होंने विभाग के अधिकारियों तथा उपजिलाधिकारी को भी सूचना देकर स्थिति से अवगत कराया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने उच्चाधिकारियों से नहर का पानी बंद कर टूटी पटरी के निर्माण और फसलों के नुकसान का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।
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