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भाकियू ने कर्मचारी के हाथ बांधे, सीओ से हाथापाई
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 10 Dec 2016 12:04 AM IST
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एसई कार्यालय पर कर्मचारी के हाथ बांधते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर। भाकियू जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज होने से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। एसई कार्यालय पर तोड़फोड़ कर फर्नीचर निकालकर बाहर फेंक दिया और अपना ताला जड़ दिया। एक कर्मचारी ने विरोध किया तो उसके हाथ बांध दिए। बाद में एक्सईएन दफ्तर पर भी गुस्सा उतारा। यहां भी हंगामा किया और तालाबंदी कर दी। कार्यकर्ताओं ने टायर से आग लगाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने महावीर चौक पर जाम लगा दिया। एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ भी नोकझोंक हुई। सीओ सिटी से अभद्रता और हाथापाई की गई। बाद में कार्यकर्ताओं ने दो दिन में मुकदमा वापस लिए जाने का अल्टीमेटम देकर जाम खोला।
बीते सप्ताह खतौली एक्सईएन कार्यालय पर जर्जर तार बदलवाने की मांग को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत और ब्लॉक अध्यक्ष कपिल सोम ने धरना दिया था। जिलाध्यक्ष ने कार्यालय पर वेल्डिंग कर तालाबंदी कर दी थी। इसको लेकर विद्युत विभाग की ओर से खतौली कोतवाली में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, कपिल सोम समेत दर्जनों लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
मुकदमा दर्ज होने से भाकियू में उबाल आ गया। शुक्रवार को ब्लॉक अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बलवंत सिंह बाग स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने एसई कार्यालय में तोड़फोड़ कर कुर्सी-बेंच बाहर फेंक दिए। कर्मचारियों के विरोध किया तो एक कर्मी के गमछे से हाथ बांध दिए। इसके बाद चैनर में तालाबंदी कर दी। यहां पर बात न बनने पर कार्यकर्ता जीआईसी मैदान के पास एक्सईएन दफ्तर पहुंच गए। यहां कोई अधिकारी नहीं मिला तो कार्यकर्ताओं ने टायर में आग लगाने की कोशिश की और तालाबंदी कर दी। बाद में नारेबाजी कर महावीर चौक पर जाम लगा दिया। हंगामा और जाम की सूचना पाकर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह एवं सीओ सिटी तेजवीर सिंह मौके पर पहुंचे।
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कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्युत विभाग काम करने के बजाए लोगों पर मुकदमा दर्ज करा रहा है। मुकदमा वापस न होने पर चारों ओर से जिले की सीमा पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। महावीर चौक पर एसटी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ कार्यकर्ताओं की काफी देर तक नोकझोंक हुई। सीओ सिटी से अभद्रता करते हुए हाथापाई की गई। खूब हंगामा हुआ। एसपी सिटी ने उचित कार्रवाई की बात कही, मगर कार्यकर्ता मुकदमा वापस लेने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक वार्ता के बाद कार्यकर्ताओं ने दो दिन का अल्टीमेटम देकर जाम खोला। पूरे हंगामे के दौरान पुलिस अधिकारी असहाय बने खड़े रहे। इस दौरान चौराहे पर जाम के कारण राहगीर फंसे रहे। जाम लगाने वालों में विनय प्रधान, अहसान त्यागी, सतीश भारद्वाज, इंद्रपाल, पीयूष, संजीव प्रधान, सुशीला देवी, तौहिद, लीलू चौधरी, राजेंद्र भगत, जीवेंद्र सिंह, नौमान त्यागी, मुबारिक राव, उमेश ठाकुर आदि शामिल रहे।
पुलिस पलटी, कहा साक्ष्य नहीं मिले
खतौली। एसएसपी बबलू कुमार जिले से बाहर हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह पर कप्तान का चार्ज है। भाकियू ने जैसे ही मुजफ्फरनगर में दबंग तरीके से प्रदर्शन किया, वैसे ही पुलिस बैकफुट पर आ गई। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि एक्सईएन की ओर से दी गई तहरीर की जांच-पड़ताल में जिलाध्यक्ष राजू अहलावत और ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि खतौली में एक्सईएन दफ्तर के मुख्य गेट पर तालेबंदी कर भाकियू कार्यकर्ताओं ने वेल्डिंग कर दरवाजा बंद कर दिया था। शुक्रवार को भाकियू ने जिस तरीके से महावीर चौक स्थित एक्सईएन दफ्तर में हंगामा किया, उसके बाद प्रशासन अपने ही फैसले से पीछे हट गया है।
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बीते सप्ताह खतौली एक्सईएन कार्यालय पर जर्जर तार बदलवाने की मांग को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत और ब्लॉक अध्यक्ष कपिल सोम ने धरना दिया था। जिलाध्यक्ष ने कार्यालय पर वेल्डिंग कर तालाबंदी कर दी थी। इसको लेकर विद्युत विभाग की ओर से खतौली कोतवाली में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, कपिल सोम समेत दर्जनों लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
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मुकदमा दर्ज होने से भाकियू में उबाल आ गया। शुक्रवार को ब्लॉक अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बलवंत सिंह बाग स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने एसई कार्यालय में तोड़फोड़ कर कुर्सी-बेंच बाहर फेंक दिए। कर्मचारियों के विरोध किया तो एक कर्मी के गमछे से हाथ बांध दिए। इसके बाद चैनर में तालाबंदी कर दी। यहां पर बात न बनने पर कार्यकर्ता जीआईसी मैदान के पास एक्सईएन दफ्तर पहुंच गए। यहां कोई अधिकारी नहीं मिला तो कार्यकर्ताओं ने टायर में आग लगाने की कोशिश की और तालाबंदी कर दी। बाद में नारेबाजी कर महावीर चौक पर जाम लगा दिया। हंगामा और जाम की सूचना पाकर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह एवं सीओ सिटी तेजवीर सिंह मौके पर पहुंचे।
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कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्युत विभाग काम करने के बजाए लोगों पर मुकदमा दर्ज करा रहा है। मुकदमा वापस न होने पर चारों ओर से जिले की सीमा पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। महावीर चौक पर एसटी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ कार्यकर्ताओं की काफी देर तक नोकझोंक हुई। सीओ सिटी से अभद्रता करते हुए हाथापाई की गई। खूब हंगामा हुआ। एसपी सिटी ने उचित कार्रवाई की बात कही, मगर कार्यकर्ता मुकदमा वापस लेने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक वार्ता के बाद कार्यकर्ताओं ने दो दिन का अल्टीमेटम देकर जाम खोला। पूरे हंगामे के दौरान पुलिस अधिकारी असहाय बने खड़े रहे। इस दौरान चौराहे पर जाम के कारण राहगीर फंसे रहे। जाम लगाने वालों में विनय प्रधान, अहसान त्यागी, सतीश भारद्वाज, इंद्रपाल, पीयूष, संजीव प्रधान, सुशीला देवी, तौहिद, लीलू चौधरी, राजेंद्र भगत, जीवेंद्र सिंह, नौमान त्यागी, मुबारिक राव, उमेश ठाकुर आदि शामिल रहे।
पुलिस पलटी, कहा साक्ष्य नहीं मिले
खतौली। एसएसपी बबलू कुमार जिले से बाहर हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह पर कप्तान का चार्ज है। भाकियू ने जैसे ही मुजफ्फरनगर में दबंग तरीके से प्रदर्शन किया, वैसे ही पुलिस बैकफुट पर आ गई। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि एक्सईएन की ओर से दी गई तहरीर की जांच-पड़ताल में जिलाध्यक्ष राजू अहलावत और ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि खतौली में एक्सईएन दफ्तर के मुख्य गेट पर तालेबंदी कर भाकियू कार्यकर्ताओं ने वेल्डिंग कर दरवाजा बंद कर दिया था। शुक्रवार को भाकियू ने जिस तरीके से महावीर चौक स्थित एक्सईएन दफ्तर में हंगामा किया, उसके बाद प्रशासन अपने ही फैसले से पीछे हट गया है।