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Muzaffarnagar News: भाकियू ने 10 फरवरी को बुलाई महापंचायत, जुटेंगे किसान
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मुजफ्फरनगर के राजकीय काॅलेज के मैदान में भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ धरना देते राकेश टिकैत।
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर 10 फरवरी को महापंचायत का एलान किया है। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान पूरी तैयारी कर लें। यह महापंचायत निर्णायक होगी। किसानों को अपने हितों के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा।
शुक्रवार को सरकुलर रोड स्थित जीआईसी के मैदान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों की बैठक में टिकैत ने कहा कि किसानों का लगातार उत्पीडन किया जा रहा है। आवारा पशु खेतों को नुकसान पहुंचा रहे है। गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में किसान लाचार है। किसानों को अपने हकों और मुद्दों के लिए संघर्ष को मजबूती प्रदान करनी होगी।
राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि किसानों को बजट में भी कुछ नहीं मिला। भाव और भुगतान की बात सरकार नहीं कर रही है। सरकार किसानों को बहकाने का काम कर रही है। इसलिए 10 फरवरी को महापंचायत में निर्णायक फैसला होगा। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पंचायत ऐतिहासिक होगी। इस मौके पर विनय चौधरी, राजपाल सिंह, दिनेश खेड़ा, कविंद्र मलिक, विजय शास्त्री, नरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जारी रहा भाकियू का धरना
मुजफ्फरनगर। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि जीआईसी में संगठन का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आसपास के जिलों से भी किसान यहां पहुंच रहे हैँ। किसान अपनी समस्या भी मंच के माध्यम से लोगों के सामने रख रहे हैं।
भाकियू अध्यक्ष ने किया है आत्मदाह का एलान
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने बुढ़ाना पंचायत में एलान किया था कि अगर 10 फरवरी तक अगर चीनी मिल ने पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं दिया तो वह 11 फरवरी को मिल के सामने आत्मदाह कर लेंगे। प्रशासन भुगतान के लिए मिल पर दबाव बना रहा है।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू ने राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर 10 फरवरी को महापंचायत का एलान किया है। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान पूरी तैयारी कर लें। यह महापंचायत निर्णायक होगी। किसानों को अपने हितों के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा।
शुक्रवार को सरकुलर रोड स्थित जीआईसी के मैदान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों की बैठक में टिकैत ने कहा कि किसानों का लगातार उत्पीडन किया जा रहा है। आवारा पशु खेतों को नुकसान पहुंचा रहे है। गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में किसान लाचार है। किसानों को अपने हकों और मुद्दों के लिए संघर्ष को मजबूती प्रदान करनी होगी।
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राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि किसानों को बजट में भी कुछ नहीं मिला। भाव और भुगतान की बात सरकार नहीं कर रही है। सरकार किसानों को बहकाने का काम कर रही है। इसलिए 10 फरवरी को महापंचायत में निर्णायक फैसला होगा। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पंचायत ऐतिहासिक होगी। इस मौके पर विनय चौधरी, राजपाल सिंह, दिनेश खेड़ा, कविंद्र मलिक, विजय शास्त्री, नरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जारी रहा भाकियू का धरना
मुजफ्फरनगर। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि जीआईसी में संगठन का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आसपास के जिलों से भी किसान यहां पहुंच रहे हैँ। किसान अपनी समस्या भी मंच के माध्यम से लोगों के सामने रख रहे हैं।
भाकियू अध्यक्ष ने किया है आत्मदाह का एलान
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने बुढ़ाना पंचायत में एलान किया था कि अगर 10 फरवरी तक अगर चीनी मिल ने पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं दिया तो वह 11 फरवरी को मिल के सामने आत्मदाह कर लेंगे। प्रशासन भुगतान के लिए मिल पर दबाव बना रहा है।