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संभल जाइए, हर साल गिर रहा जल स्तर
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मुजफ्फरनगर। पानी की बर्बादी और घर-घर सबमर्सिबल के बढ़ते चलन ने हालात विकट बना दिए हैं। जिले का जल स्तर हर साल गिर रहा है।
प्री-मानसून की बात करें तो वर्तमान में औसत जल स्तर 13.22 मीटर पर पहुंच गया है। जल को बचाने का कार्य नहीं किया गया तो भविष्य की पीढ़ियों के सामने मुश्किल होगी। शहरी क्षेत्र का औसत जलस्तर 10.08 मीटर पर है, जबकि देहात में संकट अधिक है। वर्ष 2016 में मानसून से पहले जिले का औसत जलस्तर 12.69 मीटर पर था। सबसे अधिक गिरावट 2018 में दर्ज की गई, तब जलस्तर 14.21 पर पहुंच गया था।
डार्क जोन से बाहर निकले चरथावल-शाहपुर
पिछले दो साल में किए गए प्रयासों के कारण चरथावल और शाहपुर ब्लॉक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी तुलसीराम ने बताया कि चरथावल और शाहपुर में बरसात का पानी बचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिनसे बहुत लाभ मिला। इसे अलावा पीपलशाह, बिरालसी और कुटेसरा में तालाबों का रखरखाव किया गया।
किस ब्लॉक में कितना जलस्तर
विकास खंड जलस्तर/मीटर
बघरा 16.55
बुढ़ाना 30.18
चरथावल 08.55
जानसठ 08.17
खतौली 06.25
मोरना 11.67
मुजफ्फरनगर 10.85
पुरकाजी 07.38
शाहपुर 19.39
बर्बाद नहीं होने देंगे बारिश का पानी
मुजफ्फरनगर। सीडीओ आलोक यादव का कहना है कि जिले में 355 रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए गए हैं, इनसे पानी की बचत होगी। चरथावल और शाहपुर की तरह अन्य ब्लॉक में भी काम किया जाएगा। बारिश के पानी को बचाना जरूरी है।
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पानी बचाना सबकी जिम्मेदारी
जैन डिग्री कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सीमा जैन का कहना है कि पानी की बचत करना सबकी जिम्मेदारी है। छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है।
जल संरक्षण में जिला नंबर वन
पिछले दो सालों से किए जा रहे प्रयासों का नतीजा रहा कि जल संरक्षण में जिला नंबर वन रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिले के डीएम सीबी सिंह को जल संरक्षण के लिए सम्मानित किया था।
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प्री-मानसून की बात करें तो वर्तमान में औसत जल स्तर 13.22 मीटर पर पहुंच गया है। जल को बचाने का कार्य नहीं किया गया तो भविष्य की पीढ़ियों के सामने मुश्किल होगी। शहरी क्षेत्र का औसत जलस्तर 10.08 मीटर पर है, जबकि देहात में संकट अधिक है। वर्ष 2016 में मानसून से पहले जिले का औसत जलस्तर 12.69 मीटर पर था। सबसे अधिक गिरावट 2018 में दर्ज की गई, तब जलस्तर 14.21 पर पहुंच गया था।
डार्क जोन से बाहर निकले चरथावल-शाहपुर
पिछले दो साल में किए गए प्रयासों के कारण चरथावल और शाहपुर ब्लॉक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी तुलसीराम ने बताया कि चरथावल और शाहपुर में बरसात का पानी बचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिनसे बहुत लाभ मिला। इसे अलावा पीपलशाह, बिरालसी और कुटेसरा में तालाबों का रखरखाव किया गया।
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किस ब्लॉक में कितना जलस्तर
विकास खंड जलस्तर/मीटर
बघरा 16.55
बुढ़ाना 30.18
चरथावल 08.55
जानसठ 08.17
खतौली 06.25
मोरना 11.67
मुजफ्फरनगर 10.85
पुरकाजी 07.38
शाहपुर 19.39
बर्बाद नहीं होने देंगे बारिश का पानी
मुजफ्फरनगर। सीडीओ आलोक यादव का कहना है कि जिले में 355 रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए गए हैं, इनसे पानी की बचत होगी। चरथावल और शाहपुर की तरह अन्य ब्लॉक में भी काम किया जाएगा। बारिश के पानी को बचाना जरूरी है।
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पानी बचाना सबकी जिम्मेदारी
जैन डिग्री कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सीमा जैन का कहना है कि पानी की बचत करना सबकी जिम्मेदारी है। छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है।
जल संरक्षण में जिला नंबर वन
पिछले दो सालों से किए जा रहे प्रयासों का नतीजा रहा कि जल संरक्षण में जिला नंबर वन रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिले के डीएम सीबी सिंह को जल संरक्षण के लिए सम्मानित किया था।