{"_id":"5873daea4f1c1be165ba9028","slug":"arms-license","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाइसेंसी शस्त्र जमा न करो, हमारी जान को खतरा है ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाइसेंसी शस्त्र जमा न करो, हमारी जान को खतरा है
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
9 एमएम पिस्टल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव के चलते प्रशासन ने सभी लाइसेंसी शस्त्र धारकों को शस्त्र जमा करने के लिए कहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में शस्त्र धारक अपनी जान का खतरा बताकर शस्त्र जमा न किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। कुछ लोग जो शस्त्र लेकर चौकीदारी आदि कर रहे हैं ऐसे लोग भी प्रार्थना पत्र देे रहे हैं कि उनका शस्त्र जमा न किया जाए। डीएम को प्रतिदिन सैकड़ों प्रार्थना पत्र प्राप्त हो रहे हैं।
लाइसेंसी शस्त्र जमा करने के दबाव से शस्त्र धारकों में हड़कंप जैसी स्थिति है। जिले में लगभग 27 हजार शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस प्रशासन की सक्रियता से इन्हें जमा करने का दबाव लगातार जारी है। सोमवार को जंगल में खेतों पर ही डेरा बनाकर रहने वाले सरदार भी बड़ी संख्या में डीएम से मिले। इन लोगों ने डीएम डीके सिंह से कहा कि जंगल में खतरा रहता है, इसलिए उनके लिए शस्त्र जरूरी है। कई गांवों के सरदारों ने अपनी समस्या रखी। इसी के साथ ऐसे लोग जिनको बदमाशों से खतरा है, वह भी डीएम को प्रार्थना पत्र देकर लाइसेंस जमा न करने की मोहलत मांग रहे हैं।
कमेटी बनाई गई : डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने बताया कि जिन लोगों के पास वास्तव में शस्त्र रहने चाहिए। चुनाव में उनसे किसी तरह कोई खतरा भी नहीं है। वास्तव में पुलिस जांच में उनकी जान को खतरा दिखाई देता है, ऐसे लोगों के लिए एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी ही शस्त्र जमा न करने की अनुमति देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाइसेंसी शस्त्र जमा करने के दबाव से शस्त्र धारकों में हड़कंप जैसी स्थिति है। जिले में लगभग 27 हजार शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस प्रशासन की सक्रियता से इन्हें जमा करने का दबाव लगातार जारी है। सोमवार को जंगल में खेतों पर ही डेरा बनाकर रहने वाले सरदार भी बड़ी संख्या में डीएम से मिले। इन लोगों ने डीएम डीके सिंह से कहा कि जंगल में खतरा रहता है, इसलिए उनके लिए शस्त्र जरूरी है। कई गांवों के सरदारों ने अपनी समस्या रखी। इसी के साथ ऐसे लोग जिनको बदमाशों से खतरा है, वह भी डीएम को प्रार्थना पत्र देकर लाइसेंस जमा न करने की मोहलत मांग रहे हैं।
विज्ञापन
कमेटी बनाई गई : डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने बताया कि जिन लोगों के पास वास्तव में शस्त्र रहने चाहिए। चुनाव में उनसे किसी तरह कोई खतरा भी नहीं है। वास्तव में पुलिस जांच में उनकी जान को खतरा दिखाई देता है, ऐसे लोगों के लिए एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी ही शस्त्र जमा न करने की अनुमति देगी।
विज्ञापन