{"_id":"9ff7b8ccff423fef23dfb75e4978e7ec","slug":"anniversary-celebrtae-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदर्शों को रखना होगा जीवंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदर्शों को रखना होगा जीवंत
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सच्चा प्रकाश आश्रम शुक्रताल में शनिवार को वार्षिक उत्सव मनाया। इस दौरान स्वामी अवधेशानंद महाराज ने प्रवचन दिए। जूना पीठाधीश्वर, हरिद्वार के महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद महाराज ने कहा हमारी संस्कृति को सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए हमें अपने आदर्शों और पद्धतियों को जीवंत रखना होगा।
इससे आने वाली नस्लों को प्राचीन संस्कृति से रु-ब-रु करा सके। जहां श्रद्धा होती है, वहां भाव अपने आप पैदा होता है। इस दौरान वेदपाठी हरिद्वार के सच्चा आश्रम से आए राकेश चौबे शास्त्री ने वैदिक पद्धति से मंत्रोचारण के बीच स्वामी अवधेशानंद महाराज से पूजा अर्चना कराई।
इससे पूर्व उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री उपाध्यक्ष रमेश उनियाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी गोपालाचार्य, ब्रह्मचारी परमेश्वर महाराज, ब्रहमकुमारी प्रवेश बहन, स्वामी सर्वो गुणनानंद महाराज, स्वामी चेतन महाराज आदि रहे।
विज्ञापन
दूसरों का अपमान करने से चली जाती है विद्या
मोरना। धर्मपरायण शुक्रताल मे गंगा किनारे हनुमत धाम की नक्षत्र वाटिका में साप्ताहिक भागवत कथा में शनिवार को अवधेशानंद महाराज ने कहा दूसरों का अपमान करने से विद्या चली जाती है। आभूषणों का दान करने और पहनने से भगवान प्रसन्न नहीं होते। मनुष्य के अंदर स्वभाव और प्रभाव का जीवन पर असर पड़ता है।
पश्चिम संस्कृति ने हमारे युवाओं को पथभ्रष्ट करने का काम किया है। विचार मनुष्य को बड़ा बनाते हैं। प्रत्येक कल्याण कर कामना जहां होती है, वहां भगवान शिव का वास होता है। जो विचार ,चिंतन, चरित्र से पवित्र नहीं होता, वह कभी साधक नहीं बन सकता। कर्म में पवित्रता हो तो चरित्र, ऊंचा होता है।
आचरण आदर्श बन जाता है। आरजी पीजी ग्रुप आगरा के प्रखर गर्ग, सतीश गुप्ता, राकेश जैन अमित शुक्ला, योगेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल का सहयोग रहा।
शुक्रताल मेले में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
मोरना। शुक्रताल के कार्तिक गंगा मेले में श्रद्धालुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने मेले में सुरक्षा और मनोरंजन के इंतजाम किए हैं। उत्तर भारत की महाभारत कालीन धर्मनगरी शुक्रताल में कार्तिक माह के गंगा स्नान पर्व में हर साल लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने परिवार सहित आते हैं।
मेला ग्राउंड के लिए जगह आयोजकों को ग्राम पंचायत जमीन उपलब्ध कराती है। मेला ग्राउंड के मुख्य द्वार को सुंदर तरीके से सजाया। श्रद्धालु समेत ट्रैक्टर- ट्राली और भैंसा-बुग्गी से पहुंच रहे हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने बताया पानी के लिए काफी हैंडपंप लगाए हैं।
भोपा सीओ सूक्ष्म प्रकाश ने बताया तीन सीओ, 24 सब इंस्पेक्टर, दो प्रभारी निरीक्षक, एसआई जानसठ, पांच महिला निरीक्षक, 22 हेड कांस्टेबल, 93 कांस्टेबल, 36 महिला कांस्टेबल, दो एपी गारद, फायर टैंकर टीम, 10 ट्रैफिक कांस्टेबल, एक कंपनी पीएसी, 170 होमगार्ड, 80 चौकीदारों की मेले ड्यूटी लगाई ।
विज्ञापन
इससे आने वाली नस्लों को प्राचीन संस्कृति से रु-ब-रु करा सके। जहां श्रद्धा होती है, वहां भाव अपने आप पैदा होता है। इस दौरान वेदपाठी हरिद्वार के सच्चा आश्रम से आए राकेश चौबे शास्त्री ने वैदिक पद्धति से मंत्रोचारण के बीच स्वामी अवधेशानंद महाराज से पूजा अर्चना कराई।
विज्ञापन
इससे पूर्व उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री उपाध्यक्ष रमेश उनियाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी गोपालाचार्य, ब्रह्मचारी परमेश्वर महाराज, ब्रहमकुमारी प्रवेश बहन, स्वामी सर्वो गुणनानंद महाराज, स्वामी चेतन महाराज आदि रहे।
विज्ञापन
दूसरों का अपमान करने से चली जाती है विद्या
मोरना। धर्मपरायण शुक्रताल मे गंगा किनारे हनुमत धाम की नक्षत्र वाटिका में साप्ताहिक भागवत कथा में शनिवार को अवधेशानंद महाराज ने कहा दूसरों का अपमान करने से विद्या चली जाती है। आभूषणों का दान करने और पहनने से भगवान प्रसन्न नहीं होते। मनुष्य के अंदर स्वभाव और प्रभाव का जीवन पर असर पड़ता है।
पश्चिम संस्कृति ने हमारे युवाओं को पथभ्रष्ट करने का काम किया है। विचार मनुष्य को बड़ा बनाते हैं। प्रत्येक कल्याण कर कामना जहां होती है, वहां भगवान शिव का वास होता है। जो विचार ,चिंतन, चरित्र से पवित्र नहीं होता, वह कभी साधक नहीं बन सकता। कर्म में पवित्रता हो तो चरित्र, ऊंचा होता है।
आचरण आदर्श बन जाता है। आरजी पीजी ग्रुप आगरा के प्रखर गर्ग, सतीश गुप्ता, राकेश जैन अमित शुक्ला, योगेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल का सहयोग रहा।
शुक्रताल मेले में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
मोरना। शुक्रताल के कार्तिक गंगा मेले में श्रद्धालुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने मेले में सुरक्षा और मनोरंजन के इंतजाम किए हैं। उत्तर भारत की महाभारत कालीन धर्मनगरी शुक्रताल में कार्तिक माह के गंगा स्नान पर्व में हर साल लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने परिवार सहित आते हैं।
मेला ग्राउंड के लिए जगह आयोजकों को ग्राम पंचायत जमीन उपलब्ध कराती है। मेला ग्राउंड के मुख्य द्वार को सुंदर तरीके से सजाया। श्रद्धालु समेत ट्रैक्टर- ट्राली और भैंसा-बुग्गी से पहुंच रहे हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने बताया पानी के लिए काफी हैंडपंप लगाए हैं।
भोपा सीओ सूक्ष्म प्रकाश ने बताया तीन सीओ, 24 सब इंस्पेक्टर, दो प्रभारी निरीक्षक, एसआई जानसठ, पांच महिला निरीक्षक, 22 हेड कांस्टेबल, 93 कांस्टेबल, 36 महिला कांस्टेबल, दो एपी गारद, फायर टैंकर टीम, 10 ट्रैफिक कांस्टेबल, एक कंपनी पीएसी, 170 होमगार्ड, 80 चौकीदारों की मेले ड्यूटी लगाई ।