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Muzaffarnagar News: खून की कमी से अवरुद्ध हो रहा बच्चों का विकास
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मुजफ्फरनगर। गर्भवती महिलाओं सहित बच्चे भी खून की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं, जिस कारण उनका विकास अवरुद्ध हो रहा है। जांच के दौरान 4534 बच्चों में से 1800 से अधिक बच्चों में में खून की मात्रा 11 ग्राम से कम पाई गई। चिकित्सक खून की कमी का कारण भोजन में पौष्टिकता की कमी और जंक फूड का अधिक सेवन मान रहे हैं।
जंक फूड का अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से बच्चे एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई जा रही है। स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के दौरान 17 से 22 सितंबर के बीच कराई गई जांच में 30 से 35 प्रतिशत बच्चों में हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम से कम पाई गई।
जनपद के 4534 बच्चों की जांच में केवल 2610 बच्चों में ही खून की मात्रा 11 ग्राम से अधिक मिली। जबकि 1337 बच्चों का हीमोग्लोबिन 10 से 10.9 और 580 बच्चों का हीमोग्लोबिन 7 से 9.9 ग्राम पाया गया। सात बच्चों की हालत काफी नाजुक मिली, जिनमें खून की मात्रा सात ग्राम से भी कम पाई गई। ऐसे बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। एसीएमएओ डॉ.अशोक कुमार का कहना है कि संतुलित आहार न ले पाने और जंक फूड का अधिक सेवन बच्चों में खून की कमी का कारण बन रहा है। बताया कि खून की कमी के चलते बच्चों का विकास भी अवरुद्ध हो रहा है। कम हीमोग्लोबिन वाले बच्चों को चिन्हित कर उपचार कराया जा रहा है।
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जंक फूड का अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से बच्चे एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई जा रही है। स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के दौरान 17 से 22 सितंबर के बीच कराई गई जांच में 30 से 35 प्रतिशत बच्चों में हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम से कम पाई गई।
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जनपद के 4534 बच्चों की जांच में केवल 2610 बच्चों में ही खून की मात्रा 11 ग्राम से अधिक मिली। जबकि 1337 बच्चों का हीमोग्लोबिन 10 से 10.9 और 580 बच्चों का हीमोग्लोबिन 7 से 9.9 ग्राम पाया गया। सात बच्चों की हालत काफी नाजुक मिली, जिनमें खून की मात्रा सात ग्राम से भी कम पाई गई। ऐसे बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। एसीएमएओ डॉ.अशोक कुमार का कहना है कि संतुलित आहार न ले पाने और जंक फूड का अधिक सेवन बच्चों में खून की कमी का कारण बन रहा है। बताया कि खून की कमी के चलते बच्चों का विकास भी अवरुद्ध हो रहा है। कम हीमोग्लोबिन वाले बच्चों को चिन्हित कर उपचार कराया जा रहा है।
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