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ट्रक को सीधा करने में लगे छह घंटे
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:45 AM IST
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मुजफ्फरनगर के हाईवे पर ओवरलोड वाहन मौत का सबब बन रहे हैं। पुरकाजी में हुई घटना में एक युवक बेमौत मारा गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रक को हटाने में पुलिस प्रशासन के साथ ही सेना को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद लोगों का जमघट लग गया। शुरू में यह अफवाह उड़ गई कि ट्रक के नीचे पांच-छह लोग दब गए हैं। लोगों के बचाव के लिए पुलिस ने हरसंभव प्रयास किए।
पुरकाजी में हादसे का शिकार हुआ ट्रक राजस्थान के जयपुर शहर से काला रेत लेकर लक्सर की एक फैक्टरी में जा रहा था। कसबे के खादर तिराहे पर मोड़ते समय सड़क किनारे लगे खड़ंजे की ईंटें वजन से धंस गईं, जिस कारण ट्रक दुकानों की ओर गिर गया। ट्रक के तिरछे होते ही लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
ट्रक पलटते ही चालक और परिचालक भाग निकले। ट्रक में भरा रेत इधर-उधर फैल गया। जहां घटना हुई, वहां आसपास काफी दुकानें और चहल-पहल रहती है। तिरछे हुए ट्रक को गिरने में वक्त लगा, तब तक आसपास के लोग उसकी चपेट में आने से बच गए। नाई की दुकान के सामने बेंच पर बैठा मेघा मंदिर निवासी बिजेंद्र नामक युवक चपेट में आने से नहीं बच पाया। दुकानों के बाहर खड़ी एक स्कूटी भी उसकी चपेट में आ गई।
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जिस जगह पर ट्रक पलटा यहीं पर एक बुजुर्ग महिला भी बच्चे को लिए बैठी थी। शोर मचा कि महिला और उसका बच्चा भी ट्रक के नीचे दब गए हैं। हादसे की सूचना पर एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता और तहसीलदार रजनीकांत भी मौेके पर पहुंच गए। भीड़ की वजह से पुलिस प्रशासन को भी काफी दिक्कतें आईं। पुलिस ने जेसीबी मंगाकर ट्रक को सीधा करने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
हादसे की सूचना पर आर्मी के ट्रेनिंग सेेंटर सेना के जवान क्रेन लेकर पहुंचे। दोनों क्रेनों की मदद से ट्रक को सीधा करने की कोशिश की, लेकिन ट्रक टस से मस नहीं हुआ। कुछ और क्रेन मंगवाकर एकसाथ ट्रक को सीधा करने में लगाई गईं, तब जाकर ट्रक अपनी जगह से हिला। ट्रक के नीचे से मोहल्ला शहरदारान निवासी समीर पुत्र नसीम को निकाला गया। समीर का पास में ही खोखा है।
गंभीर रूप से घायल समीर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद ट्रक को और हटाने पर मेघा मंदिर निवासी बिजेंद्र की लाश निकाली गई। ट्रक के नीचे एक क्रीम कलर की स्कूटी भी मिली, जिसके बारे में कोई कुछ नहीं बता पाया कि यह किसकी है। आसपास के लोग नाले में अभी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं।
अंधेरा होने पर भी जारी रही मशक्कत
बाइस टायरा ट्रक काफी भारी होता है, उसे हटाने में पुलिस और सेना को भी पसीने आ गए। रेस्क्यू आपरेशन अंधेरा होने पर भी जारी रहा। पुलिस और सेना ने रोशनी की व्यवस्था कर ट्रक को सीधा करने के प्रयास जारी रखे। लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक को हटाने में कामयाबी मिली।
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पुरकाजी में हादसे का शिकार हुआ ट्रक राजस्थान के जयपुर शहर से काला रेत लेकर लक्सर की एक फैक्टरी में जा रहा था। कसबे के खादर तिराहे पर मोड़ते समय सड़क किनारे लगे खड़ंजे की ईंटें वजन से धंस गईं, जिस कारण ट्रक दुकानों की ओर गिर गया। ट्रक के तिरछे होते ही लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
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ट्रक पलटते ही चालक और परिचालक भाग निकले। ट्रक में भरा रेत इधर-उधर फैल गया। जहां घटना हुई, वहां आसपास काफी दुकानें और चहल-पहल रहती है। तिरछे हुए ट्रक को गिरने में वक्त लगा, तब तक आसपास के लोग उसकी चपेट में आने से बच गए। नाई की दुकान के सामने बेंच पर बैठा मेघा मंदिर निवासी बिजेंद्र नामक युवक चपेट में आने से नहीं बच पाया। दुकानों के बाहर खड़ी एक स्कूटी भी उसकी चपेट में आ गई।
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जिस जगह पर ट्रक पलटा यहीं पर एक बुजुर्ग महिला भी बच्चे को लिए बैठी थी। शोर मचा कि महिला और उसका बच्चा भी ट्रक के नीचे दब गए हैं। हादसे की सूचना पर एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता और तहसीलदार रजनीकांत भी मौेके पर पहुंच गए। भीड़ की वजह से पुलिस प्रशासन को भी काफी दिक्कतें आईं। पुलिस ने जेसीबी मंगाकर ट्रक को सीधा करने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
हादसे की सूचना पर आर्मी के ट्रेनिंग सेेंटर सेना के जवान क्रेन लेकर पहुंचे। दोनों क्रेनों की मदद से ट्रक को सीधा करने की कोशिश की, लेकिन ट्रक टस से मस नहीं हुआ। कुछ और क्रेन मंगवाकर एकसाथ ट्रक को सीधा करने में लगाई गईं, तब जाकर ट्रक अपनी जगह से हिला। ट्रक के नीचे से मोहल्ला शहरदारान निवासी समीर पुत्र नसीम को निकाला गया। समीर का पास में ही खोखा है।
गंभीर रूप से घायल समीर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद ट्रक को और हटाने पर मेघा मंदिर निवासी बिजेंद्र की लाश निकाली गई। ट्रक के नीचे एक क्रीम कलर की स्कूटी भी मिली, जिसके बारे में कोई कुछ नहीं बता पाया कि यह किसकी है। आसपास के लोग नाले में अभी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं।
अंधेरा होने पर भी जारी रही मशक्कत
बाइस टायरा ट्रक काफी भारी होता है, उसे हटाने में पुलिस और सेना को भी पसीने आ गए। रेस्क्यू आपरेशन अंधेरा होने पर भी जारी रहा। पुलिस और सेना ने रोशनी की व्यवस्था कर ट्रक को सीधा करने के प्रयास जारी रखे। लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक को हटाने में कामयाबी मिली।