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अब टिकट काटेंगी महिला कंडक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:26 PM IST
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मुजफ्फरनगर डिपो को शासन से दो महिला कंडक्टर मिली हैं, जिन्हें विभाग ने अंडर ट्रेनिंग के चलते बस में टिकट काटना और यात्रियों के साथ मृदु व्यवहार आदि की जानकारी के लिए रूट पर भेजा है। मेरठ के रोहटा रोड निवासी उदयवीर सिंह प्रजापति की बेटी मोनी प्रजापति और प्रदीप सिंह की बेटी निशी रोडवेज विभाग में कंडक्टर बनी है। शासन स्तर से दोनों को मुजफ्फरनगर डिपो पर ज्वाइनिंग दी गई है।
इनके अलावा भी 16 अन्य परिचालक डिपो पर आए हैं। एक सप्ताह तक सभी अंडर ट्रेनिंग पर रहेंगे। जिन्हें विभाग अलग-अलग रूट की बसों पर कार्य में परिपक्व चालक, परिचालक के साथ भेजा जा रहा है। मुजफ्फरनगर डिपो के इतिहास में पहली बार महिला वर्ग के हाथ में भी ईटीआईएम आई है।
कहने में गुरेज नहीं होगा कि नारी सशक्तिकरण को जनपद भी गवाह बन गया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि डिपो में पर आई दोनों लड़कियों को परिचालक के गुर सीखने,
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परिवहन निगम का कार्य करने के तरीके, नियमों आदि की विस्तार से जानकारी हो सके, इसके लिए दोनों को रूट पर भेजा गया है।
समाज की परवाह नहीं करनी दोनों होनहार बेटियां साफ कहती हैं कि समाज की परवाह नहीं करनी है। आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर चलने में समक्ष हैं। समाज में बेटियों को छोटा समझने वाले अपना ख्याल बदलें, अब बेटियों का ही जमाना है।
पहले दिन समझा काम
मोनी और निशी दोनों को डिपो से मेरठ-सहारनपुर की बस यूपी-12टी-1513 पर भेजा गया। दोनों कहती हैं कि पहला दिन कंडक्टर का कार्य समझने में गुजर गया। यात्रियों को बस में सवार करना, ईटीआईएम से टिकट निकालना, यात्रियों का रिकार्ड रखना आदि के बारे में जाना। परिचालक दीपेश कुमार ने दोनों को कंडक्टर के नियम बताए।
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इनके अलावा भी 16 अन्य परिचालक डिपो पर आए हैं। एक सप्ताह तक सभी अंडर ट्रेनिंग पर रहेंगे। जिन्हें विभाग अलग-अलग रूट की बसों पर कार्य में परिपक्व चालक, परिचालक के साथ भेजा जा रहा है। मुजफ्फरनगर डिपो के इतिहास में पहली बार महिला वर्ग के हाथ में भी ईटीआईएम आई है।
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कहने में गुरेज नहीं होगा कि नारी सशक्तिकरण को जनपद भी गवाह बन गया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि डिपो में पर आई दोनों लड़कियों को परिचालक के गुर सीखने,
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परिवहन निगम का कार्य करने के तरीके, नियमों आदि की विस्तार से जानकारी हो सके, इसके लिए दोनों को रूट पर भेजा गया है।
समाज की परवाह नहीं करनी दोनों होनहार बेटियां साफ कहती हैं कि समाज की परवाह नहीं करनी है। आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर चलने में समक्ष हैं। समाज में बेटियों को छोटा समझने वाले अपना ख्याल बदलें, अब बेटियों का ही जमाना है।
पहले दिन समझा काम
मोनी और निशी दोनों को डिपो से मेरठ-सहारनपुर की बस यूपी-12टी-1513 पर भेजा गया। दोनों कहती हैं कि पहला दिन कंडक्टर का कार्य समझने में गुजर गया। यात्रियों को बस में सवार करना, ईटीआईएम से टिकट निकालना, यात्रियों का रिकार्ड रखना आदि के बारे में जाना। परिचालक दीपेश कुमार ने दोनों को कंडक्टर के नियम बताए।