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लूट और डकैती के मामलों में है दूसरा नंबर
Muzaffar nagar
Updated Sun, 03 Mar 2013 05:31 AM IST
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मुजफ्फरनगर, 2 मार्च। हत्या में फरार अपराधियों के मामले में अब तक नंबर एक पर रहने वाला मेरठ जोन तीसरे पायदान पर पहुंच गया है। 31 जनवरी तक के डाटा के अनुसार मेरठ जनपद समेत जोन के नौ जिलों से 375 हत्यारोपी फरार हैं। जिसमें मुजफ्फरनगर से 25 हत्यारे पुलिस पकड़ से दूर हैं।
‘हीनियस क्राइम मॉनीटरिंग सिस्टम’ में 31 जनवरी तक फीड किए गए डाटा के मुताबिक मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर समेत नौ जिलों से वांछित हत्यारोपियों के मामले में जोन तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सबसे अधिक आगरा से 514 और लखनऊ से 390 हत्यारोपी फरार चल रहे हैं, जबकि मेरठ जोन में 375 हत्यारोपी पुलिस पकड़ से दूर हैं। अकेले मुजफ्फरनगर की बात करें तो हत्याओं के 25 आरोपी फरार हैं, जबकि 10 दहेज हत्यारोपी, 15 डकैती और लूट के आरोपी, पांच बलात्कारी और 40 अपराधी गैंगस्टर के मामलों में फरार हैं। डकैती के मामलों में फरार 53 बदमाशों की संख्या लेकर सूबे में मेरठ जोन दूसरे और 84 के साथ बरेली पहले स्थान पर है। लूट के मामलों में भी मेरठ जोन 26 बदमाशों की फरारी के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि आगरा प्रथम स्थान पर है, जहां से 35 लुटेरे फरार चल रहे हैं। इनके अलावा मेरठ जोन से 45 आरोपी बलात्कार के मामलों में फरार हैं। सबसे अधिक लखनऊ से 120, इलाहाबाद से 78, आगरा से 61, गोरखपुर से 46, बरेली और वाराणसी से 38-38 दुराचारी फरार चल रहे हैं।
धरपकड़ के लिए अभियान
फरार अपराधियों की तादाद को देखते हुए डीजीपी एसी शर्मा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने एक माह तक अभियान चलाकर शातिरों की गिरफ्तारी के लिए सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को आदेश दिए हैं। पांच फरवरी से शुरू हुआ यह अभियान पांच मार्च तक चलेगा।
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‘फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी थाना प्रभारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं। जल्द ही शातिर अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।’
नितिन तिवारी, एसएसपी
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‘हीनियस क्राइम मॉनीटरिंग सिस्टम’ में 31 जनवरी तक फीड किए गए डाटा के मुताबिक मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर समेत नौ जिलों से वांछित हत्यारोपियों के मामले में जोन तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सबसे अधिक आगरा से 514 और लखनऊ से 390 हत्यारोपी फरार चल रहे हैं, जबकि मेरठ जोन में 375 हत्यारोपी पुलिस पकड़ से दूर हैं। अकेले मुजफ्फरनगर की बात करें तो हत्याओं के 25 आरोपी फरार हैं, जबकि 10 दहेज हत्यारोपी, 15 डकैती और लूट के आरोपी, पांच बलात्कारी और 40 अपराधी गैंगस्टर के मामलों में फरार हैं। डकैती के मामलों में फरार 53 बदमाशों की संख्या लेकर सूबे में मेरठ जोन दूसरे और 84 के साथ बरेली पहले स्थान पर है। लूट के मामलों में भी मेरठ जोन 26 बदमाशों की फरारी के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि आगरा प्रथम स्थान पर है, जहां से 35 लुटेरे फरार चल रहे हैं। इनके अलावा मेरठ जोन से 45 आरोपी बलात्कार के मामलों में फरार हैं। सबसे अधिक लखनऊ से 120, इलाहाबाद से 78, आगरा से 61, गोरखपुर से 46, बरेली और वाराणसी से 38-38 दुराचारी फरार चल रहे हैं।
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धरपकड़ के लिए अभियान
फरार अपराधियों की तादाद को देखते हुए डीजीपी एसी शर्मा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने एक माह तक अभियान चलाकर शातिरों की गिरफ्तारी के लिए सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को आदेश दिए हैं। पांच फरवरी से शुरू हुआ यह अभियान पांच मार्च तक चलेगा।
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‘फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी थाना प्रभारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं। जल्द ही शातिर अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।’
नितिन तिवारी, एसएसपी