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उदित हत्याकांड में पुलिस का खेल
Muzaffar nagar
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहे पर कार में हुई उदित की हत्या में पुलिस ने अजब कारनामा कर दिखाया। हत्या पिस्टल की एक गोली से हुई, लेकिन दो थानों की पुलिस ने अलग-अलग दो हथियार बरामद दिखा दिए। पहले छपार पुलिस ने तमंचा दिखाया तो शहर कोतवाली पुलिस ने गलती पर पर्दा डालते हुए दूसरे आरोपी से रिमांड पर पिस्टल बरामद कर ली। अब इस बड़ी खामी को छिपाने की कवायद हो रही है।
छपार क्षेत्र के रामपुर तिराहे पर 24 अगस्त की रात को कार में शहर के बंजारन निवासी उदित शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय मौके पर ही बबलू नाम के आरोपी को तमंचे समेत पकड़ लिया गया था। पुलिस ने तमंचे को हत्या में प्रयोग की गई बताते हुए उसका चालान कर दिया। उदित शर्मा के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया तो उदित हत्याकांड की जांच छपार पुलिस से शहर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि उदित शर्मा का कत्ल पिस्टल की गोली से हुआ है। घटनास्थल पर भी पिस्टल के कारतूस मिले थे। पुलिस ने इसी आधार पर अपनी विवेचना को आगे बढ़ाते हुए अदालत में पेश होकर जेल गए दीपक को रिमांड पर लिया। पुलिस ने दीपक की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल और कारतूस बरामद दिखा दिए। शहर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई तो पोस्टमार्टम के अनुरूप थी, लेकिन छपार पुलिस ने जल्दबाजी में तमंचे को आला कत्ल दिखाकर अपनी फजीहत करा ली है, क्याेंकि तमंचे और पिस्टल की गोली का निशान अलग-अलग होता है। ऐसे में केस के ट्रायल के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अमूमन ऐसा होता नहीं है। फिलहाल इस बड़ी खामी पर पर्दा डालने की कवायद चल रही है। पुलिस अफसर भी इस बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।
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छपार क्षेत्र के रामपुर तिराहे पर 24 अगस्त की रात को कार में शहर के बंजारन निवासी उदित शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय मौके पर ही बबलू नाम के आरोपी को तमंचे समेत पकड़ लिया गया था। पुलिस ने तमंचे को हत्या में प्रयोग की गई बताते हुए उसका चालान कर दिया। उदित शर्मा के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया तो उदित हत्याकांड की जांच छपार पुलिस से शहर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि उदित शर्मा का कत्ल पिस्टल की गोली से हुआ है। घटनास्थल पर भी पिस्टल के कारतूस मिले थे। पुलिस ने इसी आधार पर अपनी विवेचना को आगे बढ़ाते हुए अदालत में पेश होकर जेल गए दीपक को रिमांड पर लिया। पुलिस ने दीपक की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल और कारतूस बरामद दिखा दिए। शहर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई तो पोस्टमार्टम के अनुरूप थी, लेकिन छपार पुलिस ने जल्दबाजी में तमंचे को आला कत्ल दिखाकर अपनी फजीहत करा ली है, क्याेंकि तमंचे और पिस्टल की गोली का निशान अलग-अलग होता है। ऐसे में केस के ट्रायल के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अमूमन ऐसा होता नहीं है। फिलहाल इस बड़ी खामी पर पर्दा डालने की कवायद चल रही है। पुलिस अफसर भी इस बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।
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