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आश्रम में ज्ञान अमृत महोत्सव सम्मान समारोह का आयोजन
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:41 AM IST
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मूल्य जीवन का अनमोल श्रृंगार है : हेम सिंह
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ में ब्रह्मकुमारी आश्रम में ज्ञान अमृत महोत्सव सम्मान समारोह में देश के अनेक राज्यों से आए अनेकों विद्वानों ने अपने विचारों से अनुयायियों को धर्म लाभ कराया। दूरदराज से आए अनुयायियों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
इससे पहले एक दिवसीय आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ भोपा सीओ राममोहन शर्मा ने भगवान शिव की आरती के बीच दीप प्रज्वलित कर किया। भागवत पीठ उद्गमस्थल के रूप में प्रसिद्ध शुकतीर्थ में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैनरतले आयोजित कार्यक्रम श्रेष्ठ संस्कारों से होगी। श्रेष्ठ समाज की स्थापना के ज्ञान अमृत महोत्सव सम्मान समोराह में विशिष्ट अतिथि हेम सिंह ने कहा कि मूल्य जीवन का अनमोल श्रृंगार है, जो मूल्य को धारण नहीं करता वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने मूल्य को जीवन में धारण किया, वह ही महापुरुष बन गए। मूल्य जीवन मेें सुख, शांति, साहस, उमंग, उत्साहित रहना, अचल, अडोल रहना, पवित्रता को महत्व देना, साहस से कार्य करना, सहनशीलता अपनाना, खुश और प्रसन्न रहकर दूसरों को प्रस रखना सिखाता है। सबके सहयोग से समाज बेहतर बन सकता है। हर किसी को अपने आप सुधरने का प्रयास करना होगा। अगर मानव में आत्मबल की कमी है, तो परमपिता परमेश्वर राजयोग द्वारा आत्मबल प्राप्त किया जा सकता है। देश विघटन की ओर जा रहा है। क्योंकि हर किसी को जातिवाद, धर्मवाद, स्थानवाद, वर्गवाद आदि में बांटा जा रहा है। हमें आज रुहानी दृष्टिकोण को अपनाकर देश के विकास में अहम योगदान देना चाहिए। इस मौके पर माउंटआबू से बीरेंद्र महाबीर, मुंबई से डिंपल बहन, पुणे से उमेश, झारखंड से ओमराज योगी, कोटद्वार से ज्योति देवी, मध्यप्रदेश से दया बहन, सहारनपुर से राखी, देहरादून से एके कांबोज, दिल्ली से संतोष, आरएस राठौर, बिजनौर से जगपाल भाई जी आदि ने कार्यक्रम में विचार रखे। संचालन डिंपल बहन ने किया तथा अध्यक्षता राज बहन शामली ने की। इस मौके पर बहन व परी ने अतिथियों को मुकुट माला आदि पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में माता राजनंदेश्वरी, आचार्य अजय कृष्ण, डा. वीरपाल निर्वाल, हरीश राठी आदि उपस्थित रहे।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ में ब्रह्मकुमारी आश्रम में ज्ञान अमृत महोत्सव सम्मान समारोह में देश के अनेक राज्यों से आए अनेकों विद्वानों ने अपने विचारों से अनुयायियों को धर्म लाभ कराया। दूरदराज से आए अनुयायियों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
इससे पहले एक दिवसीय आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ भोपा सीओ राममोहन शर्मा ने भगवान शिव की आरती के बीच दीप प्रज्वलित कर किया। भागवत पीठ उद्गमस्थल के रूप में प्रसिद्ध शुकतीर्थ में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैनरतले आयोजित कार्यक्रम श्रेष्ठ संस्कारों से होगी। श्रेष्ठ समाज की स्थापना के ज्ञान अमृत महोत्सव सम्मान समोराह में विशिष्ट अतिथि हेम सिंह ने कहा कि मूल्य जीवन का अनमोल श्रृंगार है, जो मूल्य को धारण नहीं करता वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने मूल्य को जीवन में धारण किया, वह ही महापुरुष बन गए। मूल्य जीवन मेें सुख, शांति, साहस, उमंग, उत्साहित रहना, अचल, अडोल रहना, पवित्रता को महत्व देना, साहस से कार्य करना, सहनशीलता अपनाना, खुश और प्रसन्न रहकर दूसरों को प्रस रखना सिखाता है। सबके सहयोग से समाज बेहतर बन सकता है। हर किसी को अपने आप सुधरने का प्रयास करना होगा। अगर मानव में आत्मबल की कमी है, तो परमपिता परमेश्वर राजयोग द्वारा आत्मबल प्राप्त किया जा सकता है। देश विघटन की ओर जा रहा है। क्योंकि हर किसी को जातिवाद, धर्मवाद, स्थानवाद, वर्गवाद आदि में बांटा जा रहा है। हमें आज रुहानी दृष्टिकोण को अपनाकर देश के विकास में अहम योगदान देना चाहिए। इस मौके पर माउंटआबू से बीरेंद्र महाबीर, मुंबई से डिंपल बहन, पुणे से उमेश, झारखंड से ओमराज योगी, कोटद्वार से ज्योति देवी, मध्यप्रदेश से दया बहन, सहारनपुर से राखी, देहरादून से एके कांबोज, दिल्ली से संतोष, आरएस राठौर, बिजनौर से जगपाल भाई जी आदि ने कार्यक्रम में विचार रखे। संचालन डिंपल बहन ने किया तथा अध्यक्षता राज बहन शामली ने की। इस मौके पर बहन व परी ने अतिथियों को मुकुट माला आदि पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में माता राजनंदेश्वरी, आचार्य अजय कृष्ण, डा. वीरपाल निर्वाल, हरीश राठी आदि उपस्थित रहे।
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