{"_id":"5cb225b9bdec2214577e8a29","slug":"81555178937-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूथों पर पड़े वोटों के गणित में उलझे प्रत्याशी, समर्थक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूथों पर पड़े वोटों के गणित में उलझे प्रत्याशी, समर्थक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बूथों पर पड़े वोटों के गणित में उलझे प्रत्याशी, समर्थक
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने लोकसभा चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पड़े वोटों का आंकड़ा जारी कर दिया है। प्रत्याशी और उनके समर्थक इस आंकड़े में उलझ गए हैं। जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें जिले में सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत भाजपा प्रत्याशी डॉ संजीव बालियान के गांव कुटबा के बूथ नंबर 218 का रहा। यहां 95.13 प्रतिशत वोट पड़े हैं। कुटबा चरथावल विधानसभा क्षेत्र में आता है। सबसे कम वोट भी इसी विधानसभा क्षेत्र के बघरा के बूथ नंबर 238 पर मात्र 36.01 पड़ा है। लोकसभा के सभी बूथों पर नजर दौड़ाई जाए तो जाटों के गांवों से ज्यादा वोट प्रतिशत ठाकुर, गुर्जर, सैनी, त्यागी, पाल और कश्यप के गांवों का रहा है। बुढ़ाना में मुसलमान के बहुल के गांवों में अन्य विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले अधिक मतदान हुआ।
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट की चरथावल विधानसभा सीट में सबसे कम और अधिक प्रतिशत वोटिंग का रिकार्ड बना है। इस विधानसभा के गांव कुटबा के बूथ नंबर 218 पर सबसे ज्यादा 95.13 प्रतिशत वोटिंग हुई है। यह भाजपा प्रत्याशी डॉ संजीव बालियान का गांव है। इसी विधानसभा के बघरा गांव के बूथ नंबर 238 पर जिले की सबसे कम 36.01 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह बूथ मुस्लिम बहुल है। चरथावल विधानसभा में जाट बहुल अधिकतम गांवों में 65 प्रतिशत के लगभग ही मतदान हुआ है। मुस्लिम बहुल गांवों का वोट प्रतिशत अधिकतम 65 से 75 के बीच है। विधानसभा क्षेत्र में राजपूत, सैनी, कश्यप, पाल के गांवों का प्रतिशत 70 से 85 प्रतिशत के बीच है। चरथावल में कुल 68.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीन लाख 24 हजार 713 मतों में से दो लाख 22 हजार 178 मत पड़े हैं।
मुजफ्फरनगर शहर विधानसभा सीट पर सबसे कम मतदान जैनबिया गर्ल्स स्कूल के बूथ नंबर 51 पर 44.41 प्रतिशत हुआ है। यह मुस्लिम बहुल बूथ है। सबसे अधिक मतदान धंधेड़ा गांव के बूथ नंबर 319 पर हुआ है, यह भी मुस्लिम बहुल है। शहर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम बहुल खालापार, मल्हूपुरा, लद्दावाला का मतदान हिंदू बहुल नईमंडी और गांधी कालोनी के बराबर ही रहा। शहर में रामलीला टिल्ला क्षेत्र के बूथों और ग्रामीण अंचल के पिछड़ी जाति बहुल बूथों पर अधिक मतदान हुआ है। इनका प्रतिशत 70 से 80 के बीच है। विधानसभा क्षेत्र में 64.96 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीन लाख 46 हजार 832 मतदाताओं में से दो लाख 25 हजार 311 ने अपने वोट डाले हैं।
विज्ञापन
बुढ़ाना विधानसभा सीट में सबसे अधिक मतदान हिंदू मिश्रित आबादी बहुल बहलोलपुर के बूथ नंबर 64 पर हुआ है। यहां 88.12 प्रतिशत वोट पड़े हैं। सबसे कम मतदान जाट बहुल गांव भौराकलां के बूथ नंबर 176 पर हुआ है। बुढ़ाना में मुस्लिम बहुल गांवों जौला, कल्याणपुर, दभेड़ी आदि में वोट प्रतिशत 70 से 80 तक रहा। हालांकि मुस्लिम बहुल लोई, बसी, कसेरवा मत प्रतिशत 60 से 70 के बीच ही रहा। इस विधानसभा में जाट बहुल गांवों का औसत अधिकतम 60 से 65 प्रतिशत के बीच है। राजपूत, त्यागी, सैनी बहुल गांवों में वोट प्रतिशत 65 से 75 प्रतिशत के बीच है। इस विधानसभा क्षेत्र में जिले के सबसे ज्यादा तीन लाख 70 हजार 933 मतदाता हैं। इनमें से दो लाख 53 हजार 551 मतदाताओं ने वोट डाले हैं। इस विधानसभा में 68.35 प्रतिशत मतदान हुआ है।
खतौली विधानसभा में सबसे बंपर वोटिंग हुआ है। यहां सबसे अधिक मत रवा राजपूत बहुल गांव लाडपुर के बूथ नंबर 161 पर 93.54 प्रतिशत के हिसाब से पड़े हैं। सबसे कम वोट यहां मुस्लिम बहुल गांव फुलत के बूथ नंबर 272 पर 52.14 प्रतिशत पड़े। इस विधानसभा सीट पर राजपूत, सैनी, गुर्जर, पाल, कश्यप बहुल गांवों में 75 से 85 प्रतिशत वोट पड़ा है। जाट बहुल गांवों में यहां 65 से 75 प्रतिशत मतदान हुआ। इस विधानसभा में जाट समाज के गांव सबसे कम हैं। मुस्लिम बहुल गांवों का औसत यहां सबसे कम है। मुस्लिम बहुल फुलत गांव का औसत केवल 60 प्रतिशत ही है। हालांकि काटका, चित्तौडा, खतौली, जानसठ का औसत 65 से 70 प्रतिशत के बीच रहा। खतौली विधानसभा में जिले में सबसे ज्यादा 72.16 प्रतिशत वोट पड़ा है। यहां कुल तीन लाख छह हजार 871 वोटों में से दो लाख 21 हजार 433 मत पड़े हैं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने लोकसभा चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पड़े वोटों का आंकड़ा जारी कर दिया है। प्रत्याशी और उनके समर्थक इस आंकड़े में उलझ गए हैं। जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें जिले में सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत भाजपा प्रत्याशी डॉ संजीव बालियान के गांव कुटबा के बूथ नंबर 218 का रहा। यहां 95.13 प्रतिशत वोट पड़े हैं। कुटबा चरथावल विधानसभा क्षेत्र में आता है। सबसे कम वोट भी इसी विधानसभा क्षेत्र के बघरा के बूथ नंबर 238 पर मात्र 36.01 पड़ा है। लोकसभा के सभी बूथों पर नजर दौड़ाई जाए तो जाटों के गांवों से ज्यादा वोट प्रतिशत ठाकुर, गुर्जर, सैनी, त्यागी, पाल और कश्यप के गांवों का रहा है। बुढ़ाना में मुसलमान के बहुल के गांवों में अन्य विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले अधिक मतदान हुआ।
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट की चरथावल विधानसभा सीट में सबसे कम और अधिक प्रतिशत वोटिंग का रिकार्ड बना है। इस विधानसभा के गांव कुटबा के बूथ नंबर 218 पर सबसे ज्यादा 95.13 प्रतिशत वोटिंग हुई है। यह भाजपा प्रत्याशी डॉ संजीव बालियान का गांव है। इसी विधानसभा के बघरा गांव के बूथ नंबर 238 पर जिले की सबसे कम 36.01 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह बूथ मुस्लिम बहुल है। चरथावल विधानसभा में जाट बहुल अधिकतम गांवों में 65 प्रतिशत के लगभग ही मतदान हुआ है। मुस्लिम बहुल गांवों का वोट प्रतिशत अधिकतम 65 से 75 के बीच है। विधानसभा क्षेत्र में राजपूत, सैनी, कश्यप, पाल के गांवों का प्रतिशत 70 से 85 प्रतिशत के बीच है। चरथावल में कुल 68.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीन लाख 24 हजार 713 मतों में से दो लाख 22 हजार 178 मत पड़े हैं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर शहर विधानसभा सीट पर सबसे कम मतदान जैनबिया गर्ल्स स्कूल के बूथ नंबर 51 पर 44.41 प्रतिशत हुआ है। यह मुस्लिम बहुल बूथ है। सबसे अधिक मतदान धंधेड़ा गांव के बूथ नंबर 319 पर हुआ है, यह भी मुस्लिम बहुल है। शहर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम बहुल खालापार, मल्हूपुरा, लद्दावाला का मतदान हिंदू बहुल नईमंडी और गांधी कालोनी के बराबर ही रहा। शहर में रामलीला टिल्ला क्षेत्र के बूथों और ग्रामीण अंचल के पिछड़ी जाति बहुल बूथों पर अधिक मतदान हुआ है। इनका प्रतिशत 70 से 80 के बीच है। विधानसभा क्षेत्र में 64.96 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीन लाख 46 हजार 832 मतदाताओं में से दो लाख 25 हजार 311 ने अपने वोट डाले हैं।
विज्ञापन
बुढ़ाना विधानसभा सीट में सबसे अधिक मतदान हिंदू मिश्रित आबादी बहुल बहलोलपुर के बूथ नंबर 64 पर हुआ है। यहां 88.12 प्रतिशत वोट पड़े हैं। सबसे कम मतदान जाट बहुल गांव भौराकलां के बूथ नंबर 176 पर हुआ है। बुढ़ाना में मुस्लिम बहुल गांवों जौला, कल्याणपुर, दभेड़ी आदि में वोट प्रतिशत 70 से 80 तक रहा। हालांकि मुस्लिम बहुल लोई, बसी, कसेरवा मत प्रतिशत 60 से 70 के बीच ही रहा। इस विधानसभा में जाट बहुल गांवों का औसत अधिकतम 60 से 65 प्रतिशत के बीच है। राजपूत, त्यागी, सैनी बहुल गांवों में वोट प्रतिशत 65 से 75 प्रतिशत के बीच है। इस विधानसभा क्षेत्र में जिले के सबसे ज्यादा तीन लाख 70 हजार 933 मतदाता हैं। इनमें से दो लाख 53 हजार 551 मतदाताओं ने वोट डाले हैं। इस विधानसभा में 68.35 प्रतिशत मतदान हुआ है।
खतौली विधानसभा में सबसे बंपर वोटिंग हुआ है। यहां सबसे अधिक मत रवा राजपूत बहुल गांव लाडपुर के बूथ नंबर 161 पर 93.54 प्रतिशत के हिसाब से पड़े हैं। सबसे कम वोट यहां मुस्लिम बहुल गांव फुलत के बूथ नंबर 272 पर 52.14 प्रतिशत पड़े। इस विधानसभा सीट पर राजपूत, सैनी, गुर्जर, पाल, कश्यप बहुल गांवों में 75 से 85 प्रतिशत वोट पड़ा है। जाट बहुल गांवों में यहां 65 से 75 प्रतिशत मतदान हुआ। इस विधानसभा में जाट समाज के गांव सबसे कम हैं। मुस्लिम बहुल गांवों का औसत यहां सबसे कम है। मुस्लिम बहुल फुलत गांव का औसत केवल 60 प्रतिशत ही है। हालांकि काटका, चित्तौडा, खतौली, जानसठ का औसत 65 से 70 प्रतिशत के बीच रहा। खतौली विधानसभा में जिले में सबसे ज्यादा 72.16 प्रतिशत वोट पड़ा है। यहां कुल तीन लाख छह हजार 871 वोटों में से दो लाख 21 हजार 433 मत पड़े हैं।