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अब खुद ही कट जाएंगे मृतकों के वोट
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:31 AM IST
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खुद ही कट जाएंगे मृतकों के वोट
मुजफ्फरनगर। वोटर लिस्ट से मृतकों का नाम कटवाने के लिए अब लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं रहेगी। परिजनों को फार्म सात नहीं भरना पड़ेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ ने जिला निर्वाचन कार्यालय को निर्देश दिए हैं कि मृतकों की सूची एकत्र कर उनके नाम वोटर लिस्ट से काट दें। इसके लिए ट्रेजरी, पेंशन, ग्राम पंचायतों और निकायों से मृतकों की सूची ले ली जाए।
चुनावों में अक्सर मृतकों के वोट बने रहने की शिकायतें होती रहती हैं। इन शिकायतों को दूर करने और वोटर लिस्ट को अपडेट रखने के लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय से नए आदेश आए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि मृतकों के वोट काटने के लिए फार्म सात को भरने का इंतजार नहीं करना है। नगर निकाय शहरी क्षेत्र के लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करती है। यह डाटा इंटरनेट से भी जुड़ा है। यहां से मृतकों की सूची ली जा सकती है। ग्राम पंचायतें भी मृत्यु प्रमाण जारी करती हैं, उनसे भी डाटा लिया जा सकता है।
विधवा, वृद्धा, विकलांग आदि पेंशन कार्यालयों से उनके यहां मृतकों की सूची ली जा सकती है। ट्रेजरी से पेंशन पाने वाले मृतकों की सूची आसानी से मिल सकती है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से आए आदेशों का पालन करने के निर्देश सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी रणजीत सरोज को दिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में समस्त डाटा उनके पास होना चाहिए। कितने मृतक वोटरों के नाम काटे गए इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। इस कार्य को तत्परता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर। वोटर लिस्ट से मृतकों का नाम कटवाने के लिए अब लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं रहेगी। परिजनों को फार्म सात नहीं भरना पड़ेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ ने जिला निर्वाचन कार्यालय को निर्देश दिए हैं कि मृतकों की सूची एकत्र कर उनके नाम वोटर लिस्ट से काट दें। इसके लिए ट्रेजरी, पेंशन, ग्राम पंचायतों और निकायों से मृतकों की सूची ले ली जाए।
चुनावों में अक्सर मृतकों के वोट बने रहने की शिकायतें होती रहती हैं। इन शिकायतों को दूर करने और वोटर लिस्ट को अपडेट रखने के लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय से नए आदेश आए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि मृतकों के वोट काटने के लिए फार्म सात को भरने का इंतजार नहीं करना है। नगर निकाय शहरी क्षेत्र के लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करती है। यह डाटा इंटरनेट से भी जुड़ा है। यहां से मृतकों की सूची ली जा सकती है। ग्राम पंचायतें भी मृत्यु प्रमाण जारी करती हैं, उनसे भी डाटा लिया जा सकता है।
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विधवा, वृद्धा, विकलांग आदि पेंशन कार्यालयों से उनके यहां मृतकों की सूची ली जा सकती है। ट्रेजरी से पेंशन पाने वाले मृतकों की सूची आसानी से मिल सकती है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से आए आदेशों का पालन करने के निर्देश सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी रणजीत सरोज को दिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में समस्त डाटा उनके पास होना चाहिए। कितने मृतक वोटरों के नाम काटे गए इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। इस कार्य को तत्परता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
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