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पाप के कांटों को पुण्य की सूंई से निकालें: आचार्य
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:47 AM IST
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पाप के कांटों को पुण्य की सूंई से निकालें : आचार्य
मुजफ्फरनगर। आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि जो साधु ध्यान और अध्ययन नहीं करता उसे साधु कहलाने का अधिकार नहीं है। जो श्रावक दान और पूजन नहीं करता उसे श्रावक कहलाने का भी अधिकार नहीं है।
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में धर्म सभा में आचार्य श्री ने कहा कि नर जीवन को प्राप्त कर जो अपने जीवन में पाप कर्मो से दूर रहते हैं वही इस नर जीवन को सफल कर पाते हैं। पैर में चुभे कांटे से मानव बेचैन हो जाता है। सूई से उस कांटे को निकालने के बाद राहत मिलती है। संत ने कहा कि हमें अपने जीवन के अंदर के कांटों पर भी ध्यान देना चाहिए। पाप के कांटों को निकालने के लिए हमें पुण्य की सूई का सहारा लेना चाहिए। जब तक पूण्य की सूई से पाप के कांटे नहीं निकलेंगे जीवन में शांति नहीं आयेगी। आचार्य ने कहा कि जब कोई व्यक्ति आवेश में बोलता है, तो उसकी बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए। क्रोधी व्यक्ति को विवेक नहीं रहता है। जब क्रोध शांत हो जाए तब उस बात का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में बिना विचारे कोई काम नहीं करना चाहिए। उधर, अतिशय क्षेत्र वहलना समिति के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के सानिध्य में 29 जुलाई को होगा। सुबह आठ बजे से कार्यक्रम शुरु होगा।
तुलसी जयंती महोत्सव 28 से
मुजफ्फरनगर। तुलसी मानस मंडल के अध्यक्ष विष्णुदत्त एडवोकेट ने बताया कि तुलसीदास जयंती महोत्सव 28 जुलाई से होगा। 28 को राम जन्मोत्सव, 29 को राम विवाह और 30 जुलाई को श्रीराम राज्याभिषेक होगा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर दयारामदास जी महाराज पधारेंगे। कार्यक्रम शामली रोड स्थित सत्संग भवन में होंगे।
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मुजफ्फरनगर। आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि जो साधु ध्यान और अध्ययन नहीं करता उसे साधु कहलाने का अधिकार नहीं है। जो श्रावक दान और पूजन नहीं करता उसे श्रावक कहलाने का भी अधिकार नहीं है।
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में धर्म सभा में आचार्य श्री ने कहा कि नर जीवन को प्राप्त कर जो अपने जीवन में पाप कर्मो से दूर रहते हैं वही इस नर जीवन को सफल कर पाते हैं। पैर में चुभे कांटे से मानव बेचैन हो जाता है। सूई से उस कांटे को निकालने के बाद राहत मिलती है। संत ने कहा कि हमें अपने जीवन के अंदर के कांटों पर भी ध्यान देना चाहिए। पाप के कांटों को निकालने के लिए हमें पुण्य की सूई का सहारा लेना चाहिए। जब तक पूण्य की सूई से पाप के कांटे नहीं निकलेंगे जीवन में शांति नहीं आयेगी। आचार्य ने कहा कि जब कोई व्यक्ति आवेश में बोलता है, तो उसकी बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए। क्रोधी व्यक्ति को विवेक नहीं रहता है। जब क्रोध शांत हो जाए तब उस बात का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में बिना विचारे कोई काम नहीं करना चाहिए। उधर, अतिशय क्षेत्र वहलना समिति के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के सानिध्य में 29 जुलाई को होगा। सुबह आठ बजे से कार्यक्रम शुरु होगा।
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तुलसी जयंती महोत्सव 28 से
मुजफ्फरनगर। तुलसी मानस मंडल के अध्यक्ष विष्णुदत्त एडवोकेट ने बताया कि तुलसीदास जयंती महोत्सव 28 जुलाई से होगा। 28 को राम जन्मोत्सव, 29 को राम विवाह और 30 जुलाई को श्रीराम राज्याभिषेक होगा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर दयारामदास जी महाराज पधारेंगे। कार्यक्रम शामली रोड स्थित सत्संग भवन में होंगे।
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