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सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर जलाभिषेक का मुहूर्त
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:57 PM IST
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मुजफ्फरनगर से होकर गुजरती कांवड़ियों की टोली।
- फोटो : अमर उजाला
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24 फरवरी को मनाए जाने वाली महाशिवरात्रि के पर्व का शुभ मुहूर्त निकल आया है। शुक्रवार सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर सूर्योदय के साथ ही जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त रहेगा। यह समय श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है। इसके साथ ही 24 फरवरी की रात्रि को विशेष पूजा का अवसर भी पड़ रहा है। यह समय रात्रि 12:33 मिनट से लेकर 03:05 मिनट तक रहेगा।
पंडित संजीव कुमार शर्मा के अनुसार चतुर्दशी तिथि 24 फरवरी की रात्रि साढ़े नौ बजे से प्रारंभ होगी, जो 25 फरवरी रात्रि सवा नौ बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष माना जाता है। इस बार शिव भक्तों के लिए विशेष संयोग बन रहे हैं। महाशिवरात्रि पर प्रदोष, श्रवण नक्षत्र होने से ये महाशिवरात्रि विशेष फलदायी देने वाली होगी।
ऐसे करे भगवान का जलाभिषेक
भगवान शिव का गाय के दूध से अभिषेक करने पर पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। जबकि गन्ने, अनार और संतरे के रस से लक्ष्मी प्राप्ति, दही से पशु आदि की प्राप्ति, घी से असाध्य रोगों से मुक्ति। वहीं शर्करा मिश्रित जल से विद्या बुद्धि के लिए जलाभिषेक करें। साथ ही शत्रु पर विजय के लिए सरसों, पीली सरसों आदि चढ़ा सकते हैं। इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर बेलपत्री, काला धतूरा चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
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गुजरे भोले, सज गए शिवालय
मुजफ्फरनगर। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवालय सज गए हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से शिवालय नहा गए हैं। बुधवार को हरिद्वार से शिवभक्त कांवड़िये गंगाजल लेकर शहर से गुजरे, जो शिवचौक पर भगवान आशुतोष से मनोकामना करते हुए अपने शिवालयों की ओर बढ़े।
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पंडित संजीव कुमार शर्मा के अनुसार चतुर्दशी तिथि 24 फरवरी की रात्रि साढ़े नौ बजे से प्रारंभ होगी, जो 25 फरवरी रात्रि सवा नौ बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष माना जाता है। इस बार शिव भक्तों के लिए विशेष संयोग बन रहे हैं। महाशिवरात्रि पर प्रदोष, श्रवण नक्षत्र होने से ये महाशिवरात्रि विशेष फलदायी देने वाली होगी।
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ऐसे करे भगवान का जलाभिषेक
भगवान शिव का गाय के दूध से अभिषेक करने पर पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। जबकि गन्ने, अनार और संतरे के रस से लक्ष्मी प्राप्ति, दही से पशु आदि की प्राप्ति, घी से असाध्य रोगों से मुक्ति। वहीं शर्करा मिश्रित जल से विद्या बुद्धि के लिए जलाभिषेक करें। साथ ही शत्रु पर विजय के लिए सरसों, पीली सरसों आदि चढ़ा सकते हैं। इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर बेलपत्री, काला धतूरा चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
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गुजरे भोले, सज गए शिवालय
मुजफ्फरनगर। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवालय सज गए हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से शिवालय नहा गए हैं। बुधवार को हरिद्वार से शिवभक्त कांवड़िये गंगाजल लेकर शहर से गुजरे, जो शिवचौक पर भगवान आशुतोष से मनोकामना करते हुए अपने शिवालयों की ओर बढ़े।