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शुक्रताल में गंगा स्नान के बाद गंदगी के ढ़ेर लगे
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:18 AM IST
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मोरना (मुजफ्फरनगर)।
कार्तिक गंगा स्नान मेले के उपरांत शुक्रताल में चारों ओर गंदगी फैल गई है। खाली पॉलीबैग समेत बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के सामान चारों ओर बिखरे हुए हैं। गंगाघाट पर भारी गंदगी फैली हुई है। पुराने कपड़ों समेत तर्पण की हुई वस्तुएं श्रद्धालुओं का मन खिन्न कर रही है।
चार नवंबर को संपन्न हुए मुख्य गंगास्नान में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था। मेले के समापन के उपरांत शुक्रताल में चारों ओर भारी गंदगी फैल गई हैं। खाने पीने की शेष वस्तुओं से लेकर अन्य सामग्री बिखरी हुई है। श्रद्धालुओं द्वारा प्रयोग में लाई गई प्लास्टिक की वस्तुएं इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। मेले के आयोजन को लेकर लाखों का बजट बताने वाले प्रशासन के पास मेले के उपरांत फैली गंदगी को साफ कराने के लिए कोई बजट का पैसा नहीं है। गंगा घाट पर गंदगी के ढेरों पर आवारा पशु टहल रहे हैं। साधु और संतों सहित नागरिकों ने प्रशासन से गंदगी को हटाने की गुहार लगाई है। मेला ग्राउंड से लेकर विश्व कल्याणी घाट मुख्य गंगा स्नान घाट, अंबेडकर चौक, शिवधाम कॉलोनी सहित नगर के प्रमुख मार्गों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। गंदगी के ढेरों से आती दुर्गंध से नागरिक परेशान है। बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न होने लगा है।
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कार्तिक गंगा स्नान मेले के उपरांत शुक्रताल में चारों ओर गंदगी फैल गई है। खाली पॉलीबैग समेत बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के सामान चारों ओर बिखरे हुए हैं। गंगाघाट पर भारी गंदगी फैली हुई है। पुराने कपड़ों समेत तर्पण की हुई वस्तुएं श्रद्धालुओं का मन खिन्न कर रही है।
चार नवंबर को संपन्न हुए मुख्य गंगास्नान में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था। मेले के समापन के उपरांत शुक्रताल में चारों ओर भारी गंदगी फैल गई हैं। खाने पीने की शेष वस्तुओं से लेकर अन्य सामग्री बिखरी हुई है। श्रद्धालुओं द्वारा प्रयोग में लाई गई प्लास्टिक की वस्तुएं इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। मेले के आयोजन को लेकर लाखों का बजट बताने वाले प्रशासन के पास मेले के उपरांत फैली गंदगी को साफ कराने के लिए कोई बजट का पैसा नहीं है। गंगा घाट पर गंदगी के ढेरों पर आवारा पशु टहल रहे हैं। साधु और संतों सहित नागरिकों ने प्रशासन से गंदगी को हटाने की गुहार लगाई है। मेला ग्राउंड से लेकर विश्व कल्याणी घाट मुख्य गंगा स्नान घाट, अंबेडकर चौक, शिवधाम कॉलोनी सहित नगर के प्रमुख मार्गों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। गंदगी के ढेरों से आती दुर्गंध से नागरिक परेशान है। बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न होने लगा है।
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