{"_id":"598b63b74f1c1b83758b45d1","slug":"41502307255-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीआईओएस ने लिपिकों के पटल बदले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीआईओएस ने लिपिकों के पटल बदले
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीआईओएस ने लिपिकों के पटल बदले
मुजफ्फरनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे कुछ लिपिकों के पटल बदले गए हैं। डीआईओएस ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर इन लिपिकों के पटल चेंज किए हैं, मगर अभी भी कुछ ऐसे लिपिक हैं जो एक दशक से अधिक समय से एक ही पटल पर कार्यरत हैं।
डीआईओएस कार्यालय में कार्यरत लिपिकों की कार्यगुजारी को लेकर लगातार हंगामे होते रहते हैं। विगत सप्ताह आठ माह से वेतन नहीं मिलने से गुस्साए व्यावसायिक शिक्षकों ने कार्यालय पर हंगामा कर प्रदर्शन किया था। उन्होंने लिपिकों पर जान बूझ कर उनका वेतन जारी न करने और एक पटल के कार्य को दूसरे पटल के बाबू द्वारा करने का आरोप लगाया था। लगातार मिल रही शिकायत के मद्देनजर डीआईओएस मुनेश कुमार ने कुछ क्लर्कों के पटल बदले हैं। इनमें अहसान को वार्ड परीक्षा संचालन से राजकीय प्रबंध, मनीष भाटिया को प्रबंध/लेखा से बोर्ड परीक्षा संचालन, लक्ष्मण को मानदेय अंशकालिक से लेखा राजकीय, सुनील को तहसील बुढ़ाना से तहसील खतौली, मुकेश वर्मा को तहसील खतौली से तहसील बुढ़ाना, भवन कुमार को आरटीआई/व्यावसायिक शिक्षा से डिस्पेच, चंद्रकिरण को डिस्पेच से आरटीआई कोचिंग, शुपेंद्र को जानसठ तहसील, बलराज को खतौली-जानसठ लेखा से मुजफ्फनगर-बुढ़ाना लेखा और प्रमोद चौहान को मुजफ्फरनगर-बुढ़ाना लेखा से खतौली-जानसठ लेखा पटल पर भेजा है।
इस फेरबदल में कई मठाधीश लिपिकों के पटल नहीं बदले गए, जिनमें से कई तो एक दशक से अधिक समय से एक ही पटल की कुर्सी पर कुंडली मारे बैठे है। प्रमोद शर्मा बिल-ग्रांट पास, दुष्यंत त्यागी सदर तहसील प्रबंध समिति, जयगोपाल सदर तहसील माध्यमिक, राजेश राष्ट्रपति पुरस्कार पटल पर अभी भी जमे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि डीएम जीएस प्रियदर्शी ने शासन के आदेश का हवाला देकर सभी विभागाध्यक्षों को उनके कार्यालयों में बीते तीन साल से एक ही पटल पर जमे कर्मचारियों के पटल बदलने के निर्देश दिए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे कुछ लिपिकों के पटल बदले गए हैं। डीआईओएस ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर इन लिपिकों के पटल चेंज किए हैं, मगर अभी भी कुछ ऐसे लिपिक हैं जो एक दशक से अधिक समय से एक ही पटल पर कार्यरत हैं।
डीआईओएस कार्यालय में कार्यरत लिपिकों की कार्यगुजारी को लेकर लगातार हंगामे होते रहते हैं। विगत सप्ताह आठ माह से वेतन नहीं मिलने से गुस्साए व्यावसायिक शिक्षकों ने कार्यालय पर हंगामा कर प्रदर्शन किया था। उन्होंने लिपिकों पर जान बूझ कर उनका वेतन जारी न करने और एक पटल के कार्य को दूसरे पटल के बाबू द्वारा करने का आरोप लगाया था। लगातार मिल रही शिकायत के मद्देनजर डीआईओएस मुनेश कुमार ने कुछ क्लर्कों के पटल बदले हैं। इनमें अहसान को वार्ड परीक्षा संचालन से राजकीय प्रबंध, मनीष भाटिया को प्रबंध/लेखा से बोर्ड परीक्षा संचालन, लक्ष्मण को मानदेय अंशकालिक से लेखा राजकीय, सुनील को तहसील बुढ़ाना से तहसील खतौली, मुकेश वर्मा को तहसील खतौली से तहसील बुढ़ाना, भवन कुमार को आरटीआई/व्यावसायिक शिक्षा से डिस्पेच, चंद्रकिरण को डिस्पेच से आरटीआई कोचिंग, शुपेंद्र को जानसठ तहसील, बलराज को खतौली-जानसठ लेखा से मुजफ्फनगर-बुढ़ाना लेखा और प्रमोद चौहान को मुजफ्फरनगर-बुढ़ाना लेखा से खतौली-जानसठ लेखा पटल पर भेजा है।
विज्ञापन
इस फेरबदल में कई मठाधीश लिपिकों के पटल नहीं बदले गए, जिनमें से कई तो एक दशक से अधिक समय से एक ही पटल की कुर्सी पर कुंडली मारे बैठे है। प्रमोद शर्मा बिल-ग्रांट पास, दुष्यंत त्यागी सदर तहसील प्रबंध समिति, जयगोपाल सदर तहसील माध्यमिक, राजेश राष्ट्रपति पुरस्कार पटल पर अभी भी जमे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि डीएम जीएस प्रियदर्शी ने शासन के आदेश का हवाला देकर सभी विभागाध्यक्षों को उनके कार्यालयों में बीते तीन साल से एक ही पटल पर जमे कर्मचारियों के पटल बदलने के निर्देश दिए हुए हैं।
विज्ञापन