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40 साल पहले घर छोड़कर गया युवक लौटा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:05 AM IST
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40 साल बाद घर लौटा व्यक्ति परिजनों के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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मोरना से 40 वर्ष पहले घर छोड़कर गए युवक के अचानक लौट आने से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। शमीम के चाचा और चाची के आंखों में खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मोरना के गांव ककरौली के मोहल्ला बस स्टैंड निवासी हाजी शौकत अली के पुत्र मोहम्मद कासिम ने बताया कि माता की मौत होने के बाद घर में खाना बनाने के लाले पड़ गये थे।
जिसके चलते पिता ने भाई मोहम्मद शमीम का निकाह छपार क्षेत्र के गांव भैंसरहेड़ी में सलमा के साथ सन 1975 में करा दिया। गौना होने के बाद शमीम अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया, तो ससुरालियों ने पत्नी को भेजने से मना कर दिया था। इस बात से गुस्साया शमीम घर छोड़ कर कहीं चला गया था।
कई वर्षों तक पता नहीं चलने पर उसके पिता ने हज यात्रा कर बेटे के वापसी की दुआ की। शमीम चार दशक बाद बदायूं के राज मिस्त्री ठेकेदार मोहकम के साथ अपने घर पहुंचा। भाइयों ने अपने भाई को पहचानते हुए भागकर गले लगाकर घंटों तक रोते रहे। मोहम्मद शमीम ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह पंजाब, दिल्ली, बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, सिकंदराबाद आदि शहरों में राजमिस्त्री का कार्य कर जिंदगी बसर करता रहा।
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1994 को जिला बदायूं के गांव मिर्जापुर के निवासी सलमा पठान के साथ शादी कर ली। जिससे उसकी पत्नी को दो बेटे जाहिद व शाहिद पैदा हुए। बकरा ईद पर वह अपने परिवार के साथ इकट्ठा होकर खुशियां मनाएगा।
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जिसके चलते पिता ने भाई मोहम्मद शमीम का निकाह छपार क्षेत्र के गांव भैंसरहेड़ी में सलमा के साथ सन 1975 में करा दिया। गौना होने के बाद शमीम अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया, तो ससुरालियों ने पत्नी को भेजने से मना कर दिया था। इस बात से गुस्साया शमीम घर छोड़ कर कहीं चला गया था।
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कई वर्षों तक पता नहीं चलने पर उसके पिता ने हज यात्रा कर बेटे के वापसी की दुआ की। शमीम चार दशक बाद बदायूं के राज मिस्त्री ठेकेदार मोहकम के साथ अपने घर पहुंचा। भाइयों ने अपने भाई को पहचानते हुए भागकर गले लगाकर घंटों तक रोते रहे। मोहम्मद शमीम ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह पंजाब, दिल्ली, बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, सिकंदराबाद आदि शहरों में राजमिस्त्री का कार्य कर जिंदगी बसर करता रहा।
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1994 को जिला बदायूं के गांव मिर्जापुर के निवासी सलमा पठान के साथ शादी कर ली। जिससे उसकी पत्नी को दो बेटे जाहिद व शाहिद पैदा हुए। बकरा ईद पर वह अपने परिवार के साथ इकट्ठा होकर खुशियां मनाएगा।