फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   24 Thousand

24 हजार का दावा हवाई, बैंकों में दो हजार के भी लाले

Fri, 09 Dec 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 09 Dec 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
24 Thousand
लालूखेड़ी के स्टेट बैंक के बाहर लगी भी़ड़। - फोटो : अमर उजाला
बैंकों में जमा पैसा समय पर नहीं मिलने आम जनता का शादी में शरीक होना भी मुश्किल हो गया है। शादी में रिश्तेदारी में भात और कन्यादान तक के पैसे आम आदमी को नहीं मिल पा रहे हैं। अपना ही पैसा बैंक से निकलने में आ रही दिक्कत से किसान-मजदूर व्यवस्था से बेहद खफा हैं। शहर में एटीएम कम संख्या में चल रहे हैं, जो चल रहे हैं, उन पर लंबी लाइनें हैं। दो हजार के लिए भी आम आदमी को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। नोटबंदी के बाद कदम को सही बताने वाली जनता ही सरकार पर हमलावर होने लगी है।  
विज्ञापन

    
नोटबंदी को एक माह हो गया और जनता की समस्या सुलझने की बजाय उलझती जा रही है। जिन लोगों का न तो काले धन से मतलब और न ही राजनीति से कोई लेना देना, वह बैंकों की कतार में लगकर ऊब चुके हैं। आरबीआई का 24 हजार का दावा नो कैश में हवाई हो रहा है। एसबीआई की कुछ शाखाएं ही आदेशों का पालन कर पा रही हैं, बाकी बैंकों में में चार-पांच घंटे की लाईन के बाद पांच हजार ऐसे मिल रहे हैं, जैसे सरकार ने कोई खैरात दे दी हो।
विज्ञापन


हालात ये हैं जिन घरों में शादी है, जिन्हें भात देना है, कन्यादान देना है, उन्हें भी बैंकों से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। भात में बहनों के यहां अच्छा-खासा पैसा देने की प्रथा है, लोग अपनी हैसियत के हिसाब से खर्च करते हैं। ऐसे में पांच-दस हजार मिलने पर आम आदमी परेशान हैं और रिश्तेदारियों में अपनी इज्जत बचाने को ईधर-उधर से पैसे जुटा रहा है। इन हालातों में व्यवस्था पर जमकर अपना गुस्सा निकाल रहा है। गुरुवार को शहर की एसबीआई की शाखाएं ही 24 हजार तक का भुगतान कर पाई। एसबीआई को मेरठ से कुछ पैसा मिल गया है। एचडीएफसी कोर्ट रोड के ब्रांच मैनेजर नितिन सौरभ ने बताया कि वह भी पूरा भुगतान कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लीड बैंक होते हुए भी पीएनबी के सामने नो कैश की समस्या बनी है। पीएनबी की शाखाओं पर ही लोग अधिक गुस्सा उतार रहे हैं। अन्य बैंकों में भी कैश की समस्या बरकरार है। शहर के एटीएम भी एसबीआई के ही चल पा रहे हैं। कुछ ही एटीएम चलने के कारण लंबी कतारे लगी हैं। मजबूरी में लोगों को दो हजार के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है। बैंकों में कैश को लेकर जनपद के एलडीएम भी कोई खास जवाब नहीं दे पाए।       
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed