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आयोग ने सुनी महिलाओं की पीड़ा
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आयोग ने सुनीं महिलाओं की पीड़ा
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या चंद्रमुखी देवी ने महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरणों की जन सुनवाई की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी न होने पर कई प्रकरण सुलझ नहीं पाते हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में महिला आयोग की सदस्या और उनकी टीम ने कुल 37 प्रकरणों की सुनवाई की। आयोग सदस्या चंद्रमुखी देवी ने कहा कि जिन पीड़ित महिलाओं ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए हैं, उन आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। महिलाओं के आत्म सम्मान एवं उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीड़ित महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी मामलों में त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने एक-एक महिला को बुलवाकर उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी से महिलाओं के प्रकरण आने के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारी अजय कुमार अंबष्ट ने बताया कि यदि किसी महिला या आम नागरिक के द्वारा पीड़ित महिला के संबंध में जानकारी दी जाती है तो तत्काल 181 महिला हेल्प लाइन को सूचित किया जाता है और पीड़ित महिला को संरक्षण प्रदान किया जाता है और प्रकरण का निस्तारण कराया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की जेटीई तनिष्ठा अरोडा, काउंसलर वरूण छावडा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आलोक शर्मा, सीओ सिटी हरीश भदौरिया, समाजसेवी बीना शर्मा, मिनाक्षी शर्मा एसओ महिला थाना, प्रीता सिंह प्रभारी महिला हेल्प लाइन आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या चंद्रमुखी देवी ने महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरणों की जन सुनवाई की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी न होने पर कई प्रकरण सुलझ नहीं पाते हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में महिला आयोग की सदस्या और उनकी टीम ने कुल 37 प्रकरणों की सुनवाई की। आयोग सदस्या चंद्रमुखी देवी ने कहा कि जिन पीड़ित महिलाओं ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए हैं, उन आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। महिलाओं के आत्म सम्मान एवं उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीड़ित महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी मामलों में त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने एक-एक महिला को बुलवाकर उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी से महिलाओं के प्रकरण आने के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारी अजय कुमार अंबष्ट ने बताया कि यदि किसी महिला या आम नागरिक के द्वारा पीड़ित महिला के संबंध में जानकारी दी जाती है तो तत्काल 181 महिला हेल्प लाइन को सूचित किया जाता है और पीड़ित महिला को संरक्षण प्रदान किया जाता है और प्रकरण का निस्तारण कराया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की जेटीई तनिष्ठा अरोडा, काउंसलर वरूण छावडा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आलोक शर्मा, सीओ सिटी हरीश भदौरिया, समाजसेवी बीना शर्मा, मिनाक्षी शर्मा एसओ महिला थाना, प्रीता सिंह प्रभारी महिला हेल्प लाइन आदि मौजूद रहे।
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