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किसान धनप्रकाश त्यागी के बैंक ऋण की होगी जांच
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:40 AM IST
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धनप्रकाश त्यागी के बैंक ऋण की होगी जांच
खतौली। तहसीलदार अमित कुमार ने कहा कि आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसान धनप्रकाश त्यागी के नाम पर बैंककर्मियों की मिलीभगत कर उसके नाम ऋण जारी कर दिया गया। इस मामले में गहनता से जांच पड़ताल होगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोंहजनी तगान निवासी कर्ज में डूबे वृद्ध किसान धनप्रकाश त्यागी ने विगत दिनों आत्महत्या का प्रयास किया था। जिसे गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इस मामले को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाईवे पर धरना देकर बैठ गए थे। मंगलवार को तहसील सभागार में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, इलाहबाद बैंक के शाखा प्रबंधक अमरीश कुमार, एसबीआई मंसूरपुर बैंक के शाखा प्रबंधक अनिल मुखेजा तथा तहसीलदार अमित कुमार के बीच वार्ता हुई।
तहसीलदार ने बताया कि इलाहाबाद बैंक ने किसान धनप्रकाश के नाम 2012 में ट्रैक्टर पर 4.90 लाख तथा 2013 में केसीसी पर तीप लाख का ऋण जारी किया। जबकि एसबीआई मंसूरपुर ने फरवरी 2013 में केसीसी पर 4.37 लाख का ऋण जारी किया। जांच पड़ताल में प्रथम दृष्टया पाया गया कि बैंक की फाइल में डीड गायब मिली है। बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत कर किसान के नाम पर ऋण जारी कराया है। इस मामले में बैंकों के रीजनल मैनेजर तथा एलडीएम को पत्र भेजा जाएगा। इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी।
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खतौली। तहसीलदार अमित कुमार ने कहा कि आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसान धनप्रकाश त्यागी के नाम पर बैंककर्मियों की मिलीभगत कर उसके नाम ऋण जारी कर दिया गया। इस मामले में गहनता से जांच पड़ताल होगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोंहजनी तगान निवासी कर्ज में डूबे वृद्ध किसान धनप्रकाश त्यागी ने विगत दिनों आत्महत्या का प्रयास किया था। जिसे गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इस मामले को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाईवे पर धरना देकर बैठ गए थे। मंगलवार को तहसील सभागार में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, इलाहबाद बैंक के शाखा प्रबंधक अमरीश कुमार, एसबीआई मंसूरपुर बैंक के शाखा प्रबंधक अनिल मुखेजा तथा तहसीलदार अमित कुमार के बीच वार्ता हुई।
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तहसीलदार ने बताया कि इलाहाबाद बैंक ने किसान धनप्रकाश के नाम 2012 में ट्रैक्टर पर 4.90 लाख तथा 2013 में केसीसी पर तीप लाख का ऋण जारी किया। जबकि एसबीआई मंसूरपुर ने फरवरी 2013 में केसीसी पर 4.37 लाख का ऋण जारी किया। जांच पड़ताल में प्रथम दृष्टया पाया गया कि बैंक की फाइल में डीड गायब मिली है। बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत कर किसान के नाम पर ऋण जारी कराया है। इस मामले में बैंकों के रीजनल मैनेजर तथा एलडीएम को पत्र भेजा जाएगा। इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी।
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