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विद्यालय का चपरासी बोला, नया स्टाफ आने पर ताला खुलेगा
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:06 AM IST
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नया स्टाफ आने पर ताला खुलेगा
खतौली। गांव तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में चौथे दिन भी ताला लटका रहा। एक अभिभावक विद्यालय से अपनी बालिकाओं की टीसी कटवाने के लिए पहुंचा। अभिभावक को मिले चपरासी ने बताया कि नए स्टाफ के आने पर ही विद्यालय का ताला खुलेगा। उधर, अभी तक बालिकाओं को वापस बुलाने को शिक्षा विभाग का को भी अधिकारी नाराज अभिभावकों को मनाने के लिए उनके घर तक नहीं पहुंचा।
विद्यालय के स्टाफ की संविदा समाप्त करने, स्टाफ को पुलिस बल के द्वारा बाहर निकालने को लेकर शुक्रवार को नाराज अभिभावक बालिकाओं को सामान समेत विद्यालय से घर लेकर चले गए थे। उसी दिन से विद्यालय पर ताला लटका हुआ है। रविवार को मेन गेट पर भी ताला लगा दिया गया था। सोमवार को भी विद्यालय में बालिकाएं नहीं लौटीं। इसलिए विद्यालय पर ताला लटका रहा। विद्यालय में नया स्टाफ भी नहीं आ रहा है।
गांव लिसौड़ा निवासी अभिभावक सुरेंद्र अपनी बालिकाओं की टीसी कटवाने के लिए सोमवार को विद्यालय गया था। विद्यालय के मेन गेट पर ताला लटका होने पर वह वापस चल दिया। सुरेंद्र ने बताया कि रास्ते में उसको विद्यालय का चपरासी मिला था। चपरासी ने बताया कि नए स्टाफ के नहीं आने से विद्यालय के मेन गेट पर भी ताला लगा दिया गया है। नए स्टाफ के आने पर ही विद्यालय का गेट खुल सकेगा। उधर, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को भी मीडिया के लोगों के फोन रिसीव नहीं किए।
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बालिकाओं को वापस लाने की कोशिश नहीं
अभिभावकों के साथ विद्यालय छोड़कर घर गईं बालिकाओं को वापस बुलाने के लिए प्रशासन ने चार दिन बाद भी कोई कदम नहीं उठाया है। शिक्षा विभाग का एक भी अधिकारी बालिकाओं के अभिभावकों से वार्ता करने उनके घर नहीं पहुंचा। अभिभावक सुरेंद्र, विनोद, नरेश आदि का कहना है कि कोई भी विभागीय अधिकारी उनके घर पर नहीं पहुंचा है। इन अभिभावकों का कहना है लगता है कि अब उनको अपनी बालिकाओं की टीसी कटवा कर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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खतौली। गांव तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में चौथे दिन भी ताला लटका रहा। एक अभिभावक विद्यालय से अपनी बालिकाओं की टीसी कटवाने के लिए पहुंचा। अभिभावक को मिले चपरासी ने बताया कि नए स्टाफ के आने पर ही विद्यालय का ताला खुलेगा। उधर, अभी तक बालिकाओं को वापस बुलाने को शिक्षा विभाग का को भी अधिकारी नाराज अभिभावकों को मनाने के लिए उनके घर तक नहीं पहुंचा।
विद्यालय के स्टाफ की संविदा समाप्त करने, स्टाफ को पुलिस बल के द्वारा बाहर निकालने को लेकर शुक्रवार को नाराज अभिभावक बालिकाओं को सामान समेत विद्यालय से घर लेकर चले गए थे। उसी दिन से विद्यालय पर ताला लटका हुआ है। रविवार को मेन गेट पर भी ताला लगा दिया गया था। सोमवार को भी विद्यालय में बालिकाएं नहीं लौटीं। इसलिए विद्यालय पर ताला लटका रहा। विद्यालय में नया स्टाफ भी नहीं आ रहा है।
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गांव लिसौड़ा निवासी अभिभावक सुरेंद्र अपनी बालिकाओं की टीसी कटवाने के लिए सोमवार को विद्यालय गया था। विद्यालय के मेन गेट पर ताला लटका होने पर वह वापस चल दिया। सुरेंद्र ने बताया कि रास्ते में उसको विद्यालय का चपरासी मिला था। चपरासी ने बताया कि नए स्टाफ के नहीं आने से विद्यालय के मेन गेट पर भी ताला लगा दिया गया है। नए स्टाफ के आने पर ही विद्यालय का गेट खुल सकेगा। उधर, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को भी मीडिया के लोगों के फोन रिसीव नहीं किए।
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बालिकाओं को वापस लाने की कोशिश नहीं
अभिभावकों के साथ विद्यालय छोड़कर घर गईं बालिकाओं को वापस बुलाने के लिए प्रशासन ने चार दिन बाद भी कोई कदम नहीं उठाया है। शिक्षा विभाग का एक भी अधिकारी बालिकाओं के अभिभावकों से वार्ता करने उनके घर नहीं पहुंचा। अभिभावक सुरेंद्र, विनोद, नरेश आदि का कहना है कि कोई भी विभागीय अधिकारी उनके घर पर नहीं पहुंचा है। इन अभिभावकों का कहना है लगता है कि अब उनको अपनी बालिकाओं की टीसी कटवा कर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।