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ट्रैफिक प्लान है नहीं कैसे सुलझेगा जाम
Updated Tue, 07 Nov 2017 01:03 AM IST
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यातायात माह में जाम से कराह रहा शहर
मुजफ्फरनगर।
अब यातायात माह को कागजों में कहें या सिर्फ भाषण-नारों में। असल में शहर और जिले की तस्वीर जाम के दर्द से कराहती हुई है। दिन निकलते ही सड़कों पर यातायात का निजाम बदल रहा है। प्रमुख चौराहे छोड़िए संपर्क मार्गों, शॉर्टकट रास्तों का भी बुरा हाल है। जाम के विकट हालातों से निपटने के लिए प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस के पास कोई प्लान नहीं है। जिससे जाम की समस्या को सुलझाया जा सके और जनता का राहत मिले।
शहर का दिल कहे जाने वाले शिवचौक पर दिन निकलते ही हालात विकट हो गए हैं। मीनाक्षी चौक, झांसी की रानी, महावीर चौक, रेलवे रोड, भोपा रोड, जानसठ रोड, मालवीय चौक के साथ अस्पताल तिराहे पर सुबह से शाम तक जाम के हालात बने रहे। यहां पर दो मिनट की दूरी भी आधे घंटे में पूरी हो रही है। सोमवार को स्कूली बच्चों की छुट्टी होने के बाद हालात और बिगड़ गए। यह हालात तब बने हैं, जब प्रशासनिक अमला यातायात माह मना रहा है। ट्रैफिक पुलिस के पास यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए कोई प्लान नहीं है। जाम खुलवाने के लिए इक्का-दुक्का ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी चौराहों पर तैनात है। उधर, नगर निकाय चुनाव में शहर में जाम के हालात और भी बुरे होंगे, क्योंकि चुनावी दिग्गजों की रैलियों के साथ जुलूस निकाले जाएंगे. जिसके चलते यातायात का सही संचालन नहीं हो सकेगा। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था अधिक बेपटरी होगी।
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मुजफ्फरनगर।
अब यातायात माह को कागजों में कहें या सिर्फ भाषण-नारों में। असल में शहर और जिले की तस्वीर जाम के दर्द से कराहती हुई है। दिन निकलते ही सड़कों पर यातायात का निजाम बदल रहा है। प्रमुख चौराहे छोड़िए संपर्क मार्गों, शॉर्टकट रास्तों का भी बुरा हाल है। जाम के विकट हालातों से निपटने के लिए प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस के पास कोई प्लान नहीं है। जिससे जाम की समस्या को सुलझाया जा सके और जनता का राहत मिले।
शहर का दिल कहे जाने वाले शिवचौक पर दिन निकलते ही हालात विकट हो गए हैं। मीनाक्षी चौक, झांसी की रानी, महावीर चौक, रेलवे रोड, भोपा रोड, जानसठ रोड, मालवीय चौक के साथ अस्पताल तिराहे पर सुबह से शाम तक जाम के हालात बने रहे। यहां पर दो मिनट की दूरी भी आधे घंटे में पूरी हो रही है। सोमवार को स्कूली बच्चों की छुट्टी होने के बाद हालात और बिगड़ गए। यह हालात तब बने हैं, जब प्रशासनिक अमला यातायात माह मना रहा है। ट्रैफिक पुलिस के पास यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए कोई प्लान नहीं है। जाम खुलवाने के लिए इक्का-दुक्का ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी चौराहों पर तैनात है। उधर, नगर निकाय चुनाव में शहर में जाम के हालात और भी बुरे होंगे, क्योंकि चुनावी दिग्गजों की रैलियों के साथ जुलूस निकाले जाएंगे. जिसके चलते यातायात का सही संचालन नहीं हो सकेगा। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था अधिक बेपटरी होगी।
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