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उत्कल के डिब्बों के टुकड़े मालगाड़ी व ट्रकों में जाएंगे
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उत्कल के डिब्बों के टुकड़े मालगाड़ी और ट्रकों में जाएंगे
खतौली (मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में क्षतिग्रस्त हुए 10 डिब्बों को टुकड़ों में काटकर मालगाड़ी और ट्रकों में भरकर दिल्ली और मेरठ में भेजा जाएगा। सात डिब्बों में रेलवे कर्मचारी गैस कटर से कटाई करने में जुटे हैं, तीन क्षतिग्रस्त डिब्बों में अभी कटाई प्रारंभ नहीं की जा सकी है। कर्मचारियों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर इन सभी क्षतिग्रस्त डिब्बों के गैस कटर से काटकर टुकड़े कर दिए जाएंगे। इसके बाद इन टुकड़ों को हटवा दिया जाएगा।
वर्ष 2017 को 19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन शाम 5.30 बजे के करीब जगत कालोनी के सामने अचानक हादसा हुआ था। इस हादसे में 26 मुसाफिरों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। रेलवे अधिकारियों ने इन 11 डिब्बों को घटनास्थल पर ही एक तरफ पलटवा दिया था। इसके बाद नया रेलवे ट्रैक तैयार करके ट्रेनों का संचालन कराया गया था। इनमें से एक डिब्बे को रेलवे विभाग ने उठवा भी लिया था। फिलहाल मौके पर 10 क्षतिग्रस्त डिब्बे पड़े हुए हैं। रेलवे विभाग ने इन डिब्बों को उठाने के कर्मचारियों को लगाया है। इन डिब्बों को गैस कटर से काटा जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि डिब्बों के टुकड़े करके इनको मालगाड़ी और ट्रकों के माध्यम से दिल्ली और मेरठ में भेजा जाएगा। सात डिब्बों के टुकड़े करने को रेलवे कर्मचारी गैस कटर से काटने में लगे हैं। तीन क्षतिग्रस्त डिब्बों की अभी तक गैस कटर से कटाई प्रारंभ नहीं की गई है।
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में क्षतिग्रस्त हुए 10 डिब्बों को टुकड़ों में काटकर मालगाड़ी और ट्रकों में भरकर दिल्ली और मेरठ में भेजा जाएगा। सात डिब्बों में रेलवे कर्मचारी गैस कटर से कटाई करने में जुटे हैं, तीन क्षतिग्रस्त डिब्बों में अभी कटाई प्रारंभ नहीं की जा सकी है। कर्मचारियों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर इन सभी क्षतिग्रस्त डिब्बों के गैस कटर से काटकर टुकड़े कर दिए जाएंगे। इसके बाद इन टुकड़ों को हटवा दिया जाएगा।
वर्ष 2017 को 19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन शाम 5.30 बजे के करीब जगत कालोनी के सामने अचानक हादसा हुआ था। इस हादसे में 26 मुसाफिरों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। रेलवे अधिकारियों ने इन 11 डिब्बों को घटनास्थल पर ही एक तरफ पलटवा दिया था। इसके बाद नया रेलवे ट्रैक तैयार करके ट्रेनों का संचालन कराया गया था। इनमें से एक डिब्बे को रेलवे विभाग ने उठवा भी लिया था। फिलहाल मौके पर 10 क्षतिग्रस्त डिब्बे पड़े हुए हैं। रेलवे विभाग ने इन डिब्बों को उठाने के कर्मचारियों को लगाया है। इन डिब्बों को गैस कटर से काटा जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि डिब्बों के टुकड़े करके इनको मालगाड़ी और ट्रकों के माध्यम से दिल्ली और मेरठ में भेजा जाएगा। सात डिब्बों के टुकड़े करने को रेलवे कर्मचारी गैस कटर से काटने में लगे हैं। तीन क्षतिग्रस्त डिब्बों की अभी तक गैस कटर से कटाई प्रारंभ नहीं की गई है।
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