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स्वदेशी तकनीक, स्वस्थ प्रबंधन जरुरी
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:56 AM IST
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स्वदेशी तकनीक और स्वस्थ प्रबंधन जरूरी
मुजफ्फरनगर। एसडी इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी में स्मार्ट भारत के लिए तकनीक एवं पर्यावरण प्रबंधन विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर एपी मित्तल ने कहा कि स्वदेशी तकनीक के साथ स्वस्थ प्रबंधन जरूरी है।
एआईसीटीई नई दिल्ली के मेंबर सेक्रेट्री एपी मित्तल ने कहा कि व्यक्ति सम्यक प्रबंधन से ही न्यूनता में ही अधिक उत्पादक हो सकता है। आज स्मार्ट छात्र ही स्मार्ट इंडिया बना सकता है। विशिष्ट अतिथि आईआईटी दिल्ली के वीके श्रीवास्तव ने कहा कि दुनिया में सभी राष्ट्रों की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियां भिन्न हैं। तकनीक एवं प्रबंधन की नकल की अपेक्षा सर्वसुलभ सस्ती एवं संसाधनों के उपयोग को दृष्टिगत रखकर तकनीक का विकास किया जाना चाहिए। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एमपी शर्मा ने कहा कि स्मार्ट इंडिया बनाने में बेस्ट मैनेजमेंट भी एक बड़ा जरिया हो सकता है। कॉलेज के अधिशासी निदेशक एसएन चौहान ने कहा कि स्मार्ट इंडिया का तात्पर्य करप्शन और पॉल्यूशन मुक्त भारत से है। अनुज अग्रवाल, केबी शिवकुमार, आरस मिश्रा, डॉ सुधांशु त्यागी, जेपी केसरी ने विचार रखे।
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मुजफ्फरनगर। एसडी इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी में स्मार्ट भारत के लिए तकनीक एवं पर्यावरण प्रबंधन विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर एपी मित्तल ने कहा कि स्वदेशी तकनीक के साथ स्वस्थ प्रबंधन जरूरी है।
एआईसीटीई नई दिल्ली के मेंबर सेक्रेट्री एपी मित्तल ने कहा कि व्यक्ति सम्यक प्रबंधन से ही न्यूनता में ही अधिक उत्पादक हो सकता है। आज स्मार्ट छात्र ही स्मार्ट इंडिया बना सकता है। विशिष्ट अतिथि आईआईटी दिल्ली के वीके श्रीवास्तव ने कहा कि दुनिया में सभी राष्ट्रों की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियां भिन्न हैं। तकनीक एवं प्रबंधन की नकल की अपेक्षा सर्वसुलभ सस्ती एवं संसाधनों के उपयोग को दृष्टिगत रखकर तकनीक का विकास किया जाना चाहिए। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एमपी शर्मा ने कहा कि स्मार्ट इंडिया बनाने में बेस्ट मैनेजमेंट भी एक बड़ा जरिया हो सकता है। कॉलेज के अधिशासी निदेशक एसएन चौहान ने कहा कि स्मार्ट इंडिया का तात्पर्य करप्शन और पॉल्यूशन मुक्त भारत से है। अनुज अग्रवाल, केबी शिवकुमार, आरस मिश्रा, डॉ सुधांशु त्यागी, जेपी केसरी ने विचार रखे।
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