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फर्जी नंबर प्लेट से दौड़ा रहे ई-रिक्शा
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:04 AM IST
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फर्जी नंबर प्लेट से दौड़ा रहे ई-रिक्शा
मुजफ्फरनगर। शहर में ई-रिक्शा चालकों का बड़ा गोरखधंधा पकड़ा गया है। बिना पंजीकृत ई-रिक्शा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दौड़ाया जा रहा है। अब विभाग इनकी धरपकड़ के लिए जुट गया है। एआरटीओ ने पंजीकृत डीलर्स की मीटिंग लेकर ई-रिक्शा विक्रय का ब्योरा मांगा है। बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा शहर में नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए आरआई, एआरटीओ प्रवर्तन के निर्देशन में दो टीमें बनाई गई हैं।
सहायक संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत ई-रिक्शा का आंकड़ा दो हजार भी नहीं है। दिन निकलते ही शहर की सड़कों पर ई-रिक्शाओं का राज होता है। हर चौराहा जाम रहने के साथ आड़े-तिरछी खड़ी ई-रिक्शा के कारण पैदल निकलना भी दूभर है। इसकी लगातार विभाग में शिकायत की गई। एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र सिंह ने जांच की तो अधिकांश ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के दौड़ रही हैं, जिन्हें सीज किया गया। मंगलवार को एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने शहर के पंजीकृत ई-रिक्शा विक्रेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें सभी डीलर्स से पिछले छह माह में विक्रय की गई ई-रिक्शा का ब्योरा मांगा गया। इस दौरान डीलर्स ने बताया कि ई-रिक्शा चालक कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। अधिकांश ई-रिक्शा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाई जा रही है। एआरटीओ ने इसको लेकर आरआई राजेश कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन की टीम बनाकर धोखाधड़ी, विभाग को राजस्व हानि पहुंचाने वाले ई-रिक्शा को बुधवार से अभियान चलाकर बंद करने के निर्देश दिए हैं। पंजीकृत डीलर से खरीदी गई ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं मिलने पर उसके खिलाफ 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। शहर में ई-रिक्शा चालकों का बड़ा गोरखधंधा पकड़ा गया है। बिना पंजीकृत ई-रिक्शा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दौड़ाया जा रहा है। अब विभाग इनकी धरपकड़ के लिए जुट गया है। एआरटीओ ने पंजीकृत डीलर्स की मीटिंग लेकर ई-रिक्शा विक्रय का ब्योरा मांगा है। बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा शहर में नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए आरआई, एआरटीओ प्रवर्तन के निर्देशन में दो टीमें बनाई गई हैं।
सहायक संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत ई-रिक्शा का आंकड़ा दो हजार भी नहीं है। दिन निकलते ही शहर की सड़कों पर ई-रिक्शाओं का राज होता है। हर चौराहा जाम रहने के साथ आड़े-तिरछी खड़ी ई-रिक्शा के कारण पैदल निकलना भी दूभर है। इसकी लगातार विभाग में शिकायत की गई। एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र सिंह ने जांच की तो अधिकांश ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के दौड़ रही हैं, जिन्हें सीज किया गया। मंगलवार को एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने शहर के पंजीकृत ई-रिक्शा विक्रेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें सभी डीलर्स से पिछले छह माह में विक्रय की गई ई-रिक्शा का ब्योरा मांगा गया। इस दौरान डीलर्स ने बताया कि ई-रिक्शा चालक कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। अधिकांश ई-रिक्शा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाई जा रही है। एआरटीओ ने इसको लेकर आरआई राजेश कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन की टीम बनाकर धोखाधड़ी, विभाग को राजस्व हानि पहुंचाने वाले ई-रिक्शा को बुधवार से अभियान चलाकर बंद करने के निर्देश दिए हैं। पंजीकृत डीलर से खरीदी गई ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं मिलने पर उसके खिलाफ 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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