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अभयदेव की वेदज्ञ वाणी से सम्मोहित हो गए थे बापू
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:24 AM IST
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धूमधाम से मनाई आचार्य अभयदेव की जयंती
चरथावल। कस्बे में श्री अरविंद निकेतन आश्रम में आचार्य अभयदेव की जयंती धूमधाम से मनाई गई। स्वामी वेदातंम वेद ने कहा कि आचार्य महान योगी और तपस्वी थे। उनकी वेदज्ञ वाणी से महात्मा गांधी भी सम्मोहित हो गए थे। साधकों ने ध्यान लगाकर महान योगी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
रविवार को कस्बे में श्री अरविंद आश्रम में आचार्य की जयंती पर दूरदराज से आए साधकों ने ध्यान कक्ष में साधना की। मुख्य वक्ता स्वामी वेदातंम ने आचार्य के अनूठे जीवन के विषय में अनेक प्रसंग प्रस्तुत किए। आश्रम में यज्ञ का आयोजन हुआ। धर्मराज त्यागी ने कहा कि उनके जन्म से चरथावल की भूमि धन्य हो गई थी। उनकी सादगी, सरलता और तपस्वी जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य जीवन का पालन किया। महान योगी आचार्य अभयदेव के योग दर्शन पर चर्चा की। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वेद ऋचाओं से यज्ञ कराया। पूर्व प्रधानाचार्य धर्मराज त्यागी, बालकृष्ण त्यागी, विजयपाल त्यागी मुबारकपुर, यशवीर त्यागी, शक्ति देव त्यागी, शशिबाला, आचार्य योगेश आर्य, प्रदीप बालियान, सोनू त्यागी, प्रधानाचार्या रश्मि त्यागी, नीरज त्यागी, आचार्य राजन विकास आदि मौजूद रहे।
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चरथावल। कस्बे में श्री अरविंद निकेतन आश्रम में आचार्य अभयदेव की जयंती धूमधाम से मनाई गई। स्वामी वेदातंम वेद ने कहा कि आचार्य महान योगी और तपस्वी थे। उनकी वेदज्ञ वाणी से महात्मा गांधी भी सम्मोहित हो गए थे। साधकों ने ध्यान लगाकर महान योगी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
रविवार को कस्बे में श्री अरविंद आश्रम में आचार्य की जयंती पर दूरदराज से आए साधकों ने ध्यान कक्ष में साधना की। मुख्य वक्ता स्वामी वेदातंम ने आचार्य के अनूठे जीवन के विषय में अनेक प्रसंग प्रस्तुत किए। आश्रम में यज्ञ का आयोजन हुआ। धर्मराज त्यागी ने कहा कि उनके जन्म से चरथावल की भूमि धन्य हो गई थी। उनकी सादगी, सरलता और तपस्वी जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य जीवन का पालन किया। महान योगी आचार्य अभयदेव के योग दर्शन पर चर्चा की। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वेद ऋचाओं से यज्ञ कराया। पूर्व प्रधानाचार्य धर्मराज त्यागी, बालकृष्ण त्यागी, विजयपाल त्यागी मुबारकपुर, यशवीर त्यागी, शक्ति देव त्यागी, शशिबाला, आचार्य योगेश आर्य, प्रदीप बालियान, सोनू त्यागी, प्रधानाचार्या रश्मि त्यागी, नीरज त्यागी, आचार्य राजन विकास आदि मौजूद रहे।
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