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मौलवी हटाने के विवाद का पटाक्षेप, अब तनाव समाप्त
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:19 AM IST
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मौलवी हटाने के विवाद का पटाक्षेप
रतनपुरी/खतौली। गांव टोडा में स्थित मदरसा जामिया दारुल के मौलवी शोएब आलम को हटाने के लिए ग्रामीणों में आपस में विवाद हो गया था। रविवार को दोनों पक्षों को रतनपुरी थाने पर समझौता वार्ता के लिए बुलवाया गया। थाने में एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान, सीओ बुढ़ाना अरुण कुमार सिंह और बुढ़ाना भाजपा विधायक उमेश मलिक के समक्ष समझौता वार्ता चली।
गांव टोडा निवासी साजिद पुत्र जासुदीन ने 11 वर्ष पूर्व अपने मरहूम माता पिता की याद में अपनी कुछ जमीन स्वेच्छा से मदरसा हेतु दान की थी। जहां पर कसेरवा निवासी शोएब आलम पुत्र रहीसुद्दीन मौलवी के रूप में काम करता है। उसने इस मदरसे को खड़ा किया। आज इस मदरास में लगभग 350 छात्र हैं। लेकिन अब ग्राम प्रधान नसीम और साजिद पक्ष के साथ कुछ ग्रामीण मौलवी को वहां से हटाना चाहते हैं। मौलवी पर यह पक्ष तरह तरह के आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे। गांव के पूर्व प्रधान मंगता पक्ष के लोग मौलवी को मदरसा से हटाने का विरोध कर रहे थे। जिसको लेकर गांव में दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव का माहौल बना हुआ था। अधिकारियों ने दोनों पक्षो की बात को ध्यान से सुना और मामले के निस्तारण के लिए एक छह सदस्यों की कमेटी गठित करने की पेशकश की। इस पर दोनों पक्ष के छह लोगों ने मिलकर समझौता किया कि मौलवी शोएब आलम को पुराने मदरसा जामिया नासिर उलूम पर और साजिद पक्ष को नए मदरसा जामिया दारुल फला पर काबिज कराया गया।
इस फैसले पर दोनों पक्ष के लोगों ने अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। प्रशासनिक अधिकारियों और बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक की इस सराहनीय पहल की ग्रामीणों ने प्रशंसा की। इससे ग्रामीणों के बीच उत्पन्न विवाद का शांतिपूर्ण निस्तारण हुआ और इससे गांव में उत्पन्न तनाव भी समाप्त हो गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, प्रधान नसीम, पूर्व प्रधान मंगता, प्रधान मनोज शर्मा, साजिद, अमित, इकरामुद्दीन, हुसनु, एजाजुद्दीन, इलियास, इसराइल, रियासत, फकरू आदि मौजूद रहे।
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रतनपुरी/खतौली। गांव टोडा में स्थित मदरसा जामिया दारुल के मौलवी शोएब आलम को हटाने के लिए ग्रामीणों में आपस में विवाद हो गया था। रविवार को दोनों पक्षों को रतनपुरी थाने पर समझौता वार्ता के लिए बुलवाया गया। थाने में एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान, सीओ बुढ़ाना अरुण कुमार सिंह और बुढ़ाना भाजपा विधायक उमेश मलिक के समक्ष समझौता वार्ता चली।
गांव टोडा निवासी साजिद पुत्र जासुदीन ने 11 वर्ष पूर्व अपने मरहूम माता पिता की याद में अपनी कुछ जमीन स्वेच्छा से मदरसा हेतु दान की थी। जहां पर कसेरवा निवासी शोएब आलम पुत्र रहीसुद्दीन मौलवी के रूप में काम करता है। उसने इस मदरसे को खड़ा किया। आज इस मदरास में लगभग 350 छात्र हैं। लेकिन अब ग्राम प्रधान नसीम और साजिद पक्ष के साथ कुछ ग्रामीण मौलवी को वहां से हटाना चाहते हैं। मौलवी पर यह पक्ष तरह तरह के आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे। गांव के पूर्व प्रधान मंगता पक्ष के लोग मौलवी को मदरसा से हटाने का विरोध कर रहे थे। जिसको लेकर गांव में दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव का माहौल बना हुआ था। अधिकारियों ने दोनों पक्षो की बात को ध्यान से सुना और मामले के निस्तारण के लिए एक छह सदस्यों की कमेटी गठित करने की पेशकश की। इस पर दोनों पक्ष के छह लोगों ने मिलकर समझौता किया कि मौलवी शोएब आलम को पुराने मदरसा जामिया नासिर उलूम पर और साजिद पक्ष को नए मदरसा जामिया दारुल फला पर काबिज कराया गया।
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इस फैसले पर दोनों पक्ष के लोगों ने अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। प्रशासनिक अधिकारियों और बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक की इस सराहनीय पहल की ग्रामीणों ने प्रशंसा की। इससे ग्रामीणों के बीच उत्पन्न विवाद का शांतिपूर्ण निस्तारण हुआ और इससे गांव में उत्पन्न तनाव भी समाप्त हो गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, प्रधान नसीम, पूर्व प्रधान मंगता, प्रधान मनोज शर्मा, साजिद, अमित, इकरामुद्दीन, हुसनु, एजाजुद्दीन, इलियास, इसराइल, रियासत, फकरू आदि मौजूद रहे।
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