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इबादत के साथ सेहत का भी ख्याल रखें रोजेदार
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:36 AM IST
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लापरवाही पड़ सकती है सेहत पर भारी
मुजफ्फरनगर। बढ़ते तापमान के बीच रोजेदारों के लिए भी मुसीबत खड़ी हो गई है। पारा 42 के पार चल रहा है। साथ ही लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल हो गया है। ऐसे में रोजेदारों को भी सही खान-पान की लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। इबादत के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। सहरी और इफ्तार के वक्त सही खानपान ही बीमारी से बचा सकता है।
मुकद्दस-ए-रमजान में इबादत के साथ सेहत का भी ख्याल रखना जरूरी है। क्योंकि रोजे के समय दिन में कुछ भी नहीं खाया-पीया जाता है। रमजान माह में रोजेदारे सहरी और इफ्तार के समय में खान-पान होता है। पिछले तीन-चार दिनों से बढ़ते तापमान के कारण आम नागरिकों के साथ रोजेदार भी हलकान हो गए हैं। चंद मिनटों में गले में शुष्कपन महसूस हो रहा है। रविवार को भी पारा 42 डिग्री के पार रहा, जिससे जनजीवन पर प्रभावित रहा। वहीं, लू के थपेड़ों ने अधिकतर लोगों को परेशान किया। रमजान माह में सहरी से इफ्तार के बीच करीब 15 घंटे का समय चल रहा है। ऐसे में इफ्तार में अधिक पानी पीना या तली-भूनी चीजों का इस्तेमाल सेहत पर प्रभाव डाल सकता है। जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ राजेश कुमार डाबरे ने बताया कि रोजेदार को खान-पान का सबसे अधिक ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि जून माह भीषण गर्मी वाला रहता है। ऐसे में पानी की कमी कई बीमारियां पैदा कर सकता है। इफ्तार के समय अधिक पानी न पिएं। यह पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। भारी भोजन न करें। इससे शुगर कम होने के साथ रोजेदार को चक्कर आने, उल्टी आदि की शिकायत पैदा हो सकती है।
जरूरी है सेहत का ख्याल
मौलाना कलीमुल्ला बताते हैं कि रमजान पाक इबादत का महीना है। इस महीने में रोजेदार को जितना ख्याल इबादत रखना होता है, उसके साथ ही सेहत पर ध्यान दें। क्योंकि सेहतमंद ही इबादत कर पाता है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित महिला या पुरुष डॉक्टरी सलाह के अनुसार रमजान पाक में रोजे रखकर इबादत करें।
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सहरी और इफ्तार में यह रखे ध्यान
-खाने में प्रोटीन अधिक लेना चाहिए। इससे कम भूख लगती है।
-सहरी के समय अंडा, आटे की रोटी, ताजे फल का प्रयोग करें। बिरयानी, कबाब, और फास्ट फूड्स से बचें। -इफ्तार के समय तला हुआ खाना शरीर के लिए हानिकारक है।
-खाने में चिकनाई या नमक की मात्रा अधिक रखने से प्यास ज्यादा महसूस होगी।
-सहरी और इफ्तार में सलाद का अधिक प्रयोग करें।
-सहरी में चाय, काफी और कोल्डड्रिंक्स का इस्तेमाल न के बराबर करें।
-सहरी-इफ्तार में कार्बोहाईडे्रट्स जैसे ब्राउन राइस, चोकरयुक्त रोटी, साबुत दाले आदि अधिक प्रयोग करें।
-इफ्तार के समय हल्का आहार लेने के साथ रुक-रुक कर पेयपदार्थ अधिक लें। इसमें नारियल पानी, प्यूरीफाई पानी शामिल करें।
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मुजफ्फरनगर। बढ़ते तापमान के बीच रोजेदारों के लिए भी मुसीबत खड़ी हो गई है। पारा 42 के पार चल रहा है। साथ ही लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल हो गया है। ऐसे में रोजेदारों को भी सही खान-पान की लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। इबादत के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। सहरी और इफ्तार के वक्त सही खानपान ही बीमारी से बचा सकता है।
मुकद्दस-ए-रमजान में इबादत के साथ सेहत का भी ख्याल रखना जरूरी है। क्योंकि रोजे के समय दिन में कुछ भी नहीं खाया-पीया जाता है। रमजान माह में रोजेदारे सहरी और इफ्तार के समय में खान-पान होता है। पिछले तीन-चार दिनों से बढ़ते तापमान के कारण आम नागरिकों के साथ रोजेदार भी हलकान हो गए हैं। चंद मिनटों में गले में शुष्कपन महसूस हो रहा है। रविवार को भी पारा 42 डिग्री के पार रहा, जिससे जनजीवन पर प्रभावित रहा। वहीं, लू के थपेड़ों ने अधिकतर लोगों को परेशान किया। रमजान माह में सहरी से इफ्तार के बीच करीब 15 घंटे का समय चल रहा है। ऐसे में इफ्तार में अधिक पानी पीना या तली-भूनी चीजों का इस्तेमाल सेहत पर प्रभाव डाल सकता है। जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ राजेश कुमार डाबरे ने बताया कि रोजेदार को खान-पान का सबसे अधिक ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि जून माह भीषण गर्मी वाला रहता है। ऐसे में पानी की कमी कई बीमारियां पैदा कर सकता है। इफ्तार के समय अधिक पानी न पिएं। यह पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। भारी भोजन न करें। इससे शुगर कम होने के साथ रोजेदार को चक्कर आने, उल्टी आदि की शिकायत पैदा हो सकती है।
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जरूरी है सेहत का ख्याल
मौलाना कलीमुल्ला बताते हैं कि रमजान पाक इबादत का महीना है। इस महीने में रोजेदार को जितना ख्याल इबादत रखना होता है, उसके साथ ही सेहत पर ध्यान दें। क्योंकि सेहतमंद ही इबादत कर पाता है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित महिला या पुरुष डॉक्टरी सलाह के अनुसार रमजान पाक में रोजे रखकर इबादत करें।
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सहरी और इफ्तार में यह रखे ध्यान
-खाने में प्रोटीन अधिक लेना चाहिए। इससे कम भूख लगती है।
-सहरी के समय अंडा, आटे की रोटी, ताजे फल का प्रयोग करें। बिरयानी, कबाब, और फास्ट फूड्स से बचें। -इफ्तार के समय तला हुआ खाना शरीर के लिए हानिकारक है।
-खाने में चिकनाई या नमक की मात्रा अधिक रखने से प्यास ज्यादा महसूस होगी।
-सहरी और इफ्तार में सलाद का अधिक प्रयोग करें।
-सहरी में चाय, काफी और कोल्डड्रिंक्स का इस्तेमाल न के बराबर करें।
-सहरी-इफ्तार में कार्बोहाईडे्रट्स जैसे ब्राउन राइस, चोकरयुक्त रोटी, साबुत दाले आदि अधिक प्रयोग करें।
-इफ्तार के समय हल्का आहार लेने के साथ रुक-रुक कर पेयपदार्थ अधिक लें। इसमें नारियल पानी, प्यूरीफाई पानी शामिल करें।